लाहौर, 10 जून. पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ लाहौर उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की गई है जिसमें कहा गया है कि वह अदालती आदेश का उल्लंघन कर लगातार सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के प्रमुख के रूप में राजनीतिक कार्यालय संभाले हुए हैं. जरदारी के खिलाफ कल वकील मोहम्मद अजहर सिद्दीक ने याचिका दायर की .

इसमें आरोप लगाया गया कि पिछले साल मई में राष्ट्रपति के दो पदों को लेकर उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले के अनुरूप उन्होंने खुद को राजनीतिक कर्यालय से अलग नहीं किया. सिद्दीक ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं हुआ और जरदारी ने अपनी पार्टी के उद्देश्यों के लिए राष्ट्रपति कार्यालय परिसर का ”दुरुपयोग” नहीं रोका . उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवमानना मामले में प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी को दोषी ठहराए जाने के बाद राष्ट्रपति ने नेशनल असेंबली स्पीकर फहमीदा मिर्जा को बुलाया था और प्रधानमंत्री के पक्ष में फैसला करने के लिए उन्हें बधाई दी थी . सिद्दीक ने दावा किया कि पीपीपी पाकिस्तान की अदालतों के आदेशों का पालन नहीं करने पर अड़ी है और यह प्रधानमंत्री के सार्वजनिक तौर पर दिए गए बयानों से भी पता चलता है .

उन्होंने कहा कि राजनीतिक गतिविधियों के लिए राष्ट्रपति कार्यालय का इस्तेमाल न सिर्फ अवैध है, बल्कि उच्च न्यायालय के 12 मई 2011 के आदेश की अवमानना भी है. सिद्दीक ने अदालत से राष्ट्रपति को कारण बताओ नोटिस भेजने और अदालत की अवमानना के लिए उन पर आरोप तय किए जाने का आग्रह किया .

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