आम बजट के बाद राजधानी के लोगों का दर्द आखिरकार छलक ही आया

भोपाल,16 मार्च,नभासं.केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी का बजट भाषण शुरु होने के साथ आज लोगों को ये पता चल गया था कि ये राहत देने के बजाय कुछ ऐसे जख्म दे रहा हैं, जिसकी मार सभी वर्गो के लोगों को पडऩे वाली है. इसे राजधानीवासी उम्मीदों पर पानी फेरने वाला बता रहे हैं.उनका कहना है कि बजट में हर वह चीज मंहगी हुई है, जो जीवन से जुड़ी है.

एक्साइज टैक्स 10 फीसदी से12 फीसदी करने से टीवी, फ्रीज और कार मंहगी होगी तो रेस्टोरेंट में खाना, फोन बिल, एयर टिकट जैसी सेवाओं में भी जेब ढीली होनी तय बात है. सरकार को जिन घरेलू वस्तुओं को सस्ता करना था उनको तो महंगा कर दिया गया. फ्रिज, मोबाइल, कार रोज तो नहीं खरीदी जाती लेकिन रसोई गैस के दामों में भी राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आती . बजट कुछ खास नहीं है, किसानों के लिए जरूर कुछ अच्छी बातें हैं.

भारत के आम नागरिक और मप्र की जरूरत के हिसाब से बजट निराश करता है. डायरेक्ट टैक्स पर जो छूट है वह भी नाम मात्र की है और तिलक लगाने वाली बात है. मध्य भारत के किसानों के लिए बजट में कुछ खास नहीं. राजीव गांधी जी नाम पर 2 से 3 योजनाएं शुरु कर देने भर से देश आगे थोड़ी बढ़ जाएगा.
चंचल शर्मा,गृहिणी

अगस्त-2012 से जीएसटी लागू होने जा रहा है. इससे राज्यों के बीच व्याप्त कर की असमानता दूर होगी. अभी यह स्थिति की है मप्र सरकार ने शक्कर-कपड़े पर पांच फीसदी वैट लगा दिया है, जबकि दूसरे राज्यों में यह कर मुक्त हैं. यह एक स्वागतयोग्य कदम है.
विजेंद्रा पुरी, सचिव, एफएमपीसीसीआई

टैक्स के मामलें में कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया है. जनता के लिए महगाई एक बड़ी समस्या है इस मामलें में सरकार का बजट सकारात्मक नजर नहीं आता.तंबाकू और सिगरेट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है इनके दाम बढ़ाना सही है.शहरी स्वास्थ्य मिशन शुरु करने की बात सही है.
गोविंद गोयल

सरकार ने मल्टीब्रांड रिटेल में 51 फीसदी एफडीआई का मसला ठंडे बस्ते में डाल दिया है. यह एक अच्छा कदम है. बेहतर हो सरकार इसे खत्म ही करते. आखिर यह प्रदेश के व्यापारियों के लिए अस्तित्व का सवाल है.
डॉ. कमलेश तलेसरा

सरकार ने राजीव गांधी इक्विटी स्कीम शुरू की है. इससे शेयर बाजार में रिटेल निवेश बढ़ेगा. 10 लाख रुपए तक की आय वालों के लिए 50 हजार रुपए की आय पर 50 फीसदी की कर छूट देना एक अच्छा कदम है.
राधेश्याम माहेश्वरी, प्रदेश अध्यक्ष, कैट

उम्मीद थी कि सरकार टैक्स में छूट देकर पेट्रोल सस्ता करेगी, लेकिन यह नहीं हुआ. हालांकि डीजल कारों में टैक्स नहीं लगाने का निर्णय एक अच्छा कदम है.
आदित्य जैन मनयां,निवेश सलाहकार

वेतनभोगी वर्ग को ज्यादा राहत नहीं मिली. सिर्फ 8-10 ला ा रुपए तक की आय वालों को ही राहत मिली है. इससे अधिकांश वेतनभोगियोंको इसका लाभ नहीं मिलेगा.
संतोष अग्रवाल,कारोबारी

