किसानों को गेहूँ का सात दिवस में भुगतान हो

मुख्यमंत्री ने की कमिश्रर,आईजी से वीडियो कांफ्रेंसिंग, डिंडोरी में अवैध कटाई की उच्च-स्तरीय जाँच होगी

भोपाल,5 अप्रैल,नभासं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गेहूँ खरीदी में कही भी किसानों को दिक्कत नहीं हो. किसी भी गाँव की नल-जल योजना की बिजली, बिल लम्बित होने से काटी नहीं जाय, बिल शासन अदा करेगा. गंभीर अपराधों और बड़े अपराधियों की धरपकड़ में और तेजी लायी जाय. फीडर सेपरेशन के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें.

प्रशासन, पुलिस तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी संयुक्त दायित्व की भावना के साथ समन्वय से कार्य करें.  यह निर्देश मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय से मैराथन वीडियो कान्फ्रेसिंग में दिये. मुख्यमंत्री चौहान ने डिंडोरी जिले के वन क्षेत्र में अवैध कटाई की घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए घटना की उच्च-स्तरीय जाँच कर दोषी अधिकारी तथा अपराधियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए. उन्होंने की गयी कार्रवाई से अवगत करवाने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री चौहान को वीडियो कान्फ्रेसिंग के दौरान डिंडोरी जिले के 25 हेक्टर वन क्षेत्र में अवैध वृक्ष कटाई की जानकारी दी गयी.

यह बताए जाने पर कि प्रकरण में डिप्टी रेंजर और वनरक्षक के विरूद्ध कार्रवाई की गई है, मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने बड़े क्षेत्र में अवैध वन कटाई में प्रभावशाली व्यक्तियों और बड़े अधिकारियों की संलिप्तता संभावित है. केवल छोटे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर मामला रफा-दफा नहीं हो और हकीकत सामने लायी जाये.  चौहान ने लगातार 7 घंटे से अधिक सभी संभाग के कमिश्नर, पुलिस महानिरीक्षक से वीडियो कान्फ्रेसिंग करते हुए प्रदेश के सभी 50 जिलों की समीक्षा की.

मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूँ उपार्जन व्यवस्था में किसानों को कोई दिक्कत नहीं हो. गेहूँ का मूल्य सात दिवस में किसान के खाते में अनिवार्यत: जमा हो जाये. चौहान ने संभागायुक्तों द्वारा गेहूँ उपार्जन के लिए की गयी व्यवस्थाओं को ठीक मानते हुए आगाह किया कि अभी से आत्म-संतोष का भाव नहीं आये. गेहूँ की आवक अभी शुरू हुई है और बम्पर उत्पादन को देखते हुए आगे भारी मात्रा में गेहूँ आयेगा. अधिकारी खरीदी, तुलाई, सिलाई, बारदाना, परिवहन, भुगतान तथा भण्डारण की सभी व्यवस्थाओं पर सतत ध्यान दें. चौहान ने कहा कि फीडर विभक्तिकरण का कार्य समय-सीमा में पूरा करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने अत्यंत कड़े शब्दों में कहा कि लक्ष्य अनुसार कार्य नहीं होने पर बहाने नहीं सुनें जायेंगे और कठोर कार्रवाई होगी. उन्होंने फीडर विभक्तिकरण के निर्धारित मासिक लक्ष्यों की प्राप्ति के निर्देश दिये.

