नई दिल्ली, 12 जनवरी. केन्द्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिन्दे ने कहा है कि अगर अदालत बलात्कारियों को मौत की सजा देती है तो उसे माफ करने की सिफारिश वह राष्ट्रपति से कभी भी नहीं करेंगे।
शिंदे से एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में जब सवाल किया गया कि क्या वह बलात्कारियों की मौत की सजा माफ करने की सिफारिश राष्ट्रपति से करेंगे। उनका जवाब था, ‘जब तक मैं इस कुर्सी पर (गृह मंत्री पद पर) हूं, मैं राष्ट्रपति से कभी भी ऐसी सिफारिश नहीं करूंगा।Ó उन्होंने कहा कि बलात्कार के सभी मामलों को दुर्लभ से दुर्लभतम नहीं माना जा सकता, लेकिन 16 दिसंबर की रात 23 साल की युवती के साथ हुई सामूहिक बलात्कार की घटना दुर्लभ से दुर्लभतम मामला माना जा सकता है।
पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल द्वारा मौत की सजा को कम करने के पूर्व के मामलों पर शिंदे ने कहा कि वह उन मामलों के बारे में नहीं जानते। कम से कम उनके कार्यकाल के दौरान ऐसा नहीं हुआ है। केवल एक मौत की सजा, जिसकी मैंने सिफारिश की थी (अजमल कसाब), सबको पता है। यहां तक कि वाशिंगटन पोस्ट ने भी इसको सराहा है।

