युवी को देखने हवाई अड्डे पर उमड़ी भीड़

नई दिल्ली, 9 अप्रैल. भारतीय क्रिकेट टीम के धुरंधर खिलाड़ी युवराज सिंह कैंसर को मात देकर आज भारत वापस लौट आए. युवराज सिंह के विमान ने दिल्ली के इंडिया गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सुबह करीब 9.40 बजे लैंड किया.

हवाईअड्डे पर युवराज सिंह को देखने भारी भीड़ उमड़ी. एयरपोर्ट से निकलकर युवी सीधे गुडग़ांव स्थित अपने घर के लिए रवाना हो गए. कीमोथेरेपी के बाद मार्च में उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई. तब से युवराज लंदन में रुके थे. आज सुबह करीब साढ़े 9 बजे वे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे. मालूम हो कि अमेरिका के बॉस्टन इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर रिसर्च में करीब दो महीने इलाज के बाद युवराज अपने मुल्क लौट रहे हैं.

युवराज इसी साल 26 जनवरी को इलाज के लिए अमेरिका गए थे. बॉस्टन में युवराज की तीन चरणों में कीमोथेरेपी हुई और आखिरकार युवराज एक विजेता के तौर पर सामने आए. अपनी हिम्मत और करोड़ों चाहने वालों की दुआओं के दम पर युवी ने कैंसर को मात दे दी. मार्च में उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई. बॉस्टन में इलाज पूरा होने के बाद युवी बीते कुछ दिनों से लंदन में थे और अब लंदन से दिल्ली पहुंचेंगे भारत रवाना होने से पहले उन्होंने ट्विट किया कि आखिरकार वह दिन आ ही गया. मैं घर जा रहा हूं. मुझसे अब और इंतजार नहीं होता. अपने परिवार और दोस्तों से मिलने के लिए मैं काफी उत्साहित हूं. सी-यू-इंडिया. मेरा भारत महान.

युवराज ने कैंसर को तो मात दे दी है, लेकिन जानकारों का मानना है कि कीमोथेरेपी खत्म होने के बाद इंसान कमजोर हो जाता है और उसे सामान्य होने में कुछ वक्त लगता है. जानकारी के मुताबिक युवराज मई के आसपास मैदान पर लौट सकते हैं. शुरुआत में उन्हें हल्का-फुल्का अभ्यास ही करना होगा.

मां के हाथ का खाना मिस कर रहा था

अमेरिका में फेफड़े के कैंसर के सफल इलाज के बाद सोमवार को घर लौटे चैंपियन क्रिकेटर युवराज सिंह ने कहा कि वह हर पल मां के हाथ का खाना मिस करते थे, पहले वह जी भरकर खाएंगे फिर बातें करेंगे.  लंदन से लौटने के बाद सुबह 11 बजे अपने घर पहुंचे युवराज सिंह प्रशसकों का अभिवादन करने के बाद मां शबनम सिंह के साथ घर के अंदर चले गए. सुबह आठ बजे से ही उनके घर के बाहर खड़े प्रशंसकों ने जब उन्हें आवाज दे बाहर बुलाया तो युवराज एक बार बाहर आए और बोले, मा के हाथ का खाना मिस कर रहा था. पहले खा लेने दो फिर बात करेंगे. करीब आधे घटे बाद युवराज फिर बाहर आए तो एक प्रशंसक उनसे गले मिलने लगा.

गले लगाते वक्त युवराज ने उससे ठिठोली करते हुए कहा कि पहले तोंद तो अंदर कर लो, फिर गले मिलना. मां शबनम से यह पूछने पर कि क्या युवराज के लिए कुछ खास बनाया है, उन्होंने कहा कि उसके पसंदीदा गोभी के पराठे बनाए हैं.  घर के बाहर खड़े पत्रकारों के हुजूम से बातचीत में शबनम सिंह ने कहा कि पिछले तीन महीने बहुत कठिन थे. मैं सारे देशवासियों की शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने युवी के लिए दुआएं की. मुझे बहुत खुशी है कि वह ठीक हो गया है. उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है मानो हमने दोबारा विश्व कप जीत लिया है. उन्होंने भावी शेड्यूल के बारे में कहा कि अभी कम से कम 10-15 दिन युवराज को पूरा आराम करना है. डाक्टर से तीन महीने बाद मिलना है. वह अब पूरी तरह से ठीक है और पूरे दौर में काफी सकारात्मक रहा है.

इससे पहले युवराज सुबह 10 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान से पहुंचे. हवाईअड्डे के बाहर प्रशंसकों ने उनका भव्य स्वागत किया. इस मौके पर युवी की मां शबनम सिंह मौजूद थीं. अमेरिका में इलाज के बाद लंदन में कुछ दिन रिहैबलिटेशन के बाद युवी लौटे हैं. कीमोथेरेपी के दौरान बाल गंवा चुके युवराज ने लाल रंग की स्पोर्ट्स कैप पहनी थी. लाल टी-शर्ट और खाकी पतलून पहने युवराज ने हवाईअड्डे से बाहर निकलकर वहा खड़े पत्रकारों और अपने प्रशसकों का अभिवादन किया. विक्टरी का साइन बनाते हुए युवराज अपनी सफेद ऑडी एसयुवी में बैठकर गुडग़ाव स्थित अपने घर चले गए.

लंदन में उनके साथ मौजूद रहे एक दोस्त ने कहा कि कैंसर अब उसके शरीर से पूरी तरह निकल चुका है और वह बेहतर है. पिछले साल विश्व कप में मैन आफ द टूर्नामेंट रहे युवराज 26 जनवरी को इलाज के लिए अमेरिका गए थे. रविवार को युवराज ने ट्विटर पर लिखा था- आखिरकार वह दिन आ गया है. मैं कल भारत जा रहा हूं. अपने दोस्तों और परिवार से मिलने को बेकरार हूं. आ रहा हूं भारत. मेरा भारत महान. युवराज का स्वागत काफी भावभीना रहा और कुछ प्रशसक तो पंजाब से आए थे. युवराज का इलाज उसी अस्पताल में चल रहा था, जिस अस्पताल में सात बार के टूर डि फ्रांस जीतने वाले अमेरिकी साइकिलिस्ट लांस आर्मस्ट्रांग ने अपने कैंसर का इलाज कराया था. हाल में युवराज लंदन में सचिन तेंदुलकर से भी मिले थे, जो अपने पैर के अंगूठे की चोट की जाच के लिए वहा गए थे.

युवराज ने बॉस्टन इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर रिसर्च में जनवरी से मार्च के बीच में तीन चरण में कीमोथेरेपी कराई. 30 वर्षीय युवराज को पिछले महीने अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी. युवराज बुधवार को एक प्रेंस कान्फ्रेंस में अपने भविष्य की योजनाओं की घोषणा करेंगे और उपचार के बारे में भी बताएंगे. अभी भारत में आइपीएल का पांचवां सत्र चालू है, लेकिन डॉक्टरों ने युवी को कुछ और महीनों तक मैदान पर नहीं उतरने की सलाह दी है.
विश्व कप 2001 का मैन ऑफ द टूर्नामेंट बने युवराज पिछले साल नवंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में दो मैच खेलने के बाद प्रतिस्पद्र्धी क्रिकेट में नहीं खेले हैं.

वापसी पर स्वागत है : सचिन

भारत के सीनियर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने आज स्वदेश वापसी पर युवराज सिंह का स्वागत किया. तेंदुलकर ने ट्विटर पर लिखा कि युवी जल्दी ठीक हो जाओ. कैंसर से कठिन लड़ाई लडऩे के बाद वापसी पर तुम्हारा स्वागत है मेरे भाई. अमेरिका में कीमोथेरेपी के तीन साइकिल पूरे कराने के बाद स्वदेश लौटे युवराज को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लेने उनकी मां शबनम पहुंची थी. वह लंदन में कुछ दिन रिहैबिलिटेशन के बाद आज सुबह ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान से यहां पहुंचे. कीमोथेरेपी के दौरान बाल गंवा चुके युवराज ने लाल रंग की स्पोर्ट्स कैप पहनी थी. लाल टी शर्ट और खाकी पतलून पहने युवराज ने हवाई अड्डे से बाहर निकलकर वहां खड़े पत्रकारों और अपने प्रशंसकों का अभिवादन किया. विक्टरी का साइन बनाते हुए युवराज अपनी सफेद आडी एसयुवी में गुडग़ांव स्थित अपने घर चले गए. लंदन में उनके साथ मौजूद रहे एक दोस्त ने कहा कि कैंसर अब उनके शरीर से पूरी तरह निकल चुका है और वह बेहतर है. पिछले साल विश्व कप में मैन आफ द टूर्नामेंट रहे युवराज 26 जनवरी को इलाज के लिये अमेरिका गए थे.

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