गैंगरेप में नया खुलासा, आरोपियों पर कड़ी धाराएं, प्रदर्शन जारी

Delhi updateनई दिल्ली, 1 जनवरी. गैंगरेप मामले में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक मुताबिक गैंगरेप पीडि़त लड़की को बस से कुचलने की कोशिश की गई थी लेकिन उसके दोस्त ने उसे पहिए के नीचे आने से बचाया। छह आरोपियों में से एक आरोपी रामसिंह ने लड़के की लोहे के रॉड से पिटाई की।

जानकारी के मुताबिक तीन जनवरी को दाखिल की जानेवाली चार्जशीट में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराएं लगाई हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ डकैती की धारा को भी जोड़ा है। आईपीसी की धारा 396 यानी डाका डालने के अलावा हत्या की धारा 302 भी लगाई गई है।
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक हादसे की रात यानी 16 दिसंबर को पीडि़तों को बस से कुचलने की भी कोशिश की गई थी। पुलिस के मुताबिक बस में तीन आरोपी मुसाफिरों की तरह बैठे थे। इससे पीडि़तों को भी उनके मुसाफिर होने की गलतफहमी हो गई। बस में पीडि़तों के बैठने के बाद राम सिंह ने झगड़े की शुरुआत की। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इस आरोप पत्र में 16 दिसंबर की घटना के संबंध में 30 गवाहों का हवाला दिया गया है। गौरतलब है कि पीडि़ता छात्रा की शनिवार सुबह सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई।

मौत की सजा की मांग करेंगे

जांचकर्ताओं ने कहा कि वे इस मामले के अभियुक्तों के खिलाफ मौत की सजा की मांग करेंगे। साकेत की अदालत में दायर किए जाने वाले आरोप पत्र में इस घटना में शामिल पांच लोगों की भूमिका विस्तार से दर्ज होगी और मामले में कथित तौर पर शामिल नाबालिग लड़के की सुनवाई के लिए किशोर न्याय बोर्ड को अलग से एक रिपोर्ट सौंपी जाएगी। अधिकारी ने बताया कि आरोप पत्र में घटनाक्रम, इलाज, पीडि़ता को सिंगापुर के एक अस्पताल में भेजने और उसकी मौत का पूरा ब्योरा दिया जाएगा। पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ बलात्कार, हत्या और अन्य आरोप लगाए हैं।

मीडिया से बात नहीं : कृष्णन

दिल्ली सामूहिक बलात्कार मामले में विशेष सरकारी अभियोजक बनाए गए दयन कृष्णन ने कहा कि इस घटना के बारे में वह मीडिया से कोई बात नहीं करेंगे। कृष्णन ने एक बयान में कहा सरकारी अभियोजक के तौर पर यह मेरा फर्ज है कि कानून के उच्च मानदंडों के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया में निष्ठावान बना रहूं ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके। आपके निरंतर मिल रहे सहयोग के लिए मैं आप सभी का आभारी हूं। पुलिस ने इस मामले में गुरुवार को आरोप पत्र दायर करने की योजना बनाई है।

रेपिस्ट का घर उड़ाने की कोशिश

दिल्ली गैंग रेप कांड में गिरफ्तार मुख्य आरोपी राम सिंह के घर में बम फिट करने आए तीन युवकों को पकड़ लिया गया। इन युवकों का कहना है कि वे राम सिंह के घर को बम से उड़ाना चाहते थे। ऑटो सवार कुछ युवक सोमवार रात आर.के.पुरम में सेक्टर 3 की रविदास कैंप झुग्गी पहुंचे। यहां उन्होंने गैंग रेप के आरोपी राम सिंह के घर का पता पूछा। राम सिंह के घर के पास पहुंचने पर इन युवकों ने ऑटो से बम की तरह दिखने वाली कोई चीज़ बाहर निकाली। आसपास के लोगों ने जब इन युवकों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वे राम सिंह के घर को बम से उड़ाने आए हैं।

इसी बीच किसी ने पुलिस को कॉल कर दी। खबर मिलते ही तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को आता देख युवक वहां से भागने लगे। पुलिस मौके से 3 युवकों को पकडऩे में कामयाब रही, जबकि बाकी युवक भाग गए। पुलिस ने बम की तरह दिखने वाली चीज़ को भी अपने कब्जे में ले लिया। बाद में पता चला कि युवक अपने साथ दिवाली के दौरान चलाए जाने वाले बड़े पटाखे लेकर आए थे। पुलिस युवकों से पूछताछ कर जानना चाह रही है कि वे आखिर किस इरादे से वहां आए थे। गौरतलब है कि गैंग रेप के आरोपियों के खिलाफ लोगों में बेहद गुस्सा है। यहां तक कि इन आरोपियों की जेल में बंद कैदी ही दो बार धुनाई कर चुके हैं।

