खाद-बिजली-कोयला आवंटन में केंद्र सरकार द्वारा भेदभाव

सागर, 8 जनवरी, नससे. केन्द्र की कांग्रेस सरकार द्वारा खाद, बिजली, कोयला के आवंटन में मप्र की भाजपा सरकार के साथ भेद-भाव किया जा रहा है, जिससे मप्र के विकास में बाधाएं आ रही हैं. यह बात पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री पं. गोपाल भार्गव ने रविवार को  पत्रकारों से कही.

उन्होंने कहा कि यह अफसोस की बात है कि यह बाधाएं भी प्रदेश के कांगे्रस नेताओं द्वारा ही खड़ी की जा रही हैं, क्योंकि उनके पास प्रदेश सरकार के खिलाफ न कोई मुद्दा है और न ही प्रदेश के विकास का कोई एजेंडा. उन्होंने आरोप लगाया कि कांगे्रस के 40 विधायक दिल्ली में घूमते रहे, लेकिन प्रदेश के वाजिब हक दिलाने के बारे में उन्होंने केन्द्र सरकार से बात करना तक उचित नहीं समझा. उर्वरक : उन्होंने बताया कि लगातार मांग के बावजूद केन्द्र सरकार द्वारा खाद की पर्याप्त आपूर्ति नहीं की जा सकी है. उर्वरक आयात हेतु समय पर सौदे नहीं किए जाने से प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता में भारी कमी बनी हुई है.

पं. भार्गव ने केन्द्र पर आरोप लगाया कि प्रदेश के बिरसिंहपुर, सारणी एवं अमरकंटक ताप विद्युत गृहों के लिए केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा अनुशंसित 17.1 लाख टन कोल के विरूद्ध कोल मंत्रालय द्वारा केवल 13.55 लाख टन का ही आवंटन किया गया है और वास्तव में लगभग केवल 11 लाख टन कोयला ही मप्र को मिल पा रहा है, साथ ही कोयले की गुणवत्ता में कमी से भी उत्पादन प्रभावित हो रहा है. नतीजे में बिजली कम बन पा रही है.  उन्होंने कहा कि प्रदेश के 52 हजार गांव में 2013 तक सीमेंट की सड़कें बनायी जाएंगी, जिससे कि उक्त ग्राम  शहर से जुड़ सके. भार्गव से पत्रकारों ने जिला कलेक्टर एवं एसपी को हटाने की मांग की, उन्होंने कहा कि आप लोग कह रहे हैं, तो उन्हे जरूर हटाया जायेगा. इस संबंध में शीघ्र ही मुख्यमंत्री से चर्चा की जायेगी. उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं के लिए अगर पत्रकार किसी अधिकारी से चर्चा करता तो उन्हें जानकारी मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि राजनैतिक व प्रशासनिक तौर पर एक या दो दिन में शीघ्र ही महापौर की घोषणा की जायेगी.

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