बैठक में मुख्यमंत्री ने संभागायुक्त और पुलिस महानिरीक्षक के आपसी समन्वय की जानकारी ली. उन्होंने संभागायुक्त, महानिरीक्षक पुलिस, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक द्वारा क्षेत्र भ्रमण के लिए किए जा रहे दौरों/निरीक्षणों की भी जानकारी ली. उन्होंने सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों से अन्य राज्यों के अधिकारियों के साथ भी संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी आकस्मिक रूप से क्षेत्र का भ्रमण करेंगे और गेहूँ उपार्जन एवं अन्य कार्यों की समीक्षा करेंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों पर पुलिस की चमक और धमक बनी रहे. उन्होंने कहा कि पुलिस बड़े अपराधियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करें. उन्होंने महिलाओं के प्रति अपराधों पर तत्परता और कठोरता के साथ कार्रवाई करने को कहा. उन्होंने कहा कि अपहरण जैसे गम्भीर अपराधों में संलिप्त सफेदपोशों को पुलिस चिन्हित करें और उनके विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाए.
मुख्यमंत्री चौहान ने इन्दौर, खण्डवा में विभिन्न स्थानों पर लगाये गये सी सी टी वी कैमरों की उपयोगिता तथा अपराधियों को पकडऩे में मिली सफलता को देखते हुए प्रदेश के अन्य बड़े नगरों में भी ऐसी व्यवस्था के निर्देश दिये. उन्होंने बड़े शहरों विशेष रूप से इन्दौर में जमीनों के बढ़ते विवादों तथा गैंगवार जैसी स्थितियाँ बनने की घटनाओं को अत्यंत गंभीरता से लेने तथा तत्परता से प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिये. मुख्यमंत्री ने झाबुआ में जेल से कैदियों के भागने की घटना के मद्देनजऱ कहा कि भविष्य में कहीं ऐसी पुनरावृत्ति नहीं हो. उन्होंने पूरे प्रदेश की जेलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए कहा.

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि राज्य में उपलब्ध खनिज के उचित दोहन के लिये सरकार शीघ्र ही नीति बना रही है. नीति में खनिज संसाधन की उपलब्धता और उसके दोहन के मध्य संतुलन बनाने का प्रयास किया जाएगा. चौहान ने मिशन के कार्यों की समीक्षा के दौरान संभागायुक्त की माँग अनुसार शिवपुरी जिले में अधिकारियों की उपलब्धता के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि कुपोषण के कलंक को मिटाने के कार्य में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी.
चौहान ने अधिनियम की समीक्षा के दौरान प्रतिमाह प्राप्त आवेदन और उनके निराकरण की व्यवस्था के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि आवेदन की पावती नहीं देने के मामलों में संबंधित कर्मचारी-अधिकारी की वेतन वृद्धि रोकी जानी चाहिए.

मुख्यमंत्री ने पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि ग्रामीण विद्युत नल-जल योजनाओं के विद्युत देयकों का भुगतान सरकार द्वारा किया जायेगा. अत: विद्युत नल-जल योजनाएँ विद्युत कनेक्शन के अभाव में बंद नहीं रहे. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा विद्युत बिल का भुगतान करने के बाद भी यदि पंचायत नल-जल योजना का संचालन नहीं कर रही है तो ऐसी पंचायतों के पदाधिकारियों के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए. मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सालयों और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि मौसमी बीमारियों के परिप्रेक्ष्य में जरूरी दवाएँ उप स्वास्थ्य केन्द्र स्तर तक उपलब्ध रहे. कॉम्बैट टीमें पूरी तरह सचेत रहें और स्वास्थ्य सेवाओं की समय-समय पर समीक्षा हो.

मुख्यमंत्री ने सड़कों के निर्माण, मरम्मत और नवीनीकरण की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के लिए आवश्यक मुरम और रेत आदि निर्माण एजेंसी को विधिवत उपलब्ध करवाई जाए. इसके लिए खनन लीज देने का कार्य समय-सीमा में पूर्ण हो. खदान का सीमांकन और नपती कार्य को प्राथमिकता के साथ किया जाए. चौहान ने मर्यादा और जलाभिषेक अभियान की तैयारियों की भी जानकारी ली. उन्होंने कहा कि दोनों अभियानों के कार्यों की कार्ययोजना बना ली जाये. सभी जिलों की सहकारी समितियों में उर्वरक का भंडारण कर लिया गया है. जो किसान अभी उर्वरक प्राप्त कर लेंगे उन पर अग्रिम ब्याज नहीं लगेगा. किसान जितना चाहे उर्वरक ले सकते हैं. कान्फ्रेंसिंग में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव, गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता, मुख्य सचिव अवनि वैश्य, अपर मुख्य सचिव आर. परशुराम,  अशोक दास, स्वदीप सिंह, एंथोनी जेसी डीसा, पुलिस महानिरीक्षक नंदन दुबे एवं अन्य प्रमुख सचिव एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री को प्राप्त आवेदन
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें प्राप्त आवेदनों पर समय-सीमा में उचित कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि आवेदनों का विधिवत त्वरित निराकरण कर मुख्यमंत्री सचिवालय को अवगत करवाया जाये.

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