ब्यावरा/सारंगपुर 24 अप्रैल, नससे बेटे-बेटियों को आशीर्वाद देने आया हूं. उनका घर खुशियों से भर जाये. उनकी ङ्क्षजदगी में कोई कष्ट ना हो. उनके कष्ट भगवान मुझे मिल जाये. यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजङ्क्षसह चौहान ने जिले के सारंगपुर विकासखण्ड के ग्राम पाडल्यामाताजी में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अन्तर्गत 278 जोड़ो के सामूहिक विवाह सम्मेलन में कहीं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटे-बेटियों में कोई भेदभाव नहीं करें. दोनों के साथ समानता का व्यवहार करें. बेटियां दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती होती हैं. यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता जहां नारियों की पूजा होती है देवता वही रहते हैं. भगवान-माता वहीं विराजमान होते हैं. देश में बेटे ज्यादा और बेटियां कम पैदा हो रही हैं. बेटे के जन्म पर खुशियां मनायी जाती है, वही कई लोग बेटी को बोझ मानते हैं. बेटी बोझ नही वरदान है. सरकारी योजनायें बनाकर बेटी को वरदान बनाया जायेगा. नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक, साइकिल, गांव की बेटी योजना, कॉलेजों में छात्रवृत्ति के साथ मुख्यमंत्री कन्यादान योजना एवं मुख्यमंत्री निकाह योजनायें चल रही हैं.

मुख्यमंत्री ने सारंगपुर क्षेत्र के विकास के लिये हर संभव सहयोग देने का आश्वासन देते हुये कहा कि विधायक गौतम टेटवाल द्वारा रखी गई मांगों का परीक्षण कराकर कार्य किये जायेंगे. इस मौके पर विधायक गौतम टेटवाल ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में लाभान्वितो की जानकारी देते हुये कहा कि जनपद पंचायत अन्तर्गत यहा 278 जोडों का विवाह सम्पन्न हुआ है इसमें 3 निकाह भी कराये गये हैं उन्होंने क्षेत्र में भैसवामाता मंदिर को पर्यटन /तीर्थ स्थल घोषित करने सारंगपुर क्षेत्र में दुग्ध शीत केन्द्र की स्थापना, अस्पताल भवन निर्माण सहित अन्य मांगें रखी. कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नव विवाहित जोडों को आशीर्वाद प्रदान किया. कार्यक्रम के प्रारम्भ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कन्याओं के पैर पूजकर उन्हें उपहार भेंट किये.

Related Posts: