चंडीगढ़, 30 मार्च. पंजाब की कैबिनेट मंत्री और एसजीपीसी की पूर्व अध्यक्ष बीबी जागीर कौर को उनकी बेटी के अपहरण, जबरन गर्भपात और आपराधिक साजिश रचने के जुर्म में 5 साल की कैद की सजा सुनाई गई है. उन्हें गिरफ्तार कर पटियाला की जेल भेज दिया गया है. उनके साथ तीन और लोगों को पांच साल की सजा सुनाई गई है जबकि तीन आरोपियों को बरी कर दिया गया है.

सीबीआई की पटियाला कोर्ट ने उन्हें हत्या के आरोप से तो बरी कर दिया लेकिन धारा 313, 344, 365 के तहत दोषी करार दिया. सीबीआई की विशेष अदालत में ये मामला पिछले 12 साल से चल रहा था. बीबी जागीर कौर की बेटी हरप्रीत की मौत साल 2000 में अचानक हो गई थी जिसके बाद जल्दबाजी में हरप्रीत का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया. तब यह कहा गया था कि हरप्रीत की तबीयत अचानक खराब होने से उसकी मौत हो गई थी लेकिन एक दिन अचानक 27 अप्रैल 2000 को कपूरथला के बेगोवाल इलाके के एक नौजवान कमलजीत ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में बीबी जागीर के खिलाफ याचिका दायर की थी. याचिका में कमलजीत ने अदालत में कहा कि उसकी शादी हरप्रीत से हो चुकी थी और हरप्रीत उसके बच्चे की मां भी बनने वाली थी.

इतना ही नहीं कमलजीत ने ये भी आरोप लगाया कि बीबी जागीर कौर ने हरप्रीत का जबरदस्ती अबॉर्शन करवा दिया और उसे अपने घर बुला पर उसको जहर दे दिया. पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने मामला सीबीआई को सौंप दिया जिसके बाद सीबीआई ने बीबी जागीर कौर के खिलाफ सबूत इकठ्ठा किए. लिहाजा इस मामले में बीबी समेत फगवाडा के एक दंपति दरविंदर कौर और परमजीत सिंह, सब-इंसपेक्टर निशान सिंह, सत्या, हरविंदर कुमार व अन्य के खिलाफ जबरदस्ती अबॉर्शन, खून की साजिश रचने और सबूतों को मिटाने की कोशिश करने का मामला दर्ज किया गया. 12 साल चले इस मुकदमे में हरप्रीत के पति कमलजीत ने कई बार अदालत को कहा कि जागीर कौर उसे जान से मारने की धमकी दे रही है. हालांकि बाद में कमलजीत, बीबी पर लगाए सभी आरोपों से अदालत में मुकर गया. लेकिन बाद में फिर से उसने बीबी के खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया. इस मुकदमे का ट्रायल इसी साल 17 मार्च को खत्म हुआ है.

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