लंदन, 3 मई. ब्रिटेन की एक अदालत ने गुजरात में 1993 में दो बम हमलों के सिलसिले में भारत में वांछित टाइगर हनीफ के भारत प्रत्यर्पण का आदेश दिया है. सुनवाई के दौरान ब्रिटिश जज ने टाइगर हनीफ को अनोखा भगोड़ा करार दिया. हनीफ (51 वर्ष) जिसका पूरा नाम मोहम्मद हनीफ उमरजी पटेल है 2010 में ग्रेटर मेनचेस्टर के बोल्टन में किराने की एक दुकान में दिखा.

वह माफिया सरगना दाउद इब्राहिम से जुड़ा बताया जाता है. लंदन स्थित वेस्टमिनिस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत ने हनीफ के भारत प्रत्यर्पण का आदेश दिया. हनीफ को फरवरी 2010 में मेट्रोपालिटन पुलिस ने हत्या और विस्फोट की कथित रूप से साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था. सूरत में 1993 में एक व्यस्त बाजार में हथगोला फेंकने के मामले में हनीफ भारत में वांछित था. इस हमले में एक स्कूली छात्रा मारी गई थी. वह रेलवे स्टेशन पर भी हथगोला हमले की साजिश रचने का आरोपी है. हनीफ यह दलील देकर प्रत्यर्पण का विरोध करता रहा है कि भारतीय अधिकारियों के हाथों सौंपे जाने पर उसे यातना दी जायेगी. वह प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील कर सकता है. प्रत्यर्पण पर अंतिम फैसला गृह मंत्री द्वारा लिया जायेगा.

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