इस बजट को हम सरवाईवल बजट की संज्ञा दे सकते हैं क्योंकि भारत की विकास दर घट जाने और राजस्व संग्रहण में कमी के बावजूद बजट का जो संतुलन वित्तमंत्री जी ने बनाया है वह सराहनीय तो है, लेकिन सर्विस टैक्स और एक्साईज डयूटी में वृद्घि करने से सभी उत्पादो की कीमतें स्वत: बढ़ जावेगी. जिसका विरोध होगा. आयकर छूट की सीमा 1.80 से बढ़ाकर 2 लाख करना बहुत कम है इसे 3 लाख तक बढना था. वित्तमंत्री महोदय ने एक तरफ तो करों का बोझ नहीं डाला है लेकिन दूसरी ओर अन्य माध्यमों से बढ़ोत्तरी तो जरूर हुई है. एलईडी लैम्प और एलसीडी पर थोड़ी राहत प्रदान की है कुल मिलाकर बजट से न तो खुशी हुई न ही कोई गम हुआ.
व्यापार महासभा

थोड़ी निराशा हुई. उमीद थी कि आयकर में छूट की सीमा 3 लाख रुपए तक बढ़ाई जाएगी, लेकिन सरकार ने महज 20,000 रुपए की ही छूट दी. हां निवेश के कुछ प्रावधान अच्छी खबर है.
तुलसी नैनवानी, सचिव, मध्यप्रदेश डीलर्स एसोसिएशन
सर्विस टैक्स का दायरा बढ़ाकर सरकार ने अधिकांश सेवाओं को महंगा बना दिया. यह अच्छा कदम है. आभूषणों महंगे नहीं होंगे यह जानकार अच्छा लगा.
मदन किशोर जैन,कर्मचारी

प्रेषित  बजट पूर्णरूप से संतोष जनक है, जोकि वर्तमान की आर्थिक स्थिति को देखकर बनाया गया है. बजट में मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इन्फ्ररा पावर, कृषि, शिक्षाआदि पर ध्यान दिया गया साथही साथ एक आम आदमी को कर में राहत दी गई है.
अभिषेक जैन

हालांकि व्यवसाय जगत को कुछ करों में राहत की उम्मीद थी जो पूरी नहीं हुई. महंगी कारों के उत्पाद शुल्क की दरों में क्रमश: 2 फीसदी की वृद्घि हुई साथ सेवाकर को भी 10 फीसदी से 12 फीसदी बढ़ाकर कई सेवाओं के दाम में इजाफे के संकेत दे दिए है.
हरिनारायण गोयल,सराफा कारोबारी

छात्रों और यूथ के लिए कुछ विशेष नहीं है. जहां सस्ता होने की उम्मीद थी वहां बजट महंगा ही नजर आता है. ब्रांडेड कपड़े, ब्यूटी पार्लर, सब तो महंगा हुआ है.
मेघा शाह,छात्रा बीटेक भोपाल

कैंसर, एचआईवी का इलाज लंबा चलता है, सरकार ने इनकी दवा सस्ती कर अच्छा कदम उठाया है. डॉ. आर के पांडे,एचओडी रेडियोथेरपी, जवाहरलाल नेहरू कैंसर हॉस्पीटल
हम युवाओं के लिए कुछ खास नहीं हैं. वित्तमंत्री ने महंगाई का तड़का लगाया है और कुछ खास नहीं है.
शुभम सिंह वर्मा,बीई स्टूडेंट जे एन सी टी भोपाल

आश्चर्य है कि इस बजट में आम आदमी कहाँ है 7 सरकार गरीबों से राशन छीनने कि तयारी करती भी दिख रही है, एइसा शुरूआती रूप में लगता है 7 सरकार किराना कारोबार में 51 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश लेन की तयारी कर रही है 7 पूरा बजट कर्ज के इर्द गिर्द ही घूमता है , चाहे सरकार ले किसी से या फिर लोग लें सरकार से 7
प्रशांत दूबे, समाजसेवक भोपाल

कोई खास बजट नहीं हैं. सरकार को जिन चीजों को सस्ता करना चाहिए था वहां दाम बढ़ा दिए . मध्यम वर्ग के लिए कुछ खास नहीं है.
विनीता सिंह,हाउसवाइफ आकृति इको सिटी

हम छात्रों के लिए तो इस बजट में कुछ नहीं हैं. प्रिंटर और सायकिल सस्ती करने से छात्रों को कोई फायदा नहीं. शिक्षा महंगी होती जा रही है उसका क्या?
पारुल सिंह,बीई छात्रा

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेष संगठन महामंत्री अरविन्द मेनन ने केन्द्र सरकार के बजट को निराषाजनक और महंगाई बढाने वाला बताया है. उन्होंने कहा कि कुछ गिनी चुनी सेवाओं को छोड़कर सभी प्रकार की सेवाओं को सेवाकर के दायरे में लाने का प्रस्ताव रखकर वित्त मंत्री व केन्द्र सरकार ने महंगाई को हवा दी है. उन्होंने कहा कि टैक्स के बढाये जाने से मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढेगा. कांग्रेस सरकार का यह बजट महंगाई की आग में घी डालने का काम करेगा.
उषा चतुर्वेदी

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेष उपाध्यक्ष उषा चतुर्वेदी ने कहा कि केन्द्रीय बजट ने जिस तरह मुद्रा स्फीति में पर लगाये है खाना, पीना, रहना, ओढना, बिछौना सभी महंगे हो गये है. बजट में आम आदमी को महंगाई का तोहफा दिया गया है.
डॉ. शरद जैन

भारतीय जनता पार्टी के नेता और अर्थषास्त्री डॉ. शरद जैन ने कहा कि केन्द्र सरकार ने बजट प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए मध्यप्रदेष को उसके विश्रीय स्वत्वों पर चोट पहुंचायी है. मध्यप्रदेष को वर्ष 2012-13 में तीन हजार करोड़ रू. की केन्द्रीय सहायता (प्रदेष को मिलने वाले अंष) से वंचित होना पड़ेगा. डॉ. शरद जैन ने कहा कि तेरहवें विश्र आयोग ने राज्यों को समेकित निधि राषि से 32 प्रतिषत देने का फार्मूला तय किया है. लेकिन बजट प्रस्ताव में केन्द्र सरकार ने 32 प्रतिषत देने के बजाय 28.45 प्रतिषत अंषदान देना मंजूर कर 3.55 प्रतिषत की कटौती कर दी है. इससे मध्यप्रदेष को तीन हजार करोड़ रू. की शुद्ध हानि होगी. प्रथम ग्रासे मच्छिका पति की कहावत केन्द्र ने चरितार्थ कर दी है.

भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेष प्रवक्ता विजेष लुनावत ने कहा कि प्रणव मुखर्जी ने भारी कसरत के बाद दिखा दिया है कि कांग्रेस पहाड खोदकर चूहा निकालने में विष्वास करती है. बजट प्रस्ताव थोथा चना बाजे घना की कहावत बनकर रह गया जिसने आम आदमी को मर्माहत किया है. बजट से हर क्षेत्र को हताषा ही हाथ लगी है. विजेश लुनावत ने कहा कि आयकर सीमा में किंचित छूट देकर जिस तरह सर्विस टैक्स और एक्साईज टैक्स थोप दिया है उससे लगता है कि अभी तक तो पीठ पर कांग्रेस वार करती आयी है अब उसने गरीब के पेट पर खंजर भौंक दिया है. बजट स्वागत योग्य है.इसमें विकास और मार्के ट ग्रोथ का विशेष तौर पर घ्यान रखा गया है.
पी.सी. शर्मा

जिला कांग्रेस के अध्यक्ष पी.सी. शर्मा ने संसद में वित्तमंत्री द्वारा पेश केन्द्रीय बजट का स्वागत किया है जिसमें इन्कम टैक्स की सीमा बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी है. परिवार सहायता में जो बी.पी.एल. कार्डधारी के किसी सदस्य के देहान्त पर 10 हजार रुपये मिलते थे बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया है साथ वृद्घ पेंशन का केन्द्र शेयर 200 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया है जो स्वास्थ्य मिशन गाँव में चलते थे वे अब शहर में भी चलेंगे. साथ ही ग्रामीण रोजगार मिशन गाँव में चलते थे वे अब शहर में भी चलेंगे. साथ ही ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा में भी बजट बढ़ा दिया गया है.
ललित पोरवाल

