अभी तक यह अनुमान था कि पूर्वी मध्य प्रदेश में जबलपुर, सीधी और बैतूल को छूता हुआ मानसून जून के आखिरी हफ्ते तक आगे आ जायेगा, लेकिन उत्तर पश्चिमी हवाओं के कारण और बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन जाने के कारण इसमें लगभग एक सप्ताह की देरी की संभावना बन गई, लेकिन हवाओं के रुख लगातार विपरीत होते गये और मध्य प्रदेश में आ गया मानसून पहले झारखंड की तरफ बढ़ा और अब समाचार है कि वह उत्तर पूर्व दिशा में चला गया है.

मध्य प्रदेश में बादल जो छाये हुये हैं, लेकिन उनसे अभी बरसात हो पाने की उम्मीद नहीं है. इस समय मानूसन पूर्व की वर्षा भी खत्म हो चुकी है. राज्य में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है. साथ ही आद्र्रता भी परेशान कर रही है. ऐसा अनुमान लगा है कि मानसून के आने में देरी हो गई है और यह एक महीने की देरी से जुलाई में कभी आ पायेगा. मध्य प्रदेश में मानसून 10 जून में 13-19 जून तक आ जाता है. इसके बाद की देरी चिंता का विषय होती है. इससे खेती का क्रम भी बिगड़ जाता है और उत्पादन पर भी विपरीत असर पड़ता है. राज्य के बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्मी का प्रकोप ज्यादा ही हो गया है. वहां पेयजल का संकट पैदा हो गया है. राज्य के किसान व सरकार खरीफ फसलों की बुवाई के लिये बिल्कुल तैयार होकर बैठ गये हैं. इंतजार है केवल मानसून की वर्षा का. एक-एक दिन की देरी अब परेशानी बढ़ा रही है.

संस्थापक : स्व. रामगोपाल माहेश्वरी
प्रधान संपादक : श्री प्रफुल्ल माहेश्वरी

Related Posts: