नई दिल्ली, 24 अप्रैल. कांग्रेस के कम से कम चार केंद्रीय मंत्रियों की ओर से इस्तीफा देने की पेशकश से जुड़ी खबरों से मंगलवार को अटकलबाजी का बाजार गर्म रहा.

सूत्रों ने बताया गया कि ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश, कानून और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री सलमान खुर्शीद, स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद और प्रवासी मामलों के मंत्री वायलार रवि ने कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को लिखा है कि वे सरकार से अलग होकर पार्टी संगठन के लिए काम करना चाहते हैं. आजाद पहले से ही कांग्रेस महासचिव के पद पर हैं. उधर प्रवासी मामलों के मंत्री वायलार रवि ने इस तरह का कोई भी पत्र लिखने से इंकार किया और कहा कि वो उस काम से खुश हैं, जिसे वो कर रहे हैं. हालांकी रमेश और खुर्शीद ने मंगलवार शाम सोनिया गांधी के आवास पर उनसे मुलाकात की और इस मुलाकात में हुई बातचीत के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है.

सूत्रों का कहना है कि कानून और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री खुर्शीद ने पिछले महीने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद ही सोनिया को पत्र लिख कर पार्टी की हार के बाद की स्थिति के बारे में बताया था. ऐसा कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता खुर्शीद ने इन चुनाव में मिली हार के बाद मंत्री पद छोड़ पार्टी के लिए काम करने का प्रस्ताव रखा है. इन खबरों का खंडन करते हुए वयालार रवि ने कहा कि मैंने कोई पत्र नहीं लिखा है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें आंध्र प्रदेश के मामलों को देखने को कहा गया है, क्योंकि आजाद वहां नहीं जा पा रहे हैं. ऐसी खबरें भी आ रही हैं कि सोनिया ने इस मुद्दे पर प्रणव मुखर्जी, एके एंटनी, पी.चिदंबरम और अहमद पटेल से बातचीत की है. इस दौरान पवन कुमार बंसल और वी.नारायणसामी भी मौजूद थे. पार्टी के सूत्रों का मानना है कि सरकार और पार्टी में कोई भी बदलाव संसद के वर्तमान सत्र के बाद हो सकता है. इस वक्त तक उत्तर प्रदेश, पंजाब और गोवा के चुनावों में मिली हार पर एंटनी समिति की रिपोर्ट भी आ जाने की संभावना है

सिंघवी सीडी प्रकरण
कहा जा रहा है कि सिघंवी सीडी प्रकरण के बाद पार्टी को एक नया प्रवक्ता बनाना है. इसके साथ ही कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष भी बनाया जाना है.  सरकार ऐसे मंत्रियों की पहचान कर रही है जिनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है. ऐसे में इस्तीफे की पेशकश कर संगठन में आकर ये नेता खुद को मजबूत करना चाहते हैं. पार्टी कुछ केंद्रीय मंत्रियों को संगठन में लाकर पार्टी की छवि बेहतर बनाना चाहती है. बताया जा रहा है कि 2014 के आमचुनाव को देखते हुए पार्टी संगठन को मजबूत करना चाहती है. हाल ही में उत्तर प्रदेश सहित 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों और दिल्ली में हुए एमसीडी चुनावों में मिली हार से पार्टी को तगड़ा झटका लगा है. चुनावों मे पार्टी के प्रदर्शन से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी खुश नहीं हैं

तेलंगाना के 8 सांसद चार दिन के लिए निलंबित

नई दिल्ली, 24 अप्रैल. अलग तेलंगाना राज्य के गठन की मांग को लेकर लोकसभा में आज नारेबाजी कर रहे आंध्र प्रदेश के इस क्षेत्र के आठ कांग्रेसी सदस्यों को सदन की कार्यवाही से चार दिन के लिए निलंबित कर दिया गया।

निलंबित सदस्यों में पोन्नम प्रभाकर, मधुगौड़ याक्षी, एम. जगन्नाथ, सुकेंद्र रेड्डी गुथा, केआरजी रेड्डी, राजैया सिरिसिल्ला, पोरिका बलराम नाइक और गद्दम विवेकानंद के नाम शामिल हैं। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले ही दिन आज पूर्वाह्न 11 बजे जब लोकसभा की बैठक शुरू हुई, तेलंगाना के उक्त कांग्रेस सांसद अलग राज्य की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। इसके बाद अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर 12 बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी तेलंगाना के सांसदों का हंगामा जारी और कार्यवाही दूसरी बार दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर दो बजे सदन की बैठक फिर से शुरू होते ही आंध्र प्रदेश के तेलंगाना क्षेत्र के कांग्रेस सदस्य पृथक तेलंगाना राज्य के गठन की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए अग्रिम पंक्ति में आ गए।

पीठासीन सभापति फ्रांसिस्को सरदिन्हा ने सदस्यों से अपने स्थान पर जाने का आग्रह करते हुए कहा, ‘मैं आपको चेतावनी देता हूं, वरना आपके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  इसके बावजूद सदस्यों की नारेबाजी बदस्तूर जारी रही।

इस बीच संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने नारेबाजी कर रहे कांग्रेस के आठ सदस्यों को चार दिन के लिए सदन की कार्यवाही से निलंबित करने का प्रस्ताव रखा जो ध्वनिमत से पारित हो गया। इसके बाद सभापति ने आठों सदस्यों को आज से चार दिन के लिए सदन की कार्यवाही से निलंबित करने संबंधी प्रस्ताव के पारित होने की घोषणा की और संबंधित सदस्यों से सदन से बाहर जाने का आग्रह किया। सदस्यों के बाहर नहीं जाने और नारेबाजी जारी रहने पर सभापति ने बैठक करीब पांच मिनट बाद ही ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी। बहरहाल ये सदस्य कार्यवाही स्थगित होने के बाद भी आसन के समीप बैठ गए। ढाई बजे बैठक फिर शुरू होने पर निलंबित सदस्यों के सदन से बाहर नहीं जाने पर सरदिन्हा ने कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।

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