नई दिल्ली, 27 मार्च. रक्षा मंत्री एके एंटनी की ओर से संसद में नाम लिए जाने के बाद रिश्वत की पेशकश करने के आरोपी ले.जन. (रिटायर्ड) तेजिंदर सिंह ने जनरल वीके सिंह सहित पांच सैन्य अधिकारियों के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में मानहानि का केस किया है.
मामले की सुनवाई 29 मार्च को  होगी. सीबीआई जनरल सिंह के आरोपों की जांच कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी सेना प्रमुख से उनके आरोपों के बारे में लिखित शिकायत करने को कह सकती है. तेजिंदर सिंह ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि उनके खिलाफ आरोप लगाने वालों को सबूत पेश करना होगा. हालांकि तेंजिदर ने स्वीकार किया कि वह अगस्त 2010 में जनरल वीके सिंह से आखिरी बार मिले थे, लेकिन यह मुलाकात ‘रीइम्प्लॉयमेंट’ को लेकर थी. तेजिंदर सिंह ने किसी कंपनी के लिए बिचौलिये का काम करने से साफ इनकार किया है. उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी किसी को घूस लेने के लिए नहीं कहा. 14 करोड़ की पेशकश करने के लिए जनरल के साथ दोस्ताना रिश्ते होने चाहिए. मैं जनरल का दोस्त नहीं हूं. मेरे उनके साथ प्रोफेशनल रिश्ते रहे हैं.’

 मैने कोई गलती की है तो सजा दीजिए: एंटनी
नयी दिल्ली. नससे. सेना प्रमुख को घूस देने की प्रक्रिया को लेकर रक्षा मंत्री एके एंटनी ने साफ किया है खुद सेना प्रमुख जनरल विजय कुमार सिंह ही घूस की पेशकश के मामले में आगे कार्रवाई नहीं करना चाहते थे. एंटनी ने सेना प्रमुख द्वारा रिश्वत की पेशकश के खुलासे पर राज्यसभा में बताया कि जनरल सिंह ने एक साल पहले की इस घटना के बारे में कभी उनसे लिखित शिकायत नहीं की.

मैंने कोई गलती की है तो सजा दीजिए. सेना प्रमुख ने खुद कहा था कि वे इस मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते. इस मामले में अपने हिस्से की सच्चाई बताने के बाद एंटनी ने भावुक होते हुए कहा कि अगर आपको अब भी लगता है कि मैंने कोई गलती की है तो आप मुझे सजा दीजिए.  एंटनी ने कहा कि मंत्रालय को मिली हर शिकायत की जांच कराई गई है. मसलन आरोप लगने पर 6 कंपनियां ब्लैकलिस्ट की गई.  अगर कोई भी आरोप सही साबित हुआ तो संबंधित सौदा रद्द कर दिया जाएगा. एंटनी ने अपने 54 साल के राजनीतिक जीवन का हवाला देते हुए सार्वजनिक क्षेत्र में स्वच्छता के प्रति अपनी वचनबद्धता और भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करने के प्रण की दुहाई दी. एंटनी ने कहा कि मैं अब इस मामले की सच्चाई बताना चाहता हूं. विपक्ष के नेता अरूण जेटली ने भरे सदन में एंटनी से अपील की कि रक्षा प्रतिष्ठानों के संवेदनशील मामलों को सार्वजनिक विवाद में तब्दील होने से रोका जाए और जो विवाद है उस पर फौरन पूर्ण विराम लगना चाहिए.

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