नई दिल्ली, 19 सितंबर. सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को कहा कि यूपीए सरकार के अडिय़ल रवैये से कांग्रेस बहुत कमजोर होगी। यादव ने कहा कि कांग्रेस विचार करे कि उसने आखिर देश को क्या दिया? कांग्रेस ने सिर्फ किसानों और आम आदमी का भार बढ़ाया है।

मुलायम ने डीजल के दामों में वृद्धि, रसोई गैस के सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या 6 तक सीमित करने और रिटेल में एफडीआई की अनुमति देने जैसे फैसलों को जन विरोधी बताया। सरकार को सदबुद्धि आनी चाहिए। तृणमूल कांग्रेस के समर्थन वापस लेने के बाद सपा की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पार्टी संसदीय बोर्ड की बृहस्पतिवार को बैठक होगी जिसमें उचित फैसला लिया जाएगा।  सरकार में शामिल द्रमुक ने भी 20 सितंबर को किए जा रहे आठ दलों के देशव्यापी बंद में शामिल होना का फैसला किया है। ऐसे में अब सबकी निगाहें यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा के मुखिया मुलायम सिंह की तरफ लगी हुई हैं कि वे क्या फैसला लेते हैं।

छात्राओं का प्रोत्साहन अखिलेश पर निर्भर
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से सूबे के दसवीं पास बीपीएल/अन्त्योदय छात्राओं को 20 हजार रुपए दिए जाने की योजना मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में फंसी हुई है। विभाग की योजना पहले केवल बीपीएल व अन्त्योदय छात्राओं को प्रोत्साहन राशि देने की थी। लेकिन कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों ने सामान्य श्रेणी की छात्राओं को भी योजना में शामिल किए जाने का सुझाव देते हुए अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री पर डाल दिया था। ऐसे में कैबिनेट की बैठक में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका।

अब फाइल मुख्यमंत्री के निर्णय के इंतजार में सीएमओ में फंसी है। फिलहाल मामले में विभागीय उच्चाधिकारी कुछ भी कहने बच रहे हैं। गौरतलब है कि 28 अगस्त हुई कैबिनेट की बैठक में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की छात्राओं के 10वीं पास कर 11वीं या समकक्ष कक्षा में नामांकन कराने पर 20 हजार रुपए प्रोत्साहन योजना के तहत दिए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। कैबिनेट में रखे गए प्रस्ताव पर मंत्री परिषद का सुझाव था कि 10वीं पास अल्पसंख्यक छात्राओं को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से छात्राओं को आगे की शिक्षा या फिर शादी के लिए 30 हजार रुपए दिया जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से बीपीएल व अन्त्योदय कार्ड धारक परिवार की छात्राओं को 20 हजार रुपए दिए जाने का प्रस्ताव है तो फिर क्यों न बाकी गरीब छात्राओं को भी योजना में शामिल कर लिया जाए।

शासन द्वारा कैबिनेट को भेजे गए प्रस्ताव में 11वीं में नामांकन कराने वाली 3.50 लाख छात्राओं को अनुदान देने पर 700 करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 10वीं पास कर 11वीं में एडमिशन कराने वाली बीपीएल और अन्त्योदय कार्ड धारक परिवार की लड़कियों को भी आगे की शिक्षा के लिए प्रेरित करने के लिए 20 हजार रुपए देने की योजना है। राशि का भुगतान सीधे छात्राओं के बैंक खाते में किए जाने का प्रावधान किया गया है। योजना से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद और उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद से हाई स्कूल अथवा समकक्ष परीक्षा पास कर 11वीं में एडमिशन लेने वाली लड़कियां ही लाभान्वित होंगी।

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