छापी डेम में डूब रहे छोटे भाई को बचाने में डूबे भाई-बहन

जीरापुर 28 अक्टूबर,  नससे. जीरापुर नगर में भाईदूज के दिन हुए एक दु:खद घटनाक्रम ने हर किसी को झंकझौर कर रख दिया. यहां छापी डेम में तीन भाई-बहन की डूबने से मौत हो गई. घटना से समूचे नगर में शोक छा गया.
जानकारी के अनुसार जीरापुर के वार्ड 15 में स्थित छापी डेम के समीप मोहन मालाकार पुष्पद का खेत है. दोपहर 2.30 बजे के लगभग इनके तीन बच्चे अपनी मां के साथ खेत पर थे तभी  11 वर्षीय बालक मंगल, बांध के किनारे नहाते हुए वहां मौजूद गहरे गड्डï में जा पहुंचा और डूबने लगा ये देख रहा उसका बड़ा भाई कैलाश उम्र 14 वर्ष एवं बहन आरती उम्र16 वर्ष भी पानी में अपने भाई को बचाने कूद पड़े लेकिन ये  तीनों गहरे पानी में जा पहुंचे, खेत पर मौजूद बच्चों की मां के शोर-शराबा करने पर आसपास के लोग दौड़कर आये और उन्होंने बच्चों को पानी से बाहर निकाला लेकिन तब तक तीनों भाई-बहन की पानी में डूबने से मौत हो चुकी थी.

लापरवाही पूर्वक खोदे
गड्डï ने ली जान- जानकारी के अनुसार एक के बाद एक तीनों भाई-बहन की मौत डेम किनारे लापरवाही पूर्वक खोदे गये भारी भरकम गड्डï में जमा पानी में डूबने से होना बताया जाता है.   आसपास के रहवासियों के अनुसार डेम की पाल को बनाने हेतु यहां काम करा रहे ठेकेदार द्वारा डेम किनारे से ही काफी मात्रा में मिट्टी खोदी गई थी. उस समय नागरिकों ने ऐसा नहीं करने की बात भी ठेकेदार से कही थी किंतु इसको नजरअंदाज कर दिया गया और आखिरकार इस लापरवाही ने तीन मासूम भाई-बहनों की जान ले ली.
हर कोई सन्न रह गया घटना से – तीन सगे भाई-बहन की इस तरह डेम में डूबने से हुई मौत की घटना ने हर किसी को झंकझौर कर रख दिया. जिसको भी घटना की खबर लगी वह सन्न रह गया. घटना की जानकारी लगते ही बड़ी संख्या में नागरिक मौके पर पहुंचे. दोपहर पश्चात तीनों भाई-बहन का अंतिम संस्कार कर दिया गया.  बड़े भाई भेरु मालाकार ने चिताओं को मुखाग्रि दी. परिवार की माली हालत ठीक नहीं होने से अंतिम संस्कार आदि की व्यवस्था में नपं द्वारा आर्थिक रुप से सहयोग किया गया.

चार चिता जलीं एक साथ
मृतक तीनों भाई-बहन का स्थानीय मुक्तिधाम में एक साथ अंतिम संस्कार किया गया. पहली बार इस तरह का दृष्य देख हर किसी की आंखे नम हो गई. इसी बीच ग्राम धवरावदा में पदस्थ प्रधानाध्यापक मांगीलाल वर्मा की माताजी का निधन होने पर उनको भी उसी समय अंतिम संस्कार हेतु मुक्तिधाम लाया गया. इस तरह यहां एक साथ चार चिताएं जली.

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