नई दिल्ली, 25 मई। भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान छेडऩे वाली टीम अन्ना में एक बार फिर दरार नजर आने लगी है और उनके एक महत्वपूर्ण सदस्य ने अरविंद केजरीवाल को पत्र लिख कर उनसे आदोलन की अगुवाई के तरीके पर तीखे सवाल किए हैं।

टीम अन्ना के सदस्य शिवेंद्र सिंह चौहाण ने यह पत्र लिखा है। पिछले हफ्ते ही उन्होंने टीम के प्रमुख सदस्य प्रशात भूषण के आवास पर उनसे मुलाकात के दौरान फेसबुक पर मौजूद इंडिया अगेंस्ट करपशन के पृष्ठ के प्रबंधन पर चर्चा की थी।  केजरीवाल का आरोप है कि चौहाण लोकतंत्र में यकीन नहीं करते और उन्होंने सोशल मीडिया अभियान के संदर्भ में एकतरफा फैसले लिए हैं। केजरीवाल ने यह चेतावनी भी दी कि अगर चौहाण कोर समिति के फैसलों को नहीं मानते तो उन्हें आदोलन से हटाया भी जा सकता है।

अपने पत्र में चौहाण ने लिखा, जबतक आप यह साबित नहीं कर देते कि आप इस आदोलन के अगुवा हैं और मैंने कभी भी आदोलन के हितों के खिलाफ काम किया है, आप किस अधिकार से मुझे अलग कर देंगे या मुझ पर आरोप लगा रहे हैं? मुझे पूरा यकीन है कि असहमति रखना और स्वतंत्र रूप से भी आदोलन के हितों के लिए काम करना, आदोलन को नुकसान पहुंचाने वाला नहीं हो सकता। इस संदर्भ में केजरीवाल की प्रतिक्रिया जानने के लिए उन्हें भेजे गए संदेश का कोई जवाब नहीं मिला है।

चौहाण ने अपने पत्र में लिखा कि यह भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों का आदोलन है और हम में से अधिकतर लोग इसमें अपनी मर्जी से शामिल हुए, ना कि किसी औपचारिक प्रक्रिया के तहत। इसलिए किसी समूह की ओर से निकाले जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता। यह हम सभी का आदोलन है और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी लिखा कि कोर समिति के सदस्य लोकतात्रिक तरीके से नहीं चुने गए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस साल जनवरी में केजरीवाले ने उन्हें समिति में शामिल करने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने कहा था कि उन्हें इसकी जरूरत नहीं है।

चौहाण ने सवाल उठाया कि मेरा सवाल यह है कि किस लोकतात्रिक प्रक्रिया के तहत मुझे कोर समिति में शामिल करने की पेशकश की गई थी। उन्होंने कहा कि लोकतात्रिक तरीका वह होता जिसमें कोर समिति के सदस्यों को चुनने के लिए भी जनलोकपाल के सदस्यों को चुनने जैसा तरीका अपनाया गया होता। प्रशात भूषण के आवास पर हुई बैठक में चौहाण ने उन आरोपों का भी खडन किया कि हजारे से संबंधित जानकारी फेसबुक के पन्ने पर नहीं डाली गई। उन्होंने बताया कि हजारे के महाराष्ट्र दौरे की जानकारी सबसे पहले फेसबुक और ट्विटर पर ही डाली गई।

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