कैबिनेट बैठक: आरआई और पटवारियों खातिर अब कार्यालय सह-आवासीय भवन भी

वृद्वावस्था पेंशन के साथ भी मिल सकेगा योजना का लाभ .

भोपाल,24 सितंबर.मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज सम्पन्न मंत्रि-परिषद की बैठक में ऐसे अभिभावकों के लिये मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना को मंजूरी दी गई, जिनकी सिर्फ पुत्रियाँ हैं.

पेंशन की पात्रता उन अभिभावकों को होगी, जो आयकर दाता नहीं हैं और माता-पिता दोनों में से किसी की आयु 60 वर्ष या अधिक हो. ऐसे अभिभावकों को 500 रुपये प्रतिमाह की दर से पेंशन दी जायेगी. यह पेंशन वृद्धावस्था पेंशन के अलावा होगी. बजट में इसके लिये प्रावधान किया जा चुका है और योजना को शीघ्र लागू किया जायेगा. मंत्रि-परिषद ने 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि में विभिन्न योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी. इनमें इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन, राष्ट्रीय परिवार सहायता, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना, छात्रवृत्ति, आम आदमी बीमा योजना और जनश्री योजना शामिल हैं.

कार्यालय-सह-आवास
मंत्रि-परिषद ने भू-अभिलेख के स्तर में सुधार की योजना के लिये बारहवीं पंचवर्षीय योजना में 60 करोड़ तथा वार्षिक योजना 2012-13 के लिये 8 करोड़ 42 लाख रुपये की आयोजना सीमा स्वीकृत की. योजना में राजस्व निरीक्षक और पटवारी कार्यालय-सह-आवास भवनों का निर्माण किया जायेगा.  मंत्रि-परिषद ने भोपाल जिले की हुजूर तहसील के ग्राम फतेहपुर डोबरा में 11. 20 हेक्टेयर भूमि बीएसएफ को सेक्टर हेड क्वार्टर के लिये आवंटित करने का निर्णय लिया.

इन्फोटेक को भूमि
मंत्रि-परिषद ने इम्पेटस इन्फोटेक (इण्डिया) प्रा.लि. को इंदौर में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को आवंटित ग्राम बडिय़ाकीमा की 10.461 हेक्टेयर में से शेष 0.339 हेक्टेयर भूमि कलेक्टर गाइड-लाइन के अनुसार निर्धारित बाजार मूल्य के 25 प्रतिशत लीज प्रीमियम पर देने का निर्णय लिया. यह भूमि 99 वर्ष के लिये लीज पर आवंटित की जायेगी.

अन्य निर्णय
मंत्रि-परिषद ने मेसर्स लेंको के विद्युत गृह से 300 मेगावॉट विद्युत क्रय किये जाने और लेंको एवं ग्रुप कम्पनियों को राज्य की काली सूची से हटाये जाने का निर्णय लिया.पिछड़ा वर्ग के अभ्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा अध्ययन संबंधी नियम के अनुसार, उच्च शिक्षा के लिये विदेश भेजे जाने वाले अभ्यार्थियों की संख्या 5 से बढ़ाकर 10 करने का निर्णय लिया गया.

मप्र को तीन राष्ट्रीय अवार्ड, केबिनेट की सराहना
सूचना प्रौद्योगिकी तथा कृषि के क्षेत्र में मिले राष्ट्रीय अवार्डों की जानकारी आज केबिनेट की बैठक में दी गई. केबिनेट ने इस उपलब्धि की करतल ध्वनि से सराहना की. मध्यप्रदेश को ई-भुगतान के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य के लिये गोल्ड अवार्ड और स्टेट ऑफ द ईयर का अवार्ड मिला है. इसी तरह कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिये प्रदेश को एग्रीकल्चर लीडरशिप अवार्ड 2012 मिला है.

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