सरकारी तीर्थयात्रा को बताया दिखावा

भोपाल, 26 अप्रैल, नभासं. प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के प्रांगण में आयोजित एक सादे समारोह में आज पवित्र पीपल तीर्थ की स्थापना की गई.इसके बाद प्रदेश कांग्रेस के आव्हान पर राज्य के सभी 50 हजार से अधिक ग्रामों में पीपल तीर्थ की स्थापना की जाएगी.

पीपल तीर्थ की स्थापना का मूल उद्देश्य प्रदेश की जनता में यह जागृति पैदा करना है कि श्रीमद् भागवद् पुराण के अनुसार परिश्रम से अर्जित और पवित्र साधनों से ही तीर्थ यात्रा की जाना चाहिए, क्योंकि ऐसी तीर्थ यात्रा ही पुण्य दायक होती है. कांग्रेस ने कहा है कि जो लोग आर्थिक रूप से सामथ्र्यवान नहीं हैं वे पवित्र पीपल की परिक्रमा कर सभी तीर्थों का पुण्य अर्जित कर सकते हैं. जैसा कि पद्म पुराण में कहा गया है कि श्री विष्णु का वास पीपल में होता है.

गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने पीपल को अपनी विभूति माना है. ऐसा माना जाता है कि पीपल में 33 करोड़  देवी- देवताओं का वास होता है. पुराणों में यह भी उल्लेख है कि पीपल की परिक्रमा करने से सारे तीर्थों का पुण्य प्राप्त हो जाता है. इसी पृष्ठभूमि में कांग्रेस ने जनता से आग्रह है कि पाखंडी और नौटंकीबाज भाजपा सरकार के साधनों से तीर्थ करने की अपेक्षा परिश्रम से अर्जित किये हुए धन और साधनों से तीर्थ यात्रा करे. जो लोग समर्थ नहीं हैं, वे पीपल की परिक्रमा करके सहज ही पुण्य अर्जित करें.

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