रेप पर इंडिया और मर्यादा बयानों से बवाल
मर्यादा का उल्लंघन करेंगी तो चुकानी होगी कीमत: विजयवर्गीय
नई दिल्ली, 4 जनवरी. दिल्ली गैंग रेप के बाद इस मसले पर नेताओं के ऊल-जलूल बयानों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने महिलाओं को मर्यादा में रहने की नसीहत दे डाली, तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि रेप की घटनाएं गांवों के मुकाबले शहरों में ज्यादा होती हैं। उन्होंने कहा कि बलात्कार की घटनाएं इंडिया में ज्यादा और भारत में कम होती हैं।
एक ओर जहां मध्य प्रदेश सरकार ने रेप के मामलों में दोषियों को 45 से 60 दिन में सजा दिलवाने के लिए 138 नई अदालतें खोलने की घोषणा की है, वहीं सरकार के अहम मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने महिलाओं को लेकर गैर-जिम्मेदाराना बयान दे दिया है। उन्होंने न्यूज़ चैनलों से बातचीत में रामायण का हवाले देते हुए कहा, एक ही शब्द है- मर्यादा। मर्यादा का उल्लंघन होता है, तो सीता-हरण हो जाता है। लक्ष्मण रेखा हर व्यक्ति की खींची गई है। उस लक्ष्मण रेखा को कोई भी पार करेगा, तो रावण सामने बैठा है, वह सीता हरण करके ले जाएगा।
मंगलवार को सिलचर में सिटिजन्स मीट में भागवत ने एक सवाल के जवाब में पश्चिमी जीवनशैली की निंदा करते हुए कहा था कि रेप की घटनाएं गांवों के मुकाबले शहरों में ज्यादा होती हैं। उन्होंने कहा कि यौन हिंसा समेत सभी अपराधों की शिकायतें उन इलाकों से ज्यादा आती हैं, जहां लोग पश्चिमी सभ्यता से ज्यादा प्रभावित हैं। भागवत ने कहा, कड़े कानून के अलावा महिलाओं के प्रति नजरिए में भी बदलाव की जरूरत है। महिलाओं के प्रति आदर और सम्मान की हमारी पुरातन संस्कृति को फिर से जीवन में उतारने की जरूरत है।
बयानों की निंदा
कांग्रेस, लेफ्ट पार्टियां, राष्ट्रीय महिला आयोग और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भागवत के बयान की निंदा की है। कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा कि इस बयान से इस बात को सिद्ध करने का प्रयास किया जा रहा है है कि राम, लक्ष्मण और हनुमान तीनों रावण से कमजोर है। सरकार इस बात में सक्षम है कि महिलाओं को बेहतर सुरक्षा दी जा सके। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा कि भागवत को जमीनी हकीकत का पता नहीं है, उन्हें गांवों में जाकर वहां का हाल पता करना चाहिए। किरन बेदी ने कहा कि भागवत को ऐसा लगता है, यह हकीकत नहीं है। जहां थाने नहीं हैं, थाने हैं तो महिला पुलिस नहीं है, अस्पताल नहीं हैं, मीडिया नहीं है, वहां ऐसी घटनाएं दब जाती हैं। दिग्विजय सिंह कहा, भारत और इंडिया में कोई अंतर नहीं है। भारत के लोग ही गांवों से शहरों में आए हैं। इस तरह की घटना कहीं भी हो सकती है।
भागवत के बयान से पलटी बीजेपी , कैलाशजी ने भी पल्ला झाड़ा!
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के रेप पर दिए बयान पर सफाई देते हुए बीजेपी ने कहा है कि उनके बयान को गलत तरीके से लिया गया है। वहीं मध्यप्रदेश के मंत्री उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी अपने बयान से पलट गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने बयान पूरे समाज के संदर्भ में दिया था। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान के मीडिया में तूल पकडऩे के बाद बीजेपी ने कहा है कि भागवत के बयान को गलत तरीके से लिया गया है। बीजेपी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मोहन भागवत के बयान को गलत तरीके से लिया गया। बीजेपी ने जहां आरएसएस प्रमुख के बयान का बचाव किया। वहीं शिवराज के मंत्री के बयान से पल्ला झाड़ लिर्या। रविशंकर प्रसाद ने माना कि कैलाश विजयवर्गीय का बयान उचित नहीं था और उन्हें अपना बयान वापस लेना चाहिए।

