नई दिल्ली.  केंद्र सरकार चालू वित्त वर्ष में भी किसानों के लिए सस्ते कर्ज की स्कीम जारी रखने पर सहमत हो गई है। करीब 11 हजार करोड़ रुपये के इस तोहफे पर गुरुवार को कैबिनेट ने मुहर लगा दी। किसानों को सात प्रतिशत ब्याज पर तीन लाख रुपये तक का कर्ज मिलेगा। जो किसान समय पर भुगतान करेंगे उन्हें ब्याज पर तीन प्रतिशत की और छूट मिलेगी। वित्त वर्ष 2012-13 के दौरान सरकार इस मद पर 10,901 करोड़ रुपये की सब्सिडी देगी।

यह सब्सिडी उन बैंकों, सहकारी बैंकों व क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को दी जाएगी जो किसानों को सात प्रतिशत की दर पर पर कर्ज देंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल में पारित प्रस्ताव के मुताबिक समय पर पुराने कर्ज की अदायगी करने वाले किसान अब महज चार प्रतिशत ब्याज पर कर्ज ले सकेंगे। वैसे कर्ज की परिपक्वता अवधि काफी कम होती है लेकिन ब्याज दर कम होने की वजह से किसान बड़ी संख्या में इसका फायदा उठाते हैं।

समय पर लोन चुकाने वाले किसानों के लिए तीन प्रतिशत ब्याज सब्सिडी देने की स्कीम को आगे जारी रखने का एलान पूर्व वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने वर्ष 2012-13 का बजट पेश करते हुए ही कर दिया था। लोन की यह सुविधा किसान क्रेडिट कार्ड रखने वाले छोटे व सीमात किसानों को भी मिलेगी। इसके लिए 442 करोड़ रुपये की राशि अलग से जारी की जाएगी।
एक अन्य फैसले में कैबिनेट ने सार्वजनिक क्षेत्र की नेपा लिमिटेड के पुनरुद्धार पैकेज को भी स्वीकृति दे दी है। इसके तहत 234.18 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसके अलावा 599.59 करोड़ रुपये के कर्ज को माफ करने का भी प्रस्ताव है। कंपनी की इक्विटी शेयर पूंजी को भी घटाकर 266.36 करोड़ रुपये तक लाने का प्रस्ताव है।

एक अन्य फैसले में सीसीईए ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के बुनियादी ढाचे के विकास की एक योजना को भी मंजूरी दे दी है। सरकार दस परियोजनाओं के लिए ऐसी ही एक स्कीम को साल 2009 में भी पारित कर चुकी है। इनमें से दो परियोजनाओं का काम पूरा हो चुका है।

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