भोपाल, 30 मार्च. राज्यपाल रामनरेश यादव ने आज यहाँ राजभवन में डॉ. बाबा साहेब आम्बेडकर राष्ट्रीय सामाजिक विज्ञान संस्थान, महू की शासी निकाय की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि संस्थान सकारात्मक सोच के साथ दायित्वों का संपादन करते हुए उद्देश्यपरक कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करे.

उन्होंने कहा कि संस्थान ऐसे शोध विषयों को चिन्हित करे जिनके निष्कर्ष समाज के कमजोर तबकों के भलाई में सहायक सिद्ध हों. राज्यपाल ने कहा कि संस्थान को अपनी उपलब्धियों के आधार पर एक राष्ट्रीय पहचान कायम करनी है. यादव ने कहा कि संस्थान द्वारा कराए जा रहे शोध, अध्यापन और प्रशिक्षण में गुणात्मक सुधार की हर संभावना को साकार करने के लिए परिणाममूलक कोशिशें निरंतर जारी रखना चाहिए. यादव ने कहा कि बाबा साहेब ने जीवन भर समतामूलक समाज के निर्माण के लिए संघर्ष किया. प्रसन्नता की बात है कि प्रदेश सरकार ने उनके मूल्यों को मजबूत करने के लिए न केवल इस संस्थान की स्थापना की बल्कि उत्कृष्ट कार्यों के लिए एक स्वस्थ वातावरण बनाने में अपना पूरा सहयोग दिया. बैठक में मुख्य सचिव श्री अवनि वैश्य भी उपस्थित थे.

संस्थान के महानिदेशक आर. एन. बेरवा जानकारी दी कि संस्थान के कार्यों को ज्यादा प्रभावी और लक्ष्यभेदी बनाने के लिए एक कार्य-योजना तैयार की गई है जिस पर निकट भविष्य में अमल शुरू हो जाएगा. कार्य-योजना तैयार करने के पूर्व संस्थान के प्रतिनिधियों द्वारा सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में कार्यरत देश के सर्वोत्कृष्ट शोध संस्थान ‘आइसैक’ बैंगलुरू का भ्रमण और अवलोकन किया गया. बेरवा ने जानकारी दी कि संस्थान द्वारा अभी तक लगभग 84 शोध परियोजनाओं पर कार्य किया जा चुका है. हाल ही में प्रदेश के सफाई कामगारों पर शोध मूल्यांकन कार्य किया गया है. इसके अलावा, 600 शोध प्रबंध लिख जा चुके हैं.

प्रदेश के अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के 5000 से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया है. बैठक में संस्थान के वित्तीय एवं प्रशासनिक विषयों पर चर्चा कर आवश्यक सहमति और स्वीकृतियाँ दी गई. बैठक में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के कुलपति श्री राजकमल, प्रमुख सचिव आदिम-जाति कल्याण स्वदीप सिंह, संभागायुक्त इंदौर प्रभात पाराशर, राज्यपाल के सचिव जे.एल. मालपानी, सामाजिक वैज्ञानिक प्रो. नंदूराम, डॉ. जनक मगिलिगन, संस्थान के कुल सचिव, अन्य प्रतिनिधि तथा समाजसेवी उपस्थित थे.

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