फिर विवाद में है अन्ना टीम, खुद सदस्यों ने ही कर डाली अपील

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर. जन लोकपाल आंदोलन की कोर कमिटी की मीटिंग से ठीक एक दिन पहले इसके दो अहम सदस्यों ने अन्ना हजारे से इसे भंग करने की अपील की है। यह अपील मेधा पाटकर और कुमार विश्वास ने की है। एक अन्य अहम सदस्य जस्टिस संतोष हेगड़े ने भी इस अपील का समर्थन किया है।

अन्ना हजारे के सहयोगियों के बीच मतभेद की अटकलों के बीच उनके एक अहम सहयोगी और कोर कमेटी के सदस्य कुमार विश्वास ने समिति को भंग कर नई समिति बनाने की सलाह दी है.  अन्ना हजारे को लिखे पत्र में विश्वास ने कहा है कि अधिकतर समय कोर कमेटी के खिलाफ लगने वाले आरोपों का जवाब देने में जाया हो रहा है. उन्होंने लिखा है, कि मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि मौजूदा कोर कमेटी को भंग कर दें और इसके स्थान पर नई समिति बनाएं, ताकि देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का सपना हम पूरा कर सके.

विश्वास का यह पत्र रालेगण सिद्धि में अन्ना हजारे के सहयोगियों की होने वाली बैठक से एक दिन पहले सामने आया है. इसमें अन्ना हजारे के सहयोगियों के खिलाफ लगातार हो रहे व्यक्तिगत हमले से पैदा हुए हालात पर चर्चा की जाएगी. विश्वास ने समिति के सदस्यों की संख्या बढ़ाने की भी सलाह दी और कहा कि इसमें देश के सभी नागरिकों को शामिल किया जाए. विश्वास के अनुसार मौजूदा समिति को 121 करोड़ सदस्यीय हाई कोर कमेटी में तब्दील कर दें. विश्वास ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से आश्वासन के बावजूद प्रभावी लोकपाल की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जबकि दूसरी ओर सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्य अन्ना हजारे के सहयोगियों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने लिखा कि भ्रष्ट ताकतों द्वारा अन्ना हजारे के सहयोगियों के खिलाफ हो रहे व्यक्तिगत हमले साबित करते हैं कि वे आंदोलन को कमजोर करना चाहते हैं.

समूह में आमूलचूल परिवर्तन करने की जरूरत-मेधा

टीम अन्ना की एक और सदस्य मेधा पाटकर ने कहा कि समूह में आमूलचूल परिवर्तन की जरूरत है क्योंकि वह कई आरोपों के घेरे में है और कोर समिति के कई सदस्यों को निशाना बनाया जा रहा है.

साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि समूह में कोई मतभेद नहीं है. उन्होंने कहा कि वह कल कोर समिति की बैठक में शामिल नहीं होंगी. बैठक में हजारे और न्यायमूर्ति संतोष हेगड़े ने भी शामिल नहीं होने का फैसला किया है. पाटकर ने कहा कि मैं नहीं सोचती कि कोई मतभेद है लेकिन कई आरोपों के चलते और कोर समिति के सदस्यों को निशाना बनाए जाने से परिवर्तन जरूरी है. उन्होंने कहा कि परिवर्तन के बारे में कल की बैठक फैसला लेने के लिए बेहतर स्थिति में होगी. उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब टीम अन्ना के एक अन्य सदस्य कुमार विश्वास ने कोर समिति की बैठक से पहले अन्ना को एक पत्र लिखकर अधिक प्रतिनिधित्व के लिए समिति का विस्तार करने का अनुरोध किया है. विश्वास ने लिखा है कि हजारे और कोर समिति के हर सदस्य को सत्तारूढ़ पार्टी निशाना बनाने की कोशिश कर उनकी सार्वजनिक छवि और विश्वसनीयता को धूमिल करने में लगी है. कोर समिति की महत्वपूर्ण सदस्य पाटकर ने कहा कि उसका हर सदस्य आंदोलन के साथ है. उन्होंने कहा कि आंदोलन का मतलब केवल कोर समिति नहीं है. टीम अन्ना के सदस्यों पर लगे आरोपों पर संतोष हेगड़े के बयान पर उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी राय देने का अधिकार है चाहे यह किसी आरोपों के संदर्भ में हो अथवा किसी अन्य बात को लेकर. हेगड़े ने कहा था कि समूह में मंथन चल रहा है ।

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