प्रधानमंत्री को भेजे जाएंगे पोस्टकार्ड, सांसदों का फिर होगा घेराव

भोपाल, 4 सितंबर. भ्रष्टïचार विरोधी जन अभियान मध्यप्रदेश की बैठक 4 सितंबर को सुबह 11 बजे से शरद सिंह कुमरे की अध्यक्षता में आयोजित की गई. बैठक में विभिन्न जिलों से आये प्रमुख साथियों ने अपने-अपने जिलों में हुये आंदोलन की जानकारी दी. सभी वक्ताओं ने बताया कि अण्णा के आंदोलन में आम नागरिकों ने जाति, वर्ग, धर्म, लिंग, क्षेत्र एवं दलगत जुड़ाव से उठकर विभिन्न कार्यक्रमों में उत्साह से भाग लिया.

बैठक में प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि पूरे आंदोलन के दौरान हर जिले में औसतन 20 हजार लोगों ने जनलोकपाल बिल के समर्थन में कार्यक्रम स्थलों पर जाकर हस्ताक्षर किये. आंदोलन के दरम्यान सभी जिलों में आंदोलन के दौरान 100 से 500 रैलियां, मोमबत्ती जुलूस, मशाल जुलूस, नुक्कड़ नाटक, अनशन, पैदल मार्च आदि निकाले गये. सभी जिलों में सांसदों का घेराव किया गया.

बैठक में कें द्र सरकार के खिलाफ अण्णा टीम के प्रताडि़त किये जाने की निन्दा की गई और केंद्र सरकार से संसद का विशेष सत्र बुलाकर संसद की स्थाई समिति की रपट संसद के पटल पर रखे जाने एवं जनलोकपाल बिल के प्रावधानों के अनुरूप राज्य में मजबूत एवं प्रभावी लोकायुक्त बनाने के लिये पहल करे, जिसकी परिधि में सभी राज्य सरकार के कर्मचारियों, विधायकों सहित सभी चुने हुये प्रतिनिधियों को शामिल किया जाये.

बैठक में इंडिया अगेंस्ट करप्शन की नेत्री एवं आरटीआई कार्यकर्ता शहला मसूद के हत्यारों को अविलंब नहीं पकड़े जाने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी देते हुये प्रस्ताव पारित किया गया. बैठक के बाद दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्घांजलि दी गई. बैठक को संबोधित करते हुये डॉ. सुनीलम्ï ने कहा कि मध्यप्रदेश के नागरिकों ने अण्णा के आंदोलन में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेकर यह साबित किया कि प्रदेश के नागरिक भ्रष्टïचार को लेकर न केवल जागरूक हैं बल्कि प्रदेश को भ्रष्टïाचार मुक्त बनाने के लिये संकल्पित हैं.
मध्यप्रदेश में व्याप्त भ्रष्टïचार पर अंकुश लगाने के लिये प्रदेशव्यापी ठोस कार्यक्रमों पर आधारित आंदोलन की रूपरेखा तय करने की जरूरत है ताकि आम नागरिकों को जनलोकपाल बिल पारित होने के पूर्व ही भ्रष्टाचार से राहत दिलाई जा सके. डॉ. सुनीलम्ï ने कहा कि अण्णा के आंदोलन का सबसे मजबूत पक्ष नैतिकता, अङ्क्षहसा, सादगी, कथनी व करनी में समन्वय और सत्यनिष्ठï है. इस कारण इस आंदोलन में शामिल हर कार्यकर्ता और नागरिक को अपने आचरण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

बैठक को संबोधित करते हुये लज्जाशंकर हरदेनिया ने कहा कि अण्णा के आंदोलन ने देश को झकझोर दिया है पर हमें इस आंदोलन के माध्यम से सतही बयान देने से बचना चाहिये. इस आंदोलन को आगे व्यापक मजबूती से चलाने के लिये संगठन बनाने की जरूरत है. शरद कुमरे ने कहा कि आगे आंदोलन में पहले से ज्यादा शक्ति एवं लोगों के समर्पण की जरूरत है. हमें इसके लिये संगठित तरीके से अण्णा के साथ आगे बढ़ाना होगा और जब तक भ्रष्टïाचार से मुक्ति एवं समाज के विभिन्न समयाओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक आंदोलन जारी रखे जाने की जरूरत है.

उल्लेखनीय है कि डॉ. सुनीलम्ï ने समाजवादी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने यह बताया कि अण्णा के आंदोलन में दिल्ली की 22 सदस्यीय कोर कमेटी के अलावा पूरे देश में कोई भी पदाधिकारी नियुक्त नहीं किया गया है. बैठक को जौरा के पूर्व विधायक महेश दत्त मिश्रा, भोपाल के लज्जाशंकर हरदेनिया, एडवोकेट आराधना भार्गव, अवधेश कुमार, अनिल गुप्ता, अरुण मिश्रा, कमलेश परमार, दीपक पौराणिक, के.के. अग्रवाल, पवन यादव, एम.पी. मिश्रा, विपिन कोठारी, डॉ. अखिलेश यादव, कवींद्र मिश्रा ने भी बैठक को संबोधित किया.

सरकार द्वारा जताए विश्वास पर खरे उतरे व्यापारी-राघवजी
वाणिज्यिक कर मंत्री राघव जी ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा व्यवसाईयों पर जो विश्वास व्यक्ति किया गया उस पर वे खरे उतरे हैं. अनेक वस्तुओं पर टैक्स कम करने के बाद भी बीते 7 सालों में कर राजस्व में लगभग चार गुना वृद्घि हुई है और प्रदेश का बजट 7 वर्षो में 20 हजार करोड़ से बढ़कर 70 हजार करोड़ रुपये हो गया है. बेहतर कर संग्रहण से हर क्षेत्र में बहुत तेजी से विकास हो रहा है. इसको श्रेय बहुत हद तक ईमानदारी से कर चुकाने वाले व्यवसाईयों को जाता है.राघवजी आज यहाँ भोपाल संभाग के सबसे अधिक कर चुकाने वाले व्यवसाईयों के लिये आयोजित संभाग स्तरीय भामाशाह पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री बाबूलाल गौर ने की और वन मंत्री सरताज सिंह विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे.

इस अवसर पर पीएचडी चेम्बर्स आफ कामर्स के अध्यक्ष अनिल सांवरिया, अपर आयुक्त वाणिज्यिक कर ए.के. जैन, श्यामसुंदर श्रीवास्तव, आर. कुरैशी, उपायुक्त एच.डी. रिछारिया और विभाग के अन्य अधिकारी तथा बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित थे.वनमंत्री सरताज सिंह ने कहा कि पहले कर और चंदा देने के बावजूद व्यापारियों को हेय दृष्टि से देखा जाता था. अब वर्तमान सरकार द्वारा ईमानदारी से कर चुकाने वाले व्यवसाइयों को सम्मानित करने का यह श्रेष्ठ परम्परा शुरू की गई है.कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में बाबूलाल गौर ने कहाकि पिछली सरकार में साल में 175 दिन तक का ओव्हर ड्राफ्ट रहा करता था और पैसों की कमी के चलते 28 हजार दैनिक वेतन भोगियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई थी. वर्तमान सरकार ने बिना कोई नया कर लगाये कर संग्रहण को बढ़ाया.इस अवसर पर संभाग के 7 जिलों के 21 व्यवसाईयों को संभागीय भामाशाह पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

प्रथम पुरस्कार राशि के रूप में एक लाख रुपये द्वितीय पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई.

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