नई दिल्ली, 20 नवंबर. आखिरकार केंद्र सरकार ने भी माना है कि महंगाई का अनुमान लगाने में उससे चूक हुई है। एक साक्षात्कार में योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि महंगाई की दर में कमी का अनुमान लगाने में उनसे गलती हुई है।

अहलूवालिया ने कहा ये सच है कि हम ये उम्मीद कर रहे थे कि महंगाई यानी मुद्रास्फीति दर जल्द कम होगी। हर किसी को यह समझना चाहिए कि अल्पकालिक अनुमान में गलती हो सकती है। हालांकि अहलूवालिया का कहना है कि अगले साल मार्च तक महंगाई दर 7-7.5 प्रतिशत के स्तर तक पहुंच जाएगी। पांच नवंबर को समाप्त सप्ताह में महंगाई दर 10.63 प्रतिशत थी। खाद्य महंगाई दर में एक फीसदी से अधिक की नरमी आने पर वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने भी कहा कि यदि मौजूदा रुझान बने रहे तो आने वाले दिनों में लोगों को महंगाई से कुछ राहत मिल सकती है। वित्त मंत्री ने महंगाई पर चिंता जताते हुए आश्वासन दिया था कि सरकार आपूर्ति में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। इसका नतीजा दिसंबर तक महंगाई दर में गिरावट के रूप में देखने को मिलेगा।

सस्ते प्याज निर्यात को अनुमति

सरकार ने प्याज के न्यूनतम निर्यात मूल्य को 125 डालर प्रति टन कम कर 350 डालर प्रति टन कर दिया है. इससे प्याज का निर्यात बढऩे की उम्मीद है क्यों कि अब सस्ते दर का प्याज भी निर्यात किया जा सकेगा. विदेश व्यापार महानिदेशालय ने एक अधिसूचना में कहा, ‘बेंगलूर रोज प्याज और कृष्णापुरम प्याज किस्म को छोड़कर प्याज के हरेक किस्म का न्यूनतम निर्यात मूल्य 350 डालर प्रति टन का होगा.अधिसूचना में बेंगलूर रोज और कृष्णापुरम प्याज किस्म के न्यूनतम निर्यात मूल्य को भी 75 डालर घटाकर 400 डालर प्रति टन किया गया है.

किसानों के द्वारा प्याज की लुढ़कती घरेलू कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने फरवरी में प्याज के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया था. पिछले वर्ष घरेलू बाजार में प्याज की खुदरा कीमतों में तीव उछाल पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने इसका एमईपी बढ़ाकर 600 डालर प्रति टन कर लिया. घरेलू बाजार में कीमतें पिछले वर्ष दिसंबर के 70.80 रुपये प्रति किग्राहो गयी थी. सरकार ने कुछ समय के लिए प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध भी लगा दिया था. सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत का प्याज निर्यात चालू वित्त वर्ष में जुलाई तक 34 प्रतिशत घटकर 4.52 लाख टन रह गया जो वर्ष भर पहले की समान अवधि में 6.83 लाख टन था. भारत मुख्यत: पश्चिम एशिया, सिंगापुर और बांग्लादेश को प्याज का निर्यात करता है. वर्ष 2011-12 में प्याज का उत्पादन 151.36 लाख टन होने का अनुमान है जो पिछले वर्ष के 145.62 लाख टन के उत्पादन के मुकाबले अधिक होगा. प्याज को तीन मौसमों में उगाया जाता है जो हैं खरीफ ‘गर्मी’, देर खरीफ और रबी ‘जाड़ाÓ.

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