नई दिल्ली, 17 जनवरी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण की अधिसूचना जारी हो चुकी है और वोटर के मूड के हिसाब से बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी में कांटे की टक्कर नजर आ रही है. पंजाब में अकाली-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस में कड़ा मुकाबला है जबकि उत्तराखंड में बसपा किंगमेकर बनने की राह पर है. एक सर्वे के मुताबिक, यूपी में बीएसपी अब भी अनुमानित 145 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही है. सपा 138 सीटें और कांग्रेस 48 सीटों के साथ तीसरा स्थान पक्का कर रही है जबकि भाजपा को 41 सीटें मिलने का अनुमान है.

दूसरे चरण में भी बसपा यूपी की सबसे बड़ी पार्टी
भाजपा को चौथे स्थान पर खिसकाकर कांग्रेस किंगमेकर होने की ताकत जरूर हासिल करती दिख रही है. सत्ता विरोधी लहर के चलते सपा ने पूर्वांचल और अवध में बढ़त बनाई है. प्रदेश का सवर्ण कांग्रेस और भाजपा के साथ दिख रहा है. कुशवाहा प्रकरण से भाजपा को हुए नुकसान का फायदा उठाने में कांग्रेस कामयाब हो रही है. मुसलिम या तो सपा के साथ हैं और जहां सपा कमजोर है वहां कांग्रेस के साथ हैं. मूर्ति प्रकरण से बसपा के दलित वोटर एकजुट हुए हैं. बसपा से दूर रहे शहरी मध्यवर्ग और सवर्णों को नजदीक लाने के लिए पार्टी ने आखिरी वक्त पर प्रत्याशियों की सूची के जरिये प्रयास किया है पर इसका असर रिजल्ट से ही पता चलेगा.

कांग्रेस ने अपनी शुरुआती बढ़त खो दी
उत्तराखंड में पार्टी की कलह के चलते कांग्रेस ने अपनी शुरुआती बढ़त खो दी है. यूपी के उलट यहां कांग्रेस का खेल खराब कर बसपा किंगमेकर बनती दिख रही है. मुख्यमंत्री बी.सी. खंडूरी की अच्छी छवि का फायदा बीजेपी को होता दिख रहा है लेकिन वह पार्टी को बहुमत के आंकड़े तक ले जाता नहीं दिख रहा है. दूसरे दौर के सर्वे के मुताबिक भाजपा को 24, कांग्रेस को 30, बसपा को 11 और यूकेडी को 2 सीटें मिलने का अनुमान है. पंजाब में कांग्रेस और अकाली दल के बीच कांटे की लड़ाई दूसरे दौर के सर्वे में भी नजर आ रही है. शहरी मतदाता भाजपा से छिटककर पीपीपी का दामन पकड़ रहा है. इससे कांग्रेस सरकार विरोधी लहरा का फायदा नहीं उठा पा रही है. मालवा में कांग्रेस और माझा व दोआबा में अकाली-भाजपा की पकड़ कमजोर होती दिख रही है. दूसरे दौर में कांग्रेस को 52 और अकाली-भाजपा को 59 सीटें मिलने का अनुमान है.

विकास के नाम पर लूट

रुड़की. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी मंगलवार को रुड़की में एक चुनावी जनसभा में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी पर जमकर निशाना साधा. सोनिया ने आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को भारी मतों से जीत दिलाने की अपील की. सोनिया ने कहा कि कुछ लोग रुड़की को लूट रहे है. उन्होंने कहा कि राज्य में विकास के नाम पर भारी लूट मची हुई है. केंद्र की ओर से भेजे जा रहे पैसे का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है. राज्य के विकास के लिए केंद्र द्वारा भेजे जा रहे पैसे का केवल 40 फीसदी इस्तेमाल हो रहा है. प्रदेश के नौजवान बेरोजगार घूम रहे है. सोनिया ने कहा कि प्रगति के नाम पर राज्य की जमीन लूटी जा रही है. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चेहरे बदलने से राज्य में मुद्दे नहीं बदल जाते हैं. राज्य सरकार की झूठ की चादर छोटी पड़ गई है. भाजपा ने राज्य का मुख्यमंत्री बदल दिया, लेकिन चेहरा नहीं बदला. मुख्यमंत्री बदलने से काम नहीं चलेगा. सरकार बदलना जरूरी हैं. मालूम हो कि उत्तराखंड चुनाव के लिए सोनिया गांधी की यह पहली रैली है.

पिछली गलतियां नहीं दोहराएंगे : मुलायम

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव मुस्लिम नेताओं को पिछली गलतियां न दोहराने का भरोसा दिलाने में लगे हुए हैं. शाही इमाम मौलाना सैयद अहमद बुखारी को लिखे पत्र में उन्होंने सच्चर कमेटी और रंगनाथ कमीशन की सिफारिशों को लागू करने पर सहमति व्यक्त की है. साथ ही कांग्रेस के आरक्षण को छलावा करार देते हुए मुसलमानों को इससे कहीं ज्यादा आरक्षण दिए जाने का आश्वासन दिया है. जामा मसजिद के शाही इमाम ने विगत 23 दिसंबर को सपा प्रमुख को पत्र लिख कर सात बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया था. मुलायम सिंह ने सिलसिलेवार इनका जवाब दिया है. अपने आपको सच्चा हितैषी बताते हुए मुलायम ने मुसलमानों की दयनीय सियासी, सामाजिक और शैक्षणिक हालत पर अफसोस जाहिर किया है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पूरे देश में 4.5 प्रतिशत आरक्षण का माहौल बनाया, लेकिन जब इसके संबंध में संसद में बिल पेश हुआ तो आरक्षण अल्पसंख्यकों को दिया गया. यानी ईसाई, जैन, बौद्ध, पारसी, सिख और मुसलमानों को इसमें शामिल किया गया है. उन्होंने कहा कि यह मुसलमानों के साथ धोखा है. सपा ने 9 जनवरी को मुलायम सिंह के बुखारी को भेजे गए इस पत्र को सोमवार को पार्टी की ओर से जारी किया गया. इसमें सपा नेता ने कहा है कि शिक्षा और रोजगार में आरक्षण दिए जाने के वे ठोस हिमायती हैं. केरल और आंध्र प्रदेश की तर्ज पर मुसलमानों को इतना आरक्षण दिया जाएगा, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती. वह आरक्षण देश में मिसाल होगा. उर्दू की तरक्की और मदरसों के तकनीकी शिक्षण के संबंध में आधुनिक तरीकों को अपनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर संभव हुआ तो मुसलमानों के पिछड़ेपन का पता लगाने के लिए आयोग का भी गठन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि दहशतगर्दी के नाम पर बेगुनाह मुसलमानों के साथ सपा अन्याय नहीं होने देगी. गौरतलब है कि वर्ष 2004 में शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने जामा मसजिद से भाजपा के समर्थन का ऐलान किया था. लेकिन केन्द्र में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार बनी थी. इसी तरह मुलायम सिंह यादव पूर्व भाजपा नेता कल्याण सिंह को पार्टी में शामिल करने पर मुसलमानों का निशाने बने थे. मौजूदा हालात में बुखारी और मुलायम दोनों ही अपनी गलती को दुरुस्त करने की कोशिश कर रहे हैं.

Related Posts: