झाबुआ 24, अगस्त .मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ जिले से गुजरने वाली बहुप्रतिक्षित दाहोद..इंदौर रेलवे लाईन को बिछाने के कार्य के लिए भू अर्जन की प्रकिया शुरू हो गई है।

सूत्रों के अनुसार इस रेलवे लाईन के लिए भू अर्जन की कार्यवाही के लिये रेलवे ने जिला प्रशासन से सहयोग मांगते हुए शीघ्र भू अर्जन का काम पूर्ण करने का आग्रह किया है। ताकि मुआवजे के लिए अवार्ड पारित कर संबधित किसानो को उनकी भूमि के मुआवजे की राशि आवंटीत की जा सकें। कलेक्टर जयश्री कियावत ने रेल लाओं महासमिति के पदाधिकारियों को बताया कि रेलवे ने भू अर्जन हेतु जिला प्रशासन से आग्रह किया है और जिला प्रशासन इस पर तत्परता से कार्य प्रारंभ करने जा रहा है. इस संबंध में जिला प्रशासन के राजस्व और रेलवे के अधिकारियों की  बैठक हो रही है।

अनुविभागीय अधिकारी संजय चतुर्वेदीय ने बताया की रेलवे आग्रह पर जिले के पटवारियों और राजस्व अधिकारियों को दाहोद..इंदौर रेल लाईन के पिटोल से लगाकर धार जिले की सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों का सर्वे करने के निर्देश दे दिए गए है। इसके तहत इस रेलवे लाईन के क्षेत्र में आने गांवों के हितग्राहियों की सूची बनाकर उनकी जमीन के मुआवजे की राशि निर्धारित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस कार्य में करीब छह माह का समय लगने की संभावना है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री डॉ मनमोहनसिंह ने 8 अगस्त 2008 में झाबुआ में इस रेल लाइ्रन के लिये आधारशिला रखते हुए वर्ष 2011 तक इसका कार्य पूर्ण होने की बात कही थी।  चार वर्ष का लंबा समय गुजर जाने के बाद भी इसका कार्य प्रारंभ नहीं हो सका था । लेकिन अब इस रेल लाईन के लिये भू अर्जन की प्रक्रिया प्रारंभ होने से क्षेत्र के लोगों को इस लाईन ट्रेनों के दौडने और इलाके का तेजी से विकास होने की आस बंध गई है।

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