( व्यापार प्रतिनिधि)
खाद्य एवं सुरक्षा मानक अधिनियम में बदलाव के लिए राज्य सरकार के दरबार में प्रदेश के व्यापारियों ने हाजिरी लगाई, पर नतीजा कुछ नहीं निकला, तो अब केंद्र सरकार के सामने विरोध जताने का निर्णय लिया.

इंदौर.. इस नियम में सभी खान-पान की चीजें बेचने और बनाने वाले को लायसेंस बनवाना होगा। लायसेंस बनवाने के जो नियम हैं उसमें पच्चीस-छबीस मुश्किलें हैं, जिसमें बदलाव के लिए पिछले दिनों धरना आंदोलन और व्यापार-व्यवसाय बंद तक रखे गए। यहां के व्यापारी इस संबंध में मुख्यमंत्री से मिले और उन्हें बताया कि धारा 94 में रा’य सरकार को आंशिक संशोधन करने का अधिकार है। तो उन्होंने भी आश्वासन दिया कि विधानसभा के सदन में लाकर इसमें बदलाव कर देंगे।

विधानसभा में यह मुद्दा भी उठा, पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को इस संबंध में पत्र लिखकर इतिश्री कर ली। अब व्यापारी फिर नए सिरे से इस लड़ाई को लडऩे के लिए मैदान में आए हैं और कल मध्यप्रदेश फूड प्रोडक्ट निर्माता एवं विक्रेता महासंघ की बैठक हुई, जिसमें नौ से ग्यारह अप्रैल तक तीन दिनी कारोबार बंद रखने का अह्वान किया गया। संयोजक सुरेश अग्रवाल ने बताया कि अब इस कनून को वापस लेने के लिए केंद्र सरकार को बाध्य किया जाएगा। बैठक में चालीस व्यापारी संगठन के पदाधिकारी मौजूद थे। सेम्पल उठाए-प्रदेश सरकार ने आश्वासन दिया था कि इस नियम में ढिलाई बरतते हुए अभी कोई कार्रवाई नहीं करेंगे, लेकिन एक अप्रैल के बाद मध्यप्रदेश के मंदसौर-नीमच, धार, देवास जिले के व्यापारियों के यहां से सेम्पल उठाकर उन्हें परेशान किया जा रहा है।

नई दिल्ली.   देश के कई  हिस्सों में आलू और टमाटर सहित अन्य सब्जियों के दाम में इस सप्ताह तेजी देखने को मिली है। वायदा कारोबार, जमाखोरी आदि कारणों से सब्जियां महंगी हुई हैं, जिससे आम आदमी प्रभावित हो रहा है।

व्यापारियों के अनुसार, दिल्ली में टमाटर का खुदरा भाव 40 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। इसकी वजह पाकिस्तान को अधिक निर्यात तथा हिमाचल प्रदेश से आवक में देरी है। उन्होंने कहा कि आलू, बैंगन, टमाटर, हरी मटर के दाम आवक घटने से बढ़ गए हैं। कृषि उपज विपणन समिति [एपीएमसी]  की दरों के अनुसार, पिछले दो दिन में थोक मंडी में आलू 6 से 10.50 रुपये प्रति किलो के दायरे में बिक रहा है। इससे खुदरा बाजार में इसकी कीमतें चढ़ गई हैं। इसी तरह बैंगन का दाम थोक मंडी में 6 से 16 रुपये प्रति किलो चल रहा है, जबकि टमाटर 5 से 22 रुपये प्रति किलो तक बेचा जा रहा है। गृहणियों के लिए राहत की बात यह जरूर है कि प्याज के दाम दिल्ली के खुदरा बाजार में 10 से 15 रुपये प्रति किलोग्राम चल रहे हैं। अन्य शहरों में भी सब्जियां महंगी हुई हैं।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद [आईसीएआर] की इकाई राष्ट्रीय बागवानी विकास संगठन [एनएचआरडीएफ] के अनुसार, ज्यादातर शहरों में आलू के दाम चढ़े हैं। आगरा में जहां मंगलवार को आलू 7.25 रुपये प्रति किलो बिका, वहीं आज अहमदाबाद में इसका दाम 8.50 रुपये प्रति किलो रहा। बेंगलूर में बुधवार को आलू 11.50 रुपये प्रति किलो था, वहीं मुंबई में यह 11.50 रुपये प्रति किलो व चेन्नई में 12 रुपये प्रति किलो था। आजादपुर टमाटर व्यापारी संघ के महासचिव सुभाव चुघ ने कहा कि आजादपुर मंडी मेंं आने वाला 60 प्रतिशत टमाटर ऊंचे मुनाफे में पाकिस्तान भेजा जा रहा है। नासिक में एनएचआरडीएफ के निदेशक आर के गुप्ता ने आलू के बारे में बताया कि पंजाब और हरियाणा में जनवरी में बेमौसमी बारिश से 5 से 10 प्रतिशत उपज बर्बाद हुई है। हालांकि, अन्य उत्पादक क्षेत्रों उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात और मध्य प्रदेश में उपज की स्थिति संतोषजनक है। आलू की कीमतों में हालिया तेजी की वजह वायदा बाजार में थोक खरीद और जमाखोरी है। दिल्ली कृषि विपणन परिषद के एक अधिकारी ने कहा कि आपूर्ति की स्थिति सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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