इस्लामाबाद, 21 जून. पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री के तौर पर चुने गए पाकिस्तान पिपुल्स पार्टी के मख्दूम शाहबुद्दीन पीपीपी के खिलाफ ड्रग अलाटमेंट मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है.

पाक के पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के बेटे के खिलाफ भी एक गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है. शाहबुद्दीन गिलानी सरकार में स्वास्थ्य और कपड़ा मंत्रालय समेत कई अन्य विभाग भी देख रहे हैं. वह जल्द की प्रधानमंत्री पद के लिए नेशनल असेंबली में नामांकन दाखिल करेंगे. शाहबुद्दीन के नामांकन रद्द होने की सूरत में पीपीपी के रजा परवेज अशरफ नामांकन करेंगे.

मुख्य न्यायाधीश के पुत्र से जुड़ा है गिलानी का फैसला
पाकिस्तानी मीडिया ने यूसुफ रजा गिलानी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोग्य ठहराए जाने पर सवाल उठाया है। मीडिया रिपोर्टो में कहा गया है कि शीर्ष अदालत के मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी के बेटे अरसलान पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप का गिलानी को अयोग्य ठहराए जाने से संबंध हो सकता है। अरसलान पर शीर्ष अदालत में रीयल एस्टेट कारोबारी मलिक रियाज हुसैन के खिलाफ चल रहे मुकदमों को प्रभावित करने के एवज में 40 करोड़ रुपये लेने और विदेश दौरे पर जाने का आरोप है।

सवाल उठाया है कि क्यों न्यायपालिका ने गिलानी को अवमानना का दोषी ठहराए जाने के करीब दो महीने बाद उन्हें अयोग्य घोषित किया।   हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को सर्वसम्मत समर्थन नहीं मिल सकता है। सुप्रीम कोर्ट अरसलान के मामले से जुड़ा हुआ है। गिलानी को अवमानना का दोषी ठहराए जाने के करीब दो माह बाद अयोग्य घोषित करने से यह संदेश जा सकता है कि कोर्ट अरसलान के मामले से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने असाधारण और दुर्भाग्यपूर्ण कदम उठाया है। उसके निर्णय ने न्यायपालिका, संसद और कार्यपालिका को आमने सामने ला खड़ा किया है। सुप्रीम कोर्ट स्पीकर द्वारा गिलानी को अयोग्य नहीं ठहराए जाने के फैसले को अस्वीकार्य बताते हुए मामले को चुनाव आयोग के पास भेज सकता था।

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