चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर हमले अनुचित

राची, 13 फरवरी. भाजपा संसदीय दल के नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने आरोप लगाया लगाया कि पिछले दिनों में लगातार नियंत्रक एवं महा लेखा परीक्षक तथा चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर हमले करके काग्रेस गलत परंपरा की नींव डाल रही हैं.

आडवाणी ने कहा कि पिछले दिनों में लगातार ऐसी बातें हो रही है. कोई 2जी घोटाले में देश को पौने दो लाख करोड़ रुपये के नुकसान की बात करने पर सीएजी की आलोचना करता है तो कोई चुनाव आयोग पर हमले करता है. मैं अभी सिर्फ चुनाव आयोग की केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद द्वारा की गई अवहेलना के बारे में ही बातचीत करना चाहता हूं क्योंकि पाच राज्यों और विशेषकर उत्तरप्रदेश में चुनावों का आयोजन हुआ है. आजादी के बाद पिछले साठ वर्षों के चुनावी इतिहास में पहली बार चुनाव आयोग को एक केंद्रीय मंत्री की सार्वजनिक भत्र्सना करनी पड़ी है. आडवाणी ने कहा कि इतना ही नहीं चुनाव आयोग की कार्रवाई पर केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद की प्रतिक्रिया और फासी चढ़ाए जाने पर भी मुसलमानों को नौ प्रतिशत आरक्षण देने की बात करते रहने की जिद के बाद मजबूर होकर मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा राष्ट्रपति को उनके आचरण के बारे में पत्र लिखे जाने की स्थिति बनना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है.पूरे चुनाव आयोग को बैठक कर इस तरह का पत्र राष्ट्रपति के लिखने का निर्णय करना एक बड़ी घटना है और प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह को तत्काल इस संबंध में कार्रवाई करनी चाहिए.

उत्तर प्रदेश समेत देश के पाच राज्यों में चुनावों की अधिसूचना जारी होने के बाद केंद्रीय कानूनमंत्री सलमान खुर्शीद ने मुसलमानों को पिछड़े वर्ग को दिए गए 27 प्रतिशत आरक्षण में से नौ प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की बात कही. चुनाव आयोग ने इसकी शिकायत आने पर केंद्रीय मंत्री के इस कृत्य को आदर्श चुनाव संहिता का उल्लंघन बताया और उनकी निंदा की. चुनाव आयोग की इस कार्रवाई के बाद खुर्शीद ने एक दिन पूर्व चुनौती भरे अंदाज में कहा, चुनाव आयोग हमें फासी पर भी चढ़ा दे लेकिन मैं मुसलमानों के लिए नौ प्रतिशत आरक्षण की बात करता रहूंगा. खुर्शीद की चुनाव आयोग की इस अवहेलना को आडवाणी ने अभूतपूर्व बताया और माग की कि प्रधानमंत्री इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर कार्रवाई करें. यह पूछे जाने पर कि क्या वह खुर्शीद को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने की माग करेंगे, आडवाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री खुर्शीद को स्वयं मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर सकते हैं. उन्होंने केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के इस तरह के अप्रत्याशित आचरण को देखते हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को रोक दिए जाने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि यह तो ऐसी ही बात हो गई कि जब भी कोई कानून का उल्लंघन करे तो चुनाव रोक दो. इससे एक गलत परंपरा की नींव पड़ सकती है. उन्होंने कहा कि इसका तो शायद उनको फायदा होगा जो संभवत: ऐसा ही चाहते हैं.

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