योजनाओं के विकास के लिए 80 फीसदी राशि दे केंद्र तभी विकास संभव

भोपाल 27 अप्रैल, नभासं. राज्य में भाजपा सरकार एक तरफ विकास का ढिंढोरा पीट रही है तो दूसरी तरफ उसी के मंत्री राज्य को देश में मध्यप्रदेश को सबसे पिछड़ा राज्य बता रहे हैं.
नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर ने एक बार फिर राज्य की जमीनीं हकीकत को बया कर सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. शुक्रवार को यहां प्रेस वार्ता में गौर ने कहा कि मध्यप्रदेश पहले भी पिछड़ा राज्य था अब भी है. इस लिए केन्द्र सरकार को राज्य के विकास के लिए 80 फीसदी राशि देना चाहिए जिससे कि पिछड़े राज्य का कलंक धुल सके.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे विकसित राज्यों की श्रेणी में रखकर मध्यप्रदेश को भी योजनाओं की 50 प्रतिशत राशि ही देता है, यह सही नहीं है. मध्यप्रदेश को केंद्रीय योजनाओं में 80 प्रतिशत राशि मिलना चाहिए. गौर शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री कमलनाथ से मिलकर यह मांग रखेंगे. गौर ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन के दूसरे चरण में भी प्रदेश को 80 प्रतिशत राशि मांगी जाएगी. उन्होंने कहा कि शहरी विकास मंत्रालय ने नगर विकास की बकाया राशि 332.14 करोड़ रुपए जारी नहीं की है, इस वजह से मप्र में शहरी विकास के काम बाधित हो रहे हैं.

गौर ने कहा कि सरकार ने नगरीय निकायों के लिए दी जाने वाली राशि में इस साल 23 फीसदी का इजाफा किया है. निकायों में वेतन आदि का 90 प्रतिशत भार शासन उठाता है. निकायों को केवल 10 फीसदी ही खर्च अपने कर राजस्व से करना होता है. निकायों की कर वसूली कम है. उन्हें कर वसूली बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए. लोधीखेड़ा नगर परिषद ने 97 प्रतिशत कर वसूली कर उदाहरण प्रस्तुत किया है. नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर हाल ही में महिलाओं पर अशोभनीय टिप्पणी कर महिलाओं को निराश किया था. महिलाओं के विरोध के बावजूद भी गौर अपने सुर नहीं बदले. वह मीडिया से स्पष्ट कहते रहे कि उन्होंने पश्चिमी सभ्यता को अश्लीलता बढऩे का कारण बताकर कुछ भी गलत नहीं किया है. सच के खिलाफ किसी को प्रदर्शन करना है तो करे. गौर ने एक निजी चैनल से इंटरव्यू में इंद्र और विश्वामित्र का हवाला देते हुए कहा कि मेनका ने ही विश्वामित्र का तप भंग किया था. गौर ने डर्टी पिक्चर के गाने ऊ लाला.. ऊ लाला.. का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह के गानों और फिल्मों से भी अश्लीलता बढ़ रही है.

राजधानी भोपाल में नागरिकों की सुविधा के लिए 30 स्थानों पर फुट ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे. पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में ऐसे ब्रिज बनाने के लिए स्थान तय कर लिए गए हैं. यह जानकारी नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में दी. गौर ने बताया कि शहर में जनसंख्या और वाहनों की वृद्धि की वजह से पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रोड क्रॉसिंग वक्त की जरूरत है. पहले चरण में शहर के व्यस्ततम मार्गों पर ऐसे फुट ओवरब्रिज बनाए जाएंगे. मिसरोद, सी 21 मॉल के पास, आसिमा मॉल के पास, अहमदपुर तिराहा, फाच्र्युन सिटी के पास, बरकतुल्ला विवि गेट के पास, विद्या नगर, आरआरएल तिराहा, नर्मदा अस्पताल के पास, हबीबगंज रेलवे स्टेशन, सरगम सिनेमा चौराहा, बोर्ड ऑफिस चौराहा, टीटी नगर थाने के पास, पॉलीटेक्निक चौराहा, किलोल पार्क के पास, आईटीसी पार्क के पास, रॉयल मार्केट चौराहा, कलेक्टोरेट के करीब, लालघाटी चौराहा, हलालपुरा बस स्टैंड, बैरागढ़ थाने के पास, चंचल चौराहा बैरागढ़, काली मंदिर चौराहा बैरागढ़, रोशनपुरा चौराहा, अल्पना तिराहा, भोपाल टॉकीज के पास, रंगमहल चौराहा, 10 नंबर स्टॉप मार्केट के पास, टीटी नगर कम्युनिटी हॉल के पास और बिट्टन मार्केट के पास. -नीलम पार्क में लेजर शो ऑडिटोरियम का निर्माण अप्रैल में ही पूरा होगा, 500 दर्शक क्षमता, रोज 25 25 मिनिट के दो शो, एक टिकिट 40 रुपए का, 15 अगस्त 26 जनवरी को फ्री. -म्युजिकल फाउंटेन पूरा होने के करीब, 400 लाइटें,373 नोजल, देशभक्ति के तरानों पर थिरकेगा फाउंटेन. -ऑडिटोरियम की पार्किंग में 60 कारे और डेढ़ सौ दोपहिया की जगह, फूड जोन बनेगा और बोट क्लब की दशा भी सुधरेगी

कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष अर्चना जायसवाल के निर्देशानुसार आज 27 अप्रैल को शहर महिला कांग्रेस भोपाल द्वारा नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर द्वारा अश्लीलता एवं बलात्कार सबंधित महिलाओं पर बयानबाजी के विरोध में बोर्ड आफिस चौराहे पर शहर अध्यक्ष प्रतिभा विक्टर के नेतृत्व में हाथों में तख्तियां लेकर तथा नारेबाजी करते हुये विरोध प्रदर्शन किया गया. उक्त विरोध प्रदर्शन में प्रतिभा विक्टर द्वारा कहा गया कि बलात्कार तथा महिलाओं से छेड़छाड़ करना एक मानसिक विकार है तथा यह नारी समाज पर सबसे बड़ा अत्याचार है.

वर्तमान परिदृश्य में महिलायें शिक्षित हैं तथा समाज में कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिये तथा रोजगार के लिये उन्हें घर की चहार दीवारी से बाहर निकल कर अपने कार्यस्थल तक आना-जाना पड़ता है. गौर विभिन्न जिम्मेदार पदों पर आसीन रहे हैं तथा वर्तमान में भी वे प्रदेश के जिम्मेदार मंत्री पद पर आसीन हैं. उनके द्वारा बलात्कारियों की पैरवी करते हुये महिलाओं के कपड़ों एवं शरीर को अश्लीलता का कारण बताने से महिलायें आहत एवं आक्रोशित हैं. साथ ही प्रदेश के सुदूर अंचलों से राजधानी सहित अन्य बड़े शहरों में पढऩे एवं रोजगार हेतु आईं महिलाओं एवं लड़कियों के परिजनों में उनकी सुरक्षा को लेकर चिन्ता उत्पन्न हो गई है.

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