भारतीय जनता पार्टी आर्थिक प्रकोष्ठ के प्रदेष संयोजक ललित पोरवाल ने बजट को औद्योगिक, वाणिज्यिक और कृषकों के हितों के विपरीत बताया है. उन्होंने कहा कि देष को फ्यूचर टेऊडिंग और खाद्यान्न की सट्टाबाजी ने उपभोक्ता हितेां को भारी क्षति पहुंचायी है. केन्द्र सरकार ने इस पर रोक लगाने की पहल नहीं करके किसानों, उपभोक्ताओं को निराष किया है. किसानों और उपभोक्ताओं को कार्पोरेट घरानों के शोषण का शिकार बना दिया है.
कर्मचारी महासंघ

आज केन्द्रीय बजट जो आयकर सीमा बढ़ाई गई है वे ऊंट के मुंह में जीरे के समान है. जबकि संसद सदस्य से लेकर अनेक वर्गो द्वारा यह मांग की गई थी कि आयकर में 3 लाख से अधिक आयकर में छूट दी जाय. केन्द्र सरकार द्वारा जो बजट प्रस्तुत किया है उससे महंगाई बढ़ेगी. केन्द्र सरकार द्वारा विदेशी कर्ज पर जो 25 लाख पर 1 प्रतिशत छूट देने की भी घोषणा की गई है. वे उचित नहीं है.
गोविंद मालू

मध्यप्रदेश खनिज विकास निगम के उपाध्यक्ष गोविंद मालू ने कहा कि केन्द्रीय बजट ने आम आदमी पर महंगाई का एक और प्रहार कर उसका जहाँ बजट गड़बड़ा दिया वही राहत की जगह आफत पैदा करने का प्रणव प्रयास है. बाजार में आम आदमी के साथ होने का कांग्रेस का नारा वादा दिखाना तो दूर उसके साथ विश्वासघात है. सिद्घ होता है सेवा शुल्क उत्पाद कर में बढ़ोत्तरी से महंगाई सौ की रफ्तार से बढ़ेगी बजट में अनुत्पादक खर्चो पर लगाम लगाने का कोई उपाय नहीं है न ही विकास दर को प्राप्त करने की कोई ठोस योजना है.
राव देशराज सिंह यादव

वरिष्ठï भाजपा विधायक राव देशराज सिंह यादव ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को सर्वहारा वर्ग के लिए हितकारी बताया है. उन्होंने बजट में किसान कल्याण, कृषि विकास, ऊर्जा, महिला बाल विकास, खाद्य नागरिक, आपूर्ति, जल संसाधन नगरीय ग्रामीण विकास, सहकारिता, पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए किये गये प्रावधान को जनकल्याणकारी बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में ला खड़ा किया है. किसानों के लिए कृषि केबिनेट का गठन करने वाला मध्यप्रदेश भारत का प्रथम प्रदेश बन गया है.
मोहन सिंह ठाकुर

शेयर बाजार में 50 हजार निवेश करने वाले पर 25000 टैक्स में छूट दी है तथा 25 लाख तक के हाम लोम पर 1 प्रतिशत की भी छूट दी गई है. इससे भला मध्यम वर्गीय एवं आम आदमी को क्या लाभ होगा? आज भी भारत का एक बड़ा हिस्सा 25 रुपये प्रतिदिन की दर से अपनी औसत आय में गुजर कर रहा है. भला ऐसे गरीब देश में उपरोक्त टैक्स संबंधी छूटे कहा तक प्रासंगितक है. किसानों कें लिये भी मात्र कृषि बजट में 18 प्रतिशत की  वृद्घि की गई है जोकि भारत जैसे कृषि प्रधान देश में कृषिकों के लिये ऊंट के मुंह में जीरा ही साबित होगी.
मो. इशहाक खान

वर्ष 2012-13 का केन्द्रीय बजट ऐसे समय में पेश किया गया है जब भारतीय अर्थव्यवस्था कठिनाईयों के दौर से गुजर रही है. आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2011-12 में विकास दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है. आयकर छूट की सीमा 2 लाख करना, कृषि बजट में 18 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी, 10 हजार ब्याज राशि पर आयकर से मुक्ति के जो प्रावधान बजट में है भातरीय मध्यम वर्ग को राहत पहुँचायेंगे.
सीपीआई

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने बजट को जनविरोधी दिशाहीन और देश के लिए घातक निरुपित कर महंगाई और बेरोजगरी रोकने के कारगर उपायों का इसमें समावेश करने की मांग की है.
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राय सचिव महेन्द्र वाजपेयी और मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र कुमार शैली ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद 8.9 प्रतिशत से कम होकर 7.6 प्रतिशत तक सिमट जाना अर्थव्यवस्था के संकट को  प्रदर्शित करता है.
एटक

भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस म.प्र. राज्य समिति ने केन्द्र सरकार द्वारा ई.पी.एफ., ब्याज दर घटाने की तीव्र निंदा की है.एटक के राज्य महासचिव रूप सिंह चौहान ने कहाकि केन्द्र सरकार एक के बाद एक कदम मजदूर विरोधी उठा रही है. महंगाई आसमान छू रही है. मजबूर के बुढ़ापे के एक मात्र सहारे ई.पी.फ. को कम करने की साजिश कर रही है. एटक ने घटाई गई ब्याज दर को तुरंत वापस लेने की मांग की है.

भविष्य के सपनों को तोडा
मध्यप्रदेश स्टेनोग्राफ एसोसिएशन ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा बजट 2011-12 में जो बजट प्रस्तुत किया है उसमें कर्मचारियों की भविष्य निधि खाते में जमा राशि पर ब्याज दर 1.25 घटाकर इनके भविष्यगामी सजाये सपनों को तोड़ा है.
अजय सिंह

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने केन्द्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहाकि सामाजिक, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र मे बजट में वृद्घि स्वागत योग्य है उन्होंने कहाकि इससे प्रदेश के 40 लाख किसान और 52 हजार गाँव में खुशहाली आएगी. नेता प्रतिपक्ष ने कहाकि केन्द्रीय बजट किसान और ग्रामीण विकास उन्मुखी बजट है. नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में कहाकि विधवा और नि:शतजनों की पेंशन में सौ रुपये की वृद्घि से प्रदेश की लगभग तेरह लाख विधवाओं डेढ लाख नि:शक्तजनों को जीवन निर्वाह्नï में मदद मिलेगी.
अर्चना जायसवाल

आज प्रस्तुत किया गया बजट महिला हितकारी लोक कल्याणकारी, छात्रों, किसानों के प्रति शुभ लाभ वाला है. कर्मचारी भविष्य निधि की व्याज दर में केन्द्र सरकार द्वारा की गई एक तरफा कटौती को मेहनतकशों की खून पसीने की कमाई व सामाजिक सुरक्षा राशि पर सरकारी हमला बताते हुये सेन्टर आफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) ने इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है. सीटू ने एक विज्ञप्ति जाीर कर कहाकि ऐसे में जब कर्मचाीर भविष्य निधि के ट्रस्ट में मौजूद सभी केन्द्रीय श्रमिक संगठनों की राय थी कि व्याज दर 9.5 प्रतिशत ही रहना चाहिये तब केन्द्र सकरार द्रारा एक तरफ रूप से वयाब्ज दर 8.25 प्रतिशत करने का निर्णय तानाशाही पूर्ण है. सीटू ने आरोप लगाया है कि सरकार ने यह कर्मचारी मजदूर विरोधी निर्णय मालिको से मिली भगत कर किया है जिससे 5 करोड़ श्रमिकों को भारी आर्थिक क्षति होगी.
सीटू

