उमा बोली : बीजेपी में तो विधायक तय करेंगे

नई दिल्ली, 7 फरवरी. उत्तर प्रदेश में मतदान से पहले ही कुर्सी की चिकचिक सामने आने लगी है. देश के दो प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी में चर्चा है कौन बनेगा मुख्यमंत्री.

कांग्रेस में बेनीप्रसाद वर्मा ने यह कहकर हड़कंप मचा दिया कि यदि कांग्रेस जीती तो दिग्विजयसिंह मुख्यमंत्री होंगे. वहीं मध्यप्रदेश से लाव लश्कर समेत उत्तर प्रदेश में डटी भाजपा की तेज तर्रार नेता उमा भारती ने मुख्यमंत्री पद पर जारी किचकिच के बीच कहा कि जिसे पार्टी विधायक तय करेंगे, वही नेता होगा. भाजपा के सत्ता में आने पर स्वयं के मुख्यमंत्री बनने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह इस परिचर्चा में नहीं पडऩा चाहती. विधानसभा चुनाव अभियान को लेकर पार्टी के शीर्ष नेताओं की बेरुखी की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए उमा भारती ने कहा कि पार्टी में कई सक्षम नेता हैं, कोई गुटबाजी नहीं है और यही पार्टी की मजबूती है.

पार्टी के सभी नेता एक इकाई के रूप में काम कर रहे हैं और शानदार सफलता प्राप्त करेंगे. उन्होंने कहा कि जो पार्टी के विधायक तय करेंगे, वही नेता होगा. मैं इस परिचर्चा में नहीं पडऩा चाहती. उमा ने कहा कि अगर किसी पार्टी में एक ही व्यक्ति मुख्यमंत्री या एक ही व्यक्ति प्रधानमंत्री पद के लायक हो, तो यह उस पार्टी की कमजोरी का परिचायक है. भाजपा में कई सक्षम नेता हैं. यही पार्टी की मजबूती है जिसे उल्टा पेश किया जाता है. उन्होंने कहा कि पहले चरण के लिए सभी प्रमुख नेता चुनाव प्रचार कर रहे हैं. गडकरी पहले से ही प्रचार में जुटे हैं. सुषमा स्वराज भी प्रचार कर रही है. अरुण जेटली ने तो यहा डेरा ही डाल लिया है. आडवाणी भी प्रचार करने आ रहे हैं. उत्तर प्रदेश गुटबाजे होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि 1991 के बाद वह पहली बार उत्तर प्रदेश में भाजपा के लिए लोगों में इतना उत्साह देख रही हैं. यहा काफी सकारात्मक माहौल है. उन्होंने कहा कि ओबीसी कोटे में अल्पसंख्यकों का आरक्षण केवल चुनावी शिगूफा है. मायावती और मुलायम इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की बात कर रहे हैं जो संविधान के तहत संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम मतदाता सभी बातों को समझता है, वह इनके झांसे में नहीं आएगा. उत्तर प्रदेश में इसका सबसे अधिक लाभ भाजपा को हो रहा है. काग्रेस की चाल लोग समझ गए हैं. भाजपा के भ्रष्टाचार का विरोध करने और बसपा से निष्काषित पूर्व मंत्री कुशवाहा को पार्टी में लेने संबंधी प्रकरण के बारे में पूछे जाने पर उमा ने कहा कि कुशवाहा ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है और पार्टी से अपनी सदस्यता स्थगित करने का अनुरोध किया है. वह अपने आप को निर्दोष साबित करने का मौका चाहते हैं और इस विषय में पहल भी की है. उमा ने कहा कि वह बाहरी व्यक्ति नहीं हैं. इस संबंध में भाजपा नेता कलराज मिश्रा, कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की टिप्पणी का उल्लेख किए जाने पर उन्होंने कहा कि कलराज मिश्रा ने इसका खंडन किया है.

राहुल ने खंडन नहीं किया. उमा ने राहुल की ओर सवाल दागते हुए कहा कि राहुल कहां के हैं, मोती लाल नेहरू कहा के थे, सोनिया कहा की है और प्रियंका कहां की हैं. उत्तर प्रदेश में त्रिशंकु विधानसभा आने की स्थिति में बसपा, सपा या किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, न हम किसी का साथ देंगे और न हम किसी का साथ लेंगे. इसकी घोषणा पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी कर चुके हैं और यही पूरी पार्टी की नीति है. उनके विरोधी माने जाने वाले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के उनके पक्ष में प्रचार करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मैंने भी उनके लिए प्रचार किया है. वह भी मेरे लिए प्रचार करेंगे. हम सब मिलकर काम करेंगे. हम भाई बहन की तरह हैं. काग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा की वरिष्ठ नेता ने कहा कि टूजी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है.

यूपी में महासमर का पहला मुकाबला आज

उत्तर प्रदेश चुनावी समर के लिए पूर्ण रूप से तैयार है. सात चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव के तहत बुधवार को पहले दौर का मतदान होगा. इस चरण में सूबे के दो मंत्रियों, 31 विधायकों तथा 15 पूर्व मंत्रियों के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा समेत कई सांसदों के रिश्तेदारों एवं चुनाव मैदान में कूदे माफियाओं के चुनावी भाग्य का फैसला होगा.

जनसभा में गडकरी का मंच गिरा

गाजीपुर, 7 फरवरी. यूपी विधान सभा में पूर्वांचल दौरे पर निकले भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के साथ मंच पर हादसा हो गया. गाजीपुर में एक जनसभा को संबोधित करते समय गडकरी का मंच गिर गया. इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है.

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