भोपाल,21 अप्रैल, मध्यप्रदेश में लोग अब सूचना प्रौद्योगिकी का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने लगे हैं. सायबर ट्रेजरी इसकी अच्छी मिसाल है. वर्ष 2007 में जब यह सुविधा उपलब्ध करवाई गई थी तब लोगों की भी इसमें रुचि कम थी. उस वर्ष सिर्फ 15 करोड़ की रकम सायबर ट्रेजरी के ज़रिये जमा हुई और महज 24 हजार 477 ट्रांजेक्शन्स हुए.

धीरे-धीरे इस सुविधा के फायदों को समझकर लोग इसका ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने लगे. ट्रांजेक्शन्स तथा जमा रकम में साल-दर-साल इज़ाफा होता चला गया. वर्ष 2011-12 में सायबर ट्रेजरी के ज़रिये 7,614 करोड़ की रकम सरकारी खज़ाने में जमा हुई और 10 लाख से ज्यादा ट्रांजेक्शन्स हुए.

विस्तार- फिलहाल वाणिज्यिक कर और परिवहन से संबंधित टैक्स ही सायबर ट्रेजरी के जरिये जमा हो रहे हैं. इसके अलावा वे ही लोग इस सुविधा का लाभ ले पा रहे हैं, जिनका भारतीय स्टेट बैंक में खाता है. भारतीय रिजर्व बैंक से बातचीत के बाद जल्द ही छह और बैंक इस सुविधा से जुडऩे जा रहे हैं. कुछ अन्य विभागों के टैेक्स भी इस सुविधा से जमा करवाने की कोशिशें जारी हैं.

पाँच सौ गुना इज़ाफा-सायबर ट्रेजरी से घर बैठ भुगतान करने के लिए वित्त विभाग की वेबसाइट द्धह्लह्लश्च://222.द्वश्चह्लह्म्द्गड्डह्यह्वह्म्4.शह्म्द्द/ पर लॉग इन करें. लॉग इन करने के बाद विभाग का चयन करें. मतलब, परिवहन संबंधी टैक्स के लिये ट्रांसपोर्ट पर क्लिक करें. वेबसाइट पर जाकर अपने विवरण भरें. विवरण एप्रूव होने के बाद भुगतान के लिए स्टेट बैंक की साइट पर जायें. बैंक की ई-बैंकिंग सुविधा के लिए दिये गये लॉग इन/पास वर्ड डालने पर राशि का भुगतान एप्रूव हो जायेगा. इसके बाद जमाकत्र्ता का बैंक खाता डेबिट हो जायेगा और उसे सीआईएन नंबर प्राप्त होगा, जिसका प्रिन्ट जमाकर्त्ता ले सकेगा. जमा के बाद वह कभी भी अपने सीआईएन नम्बर से चालान के बारे में जानकारी ले सकता है.

इस पूरी प्रक्रिया में बमुश्किल पाँच मिनट का वक्त लगेगा. प्रदेश में सायबर ट्रेजरी के ज़रिये ज़मा टैक्स राशि में और ट्रांजेक्शन्स में साल-दर-साल बढ़ोत्तरी हो रही है. वर्ष 2007-08 में 24 हजार 477 ट्रांजेक्शन्स के ज़रिये महज 15 करोड़ की रकम जमा हुई थी. अगले ही साल से इसने जोर पकडऩा शुरू कर दिया. नतीजतन, वर्ष 2008-09 में 4 लाख 29 हजार 555 ट्रांजेक्शन्स के ज़रिये 366 करोड़, वर्ष 2009-10 में 6 लाख 39 हजार 915 ट्रांजेक्शन्स के ज़रिये 651 करोड़, वर्ष 2010-11 में 8 लाख 59 हजार 809 ट्रांजेक्शन्स द्वारा 3,303 करोड़ और वर्ष 2011-12 में 10 लाख 12 हजार 36 ट्रांजेक्शन्स द्वारा 7,614 करोड़ रुपये की रकम जमा हुई. इस तरह वर्ष 2007-08 के मुकाबले यह बढ़ोत्तरी 500 गुना है.

कहीं से भी, कभी भी
सायबर ट्रेजरी ने टैक्स जमा करना कल्पना से भी ज्यादा आसान कर दिया है. कर जमा करने के लिये संबंधित दफ्तर जाकर लाइन में खड़े रहने की दिक्कत खत्म हो गयी. नगद रकम लेकर जाने से जुड़े खतरों से बचत हो जाती है. रात में या दिन में या छुट्टी के दिन भी सायबर ट्रेजरी से टैक्स जमा किये जा सकते हैं. व्यापारी पहले कर जमा करने अपने कर्मचारियों को भेजते थे, जो अपनी सुविधानुसार इसे जमा करते थे जिससे अनावश्यक देरी होती थी.

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