दिग्विजय सिंह

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं दिग्विजय सिंह ने लोकसभा में वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी द्वारा प्रस्तुत आम बजट को भविष्य के लिए एक अच्छी आधारशिला रखने वाला और गरीबों को उत्थान और विकास के लिए समर्पित बताया है. श्री सिंह ने राष्टï्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना लागू करने व ग्रामीण स्वास्थ्य योजना में बढ़ोत्तरी का स्वागत किया है. उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि कुपोषण समाप्त करने के लिए 200 जिलों में विशेष योजना शुरू करने की घोषणा स्वागत योग्य है. किसानों के कर्ज में 3 प्रतिशत की सब्सिडी देने, कृषि मंत्रालय की 18 प्रतिशत अतिरिक्त बजट बढ़ाने और नाबार्ड को किसानों के लिए 10 हजार करोड़ का अतिरिक्त बजट देने पर श्री सिंह ने केन्द्रीय वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी को बधाई दी है.

कांतिलाल भूरिया

केन्द्रीय वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी द्वारा लोकसभा में आज प्रस्तुत आगामी वित्तीय वर्ष 2012-13 के आम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए म.प्र. कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने कहा है कि विश्वव्यापी मंदी के इस दौर में देश की अर्थ व्यवस्था को मजबूत बनाना सबसे बड़ी राष्ट्रीय चुनौती है. इस चुनौती को साहस के साथ स्वीकार करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने आज जो आम बजट प्रस्तुत किया है वह आर्थिक सुधार की ओर देश को आगे बढ़ाने वाला एवं बड़ा साहसिक बजट है. यह बजट चाहे तात्कालिक रूप से लोगों को व्यापक स्तर पर बड़ी राहत देता हुआ न दिखाई दें. किंतु यह बजट देश को एक मजबूत आर्थिक  जमीन मुहैया कराने की दिशा में निश्चित ही मददगार साबित होगा. केन्द्रीय वित्त मंत्री ने देश की अर्थ व्यवस्था को विश्वव्यापी थपेड़ों से सुरक्षित बनाने की दिशा में इस बजट में उल्लेखनीय कदम शामिल किये हैं.

प्रभात झा

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा ने बजट 2012-13 को जन विरोधी बताते हुए कहा कि यह आम आदमी के साथ क्रूर मजाक है. जिस तरह बजट में एक्साईज टैक्स और सर्विस टैक्स की दरों में क्रमष: 2-2 प्रतिषत की वृद्धि की है सर्विस टैक्स का दायरा बढ़ाया गया है. यह उपभोक्ता को 5 प्रतिशत की मुद्रा स्फ ीति बढ़ा देगी और जो महंगाई 10 प्रतिषत तक पहुंच गयी है आने वाले दिनों में यह 15 प्रतिषत हो जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. झा ने कहा कि बजट दिशाहीन, कल्पना शून्य है. उन्होनें कहा कि बढ़ती मुद्रा स्फीति को ध्यान में रखते हुए संसदीय समिति ने व्यक्तिगत आयकर में छूट की सीमा 4 लाख रू. करने की अनुषंसा की थी. लेकिन केन्द्र सरकार ने इसे 1.80 लाख रू. से बढ़ाकर छूट सीमा 2 लाख रू. की है. अल्प आय, सामान्य वर्ग के करदाताओं के साथ अन्याय है.

राघवजी

वत्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री राघवजी ने कहा है कि आज प्रस्तुत केन्द्रीय बजट में अनेक नये आयटमों को सेवा कर में शामिल किया गया है. इनमें से अनेक आयटम ऐसे हैं जिन पर केवल राज्य सरकारों को कर लगाने का अधिकार है. राघवजी ने कहा कि केन्द्र सरकार का यह कदम न केवल असंवैधानिक और संघीय व्यवस्था के प्रतिकूल बल्कि केन्द्र-राज्य संबंधों पर विपरीत असर डालने वाला है. राघवजी ने कहा कि एक्साइज डयूटी में 20 प्रतिशत की वृद्धि किये जाने से चौतरफा महँगाई बढ़ेगी. इससे पहले से ही महँगाई की मार से जूझ रहे आम लोगों का जीवन और कठिन हो जायेगा.

लक्ष्मीकांत शर्मा

संस्कृति एवं जनसम्पर्क मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने वित्त मंत्री श्री प्रणव मुखर्जी द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट को गरीब, किसान और सर्वहारा विरोधी निरुपित किया है. बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शर्मा ने कहा कि इस बजट से चौतरफा महँगाई बढ़ेगी, जिससे आम आदमी की जिन्दगी और दुश्वार हो जाएगी. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश जैसे विकासशील राज्यों के लिए अधोसंरचना विकास से संबंधित कोई राहत न दिया जाना हताश करने वाली बात है.

मानक अग्रवाल

प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मानक अग्रवाल ने आम बाट को वास्तविक रूप में आम आदमी किसानों और युवाओं के लिए लाभकारी बताते हुए कहा है कि यह बजट वर्तमान भारतीय अर्थव्यवस्था की जमीनी हकीकत और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया हे. इस बजट से देश के विकास की गति निश्चित ही तेज होगी. आपने कहा है कि केन्द्रीय वित्त मंत्री ने देश की अर्थ व्यवस्था को मजबूती देने के पक्के इरादे के साथ यह बजट प्रस्तुत किया है जिसमें उनकी दूरदृष्टिï भी साफ साफ झलक रही है.

विश्वास सारंग

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विश्वासा सारंग ने कहा कि आजादी के बाद यह पहला जडबत, भावना शून्य केलकुलेटर की करामात वाला बजट है. जिसने देश के आम आदमी की जेब पर डाका डाला है. गरीब आम आदमी को मिलने वाली राहत सब्सिडी को एक हाथ से देकर दूसरे हाथ से हथिया लिया जाना उस आम आदमी के साथ विश्वासघात है जिसके नाम पर कांग्रेस सत्ता में आयी है. विश्वास सारंग ने कहा कि इस बजट ने देश की विकास प्रक्रिया पर विराम लगा दिया है जिससे देश का भविष्य बाधित होगा.

नरेन्द्रसिंह तोमर

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव नरेन्द्रसिंह तोमर ने यूपीए सरकार द्वारा पेश किए गये आम बजट को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक बताया है. उन्होंने कहा कि यह आम बजट नहीं बल्कि विनाष बजट है. महंगाई के कठिन दौर से जूझ रही देष की जनता को यह अपेक्षा थी कि इस आम बजट में ऐसे प्रावधान किये जायेंगे कि महंगाई पर नियंत्रण पाया जा सके जिससे जनता को कुछ राहत मिले लेकिन इसके विपरीत वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने सर्विस टैक्स में 2 प्रतिषत और एक्साइज ड्यूटी में बढोत्तरी करके आम आदमी पर चौतरफा प्रहार किया है.

तोमर ने कहा कि सर्विस टैक्स एवं एक्साइज ड्यूटी में बढोत्तरी करने का सीधा तात्पर्य है कि महंगाई दर तत्काल ही उछल जायेगी.

नंदकुमारसिंह चौहान

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री नंदकुमारसिंह चौहान ने वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा संसद में पेश किए गए बजट को निराषाजनक बताते हुए कहा कि सिंचाई के लिये 2500 करोड़ रू. का प्रावधान उंट के मुंह में जीरा है. खाद्य सुरक्षा का दावा करने वाली सरकार हरित क्रांति की ओर से आंखे बंद करती नजर आ रही है. किसानों, गरीबों, गांवों के साथ पक्षपात हुआ है. कृषि अधोसंरचना में सिंचाई, बिजली, खाद में आत्मनिर्भरता की घोर उपेक्षा बजट में की गयी है.

माया सिंह

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेष महामंत्री, प्रवक्ता और राज्यसभा में सचेतक माया सिंह ने वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा प्रस्तुत बजट को महिला विरोधी बताया है. उन्होनें कहा कि एक लाख करोड़ रू. का भार डालकर यूपीए सरकार ने गृहणियों की कमर तोड़ दी है. बच्चों के मुंह से निवाला छिन गया है. कांग्रेस ने मंहगाई पर लगाम लगाने का वायदा दिया था लेकिन उल्टे मंहगाई को दहाई में पहुंचा दिया है. देष में विकास दर का घटना और मंहगाई का दहाई तक पहुंचना आर्थिक विफलता है.

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