सबसे परामर्श मांगा

केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने मंगलवार को कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े कानून के मसले पर अपनी राय जस्टिस वर्मा समिति को देने के लिए उन्होंने सभी राजनीतिक दलों को लिखा है ताकि समिति को फैसला करने में आसानी हो। शिंदे ने कहा,’मैंने सभी राजनीतिक दलों को पत्र लिखा है कि वे अपनी राय जस्टिस वर्मा समिति को दें ताकि समिति को निर्णय करने में सहयोग मिल सके।’

सर्वदलीय बैठक से इनकार- गृह मंत्री ने हालांकि, इस विवादित मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की विपक्ष की मांग पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। शिंदे ने इसके पहले शनिवार को कहा था कि बलात्कार कानूनों को और सख्त बनाया जाएगा। गैंगरेप पीडि़ता की मौत पर अपने शोक संदेश में शिंदे ने कहा,’सरकार सभी अपराधियों को सख्त सजा दिलाने को लेकर प्रतिबद्ध है। सरकार कानून को और सख्त बनाने के लिए इसमें आवश्यक बदलाव के लिए भी प्रतिबद्ध है ताकि इस तरह की घटना भविष्य में दोबारा न हो।’ उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने सोमवार को संसद का विशेष सत्र बुलाने की भाजपा की मांग खारिज कर दी।

जयललिता सरकार ने उठाए कदम

दिल्ली गैंग रेप के बाद महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कानून की मांग के बीच तमिलनाडु ठोस कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। महिलाओं से छेड़छाड़ या सेक्शुअल असॉल्ट की शिकायतों की जांच पुलिस प्रॉयरिटी से करेगी और एसपी व डीआईजी ऐसे मामलों की मासिक समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री जे. जयललिता की ओर से जारी बयान में कहा गया है, कोर्ट में सेक्शुअल असॉल्ट के पेंडिंग मामलों की समीक्षा पुलिस के सीनियर अधिकारी करेंगे और ऐसे केसों के जल्दी निपटारे के लिए कदम उठाएंगे। बयान में कहा गया है, रेपिस्टों को सजा दिलाने के लिए राज्य में गुंडा ऐक्ट में संशोधन किया जाएगा.

और सभी जिलों में फास्ट ट्रैक महिला कोर्ट बनाए जाएंगे। ये कोर्ट महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों की सुनवाई करेंगे और इनमें सभी सरकारी वकील महिलाएं ही होंगी। इसके अलावा तमिलनाडु सरकार रेप और यौन उत्पीडऩ की शिकार महिलाओं के इलाज का खर्च भी उठाएगी। मुख्यमंत्री की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि राज्य सरकार मौजूदा कानून में बलात्कारियों को फांसी की सजा देने और उन्हें नपुंसक बनाने का प्रवाधान शामिल करने के लिए संशोधन की मांग भी करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत जल्द महिलाओं के लिए एक्सक्लूसिव हेल्पलाइन नंबर लॉन्च किया जाएगा। इसके अलावा जिन जगहों पर महिलाओं की भीड़ होती है, वहां सादी वर्दी में पुलिस वाले तैनात किए जाएंगे।

लड़की को घर में घुसकर जिंदा जलाया

हाथरस. जिले के सासनी क्षेत्र में हुई दुस्साहसिक वारदात में एक व्यक्ति ने एक लड़की के घर में घुसकर उस पर मिट्टी का तेल छिड़क आग लगा दी। पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि लोहर्रा गांव में कल रात आशा अपने घर पर अकेली थी, तभी एक अज्ञात युवक छत से उसके घर के आंगन में कूदा और उस पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी।

आग की लपटों से घिरी उस लड़की की चीख-पुकार सुनकर उसके पिता अशोक कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे और अपनी बेटी को अस्पताल में भर्ती कराया। गम्भीर हालत के मद्देनजर उसे अलीगढ़ के मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी युवक की तलाश शुरू कर दी है।

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