विपक्ष का प्रदर्शन, सहयोगी भी नाराज

नई दिल्ली/ लखनऊ/ पटना/ भुवनेश्वर/ तिरूवनंतपुरम/इंदौर, 14 सितंबर. भाजपा ने आरोप लगाया कि देश के अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश को कंगाल बना देने के बाद अब डीजल के पांच रुपए प्रति लीटर दाम बढ़ा कर आम आदमियों पर वित्तीय आतंकवाद थोप दिया है. साथ ही रसोई गैस सिलंडर की राशनिंग करके इसकी कालाबाजारी को वैध बना दिया है. प्रधानमंत्री के प्रति अपने तेवर लगातार कड़े करते जा रहे मुख्य विपक्षी दल ने कहा कि आखिर कब तक ऐसे प्रधानमंत्री और उसकी सरकार को बर्दाश्त किया जाए जो पूर्णत: विफल साबित हो चुकी है.

पार्टी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के सकल घरेलू उत्पाद की रफ्तार को नौ प्रतिशत की दर से दौड़ाने का दावा किया था. लेकिन वह गति 5.5 प्रतिशत पर औंधे मुंह गिर चुकी है. यानी देश के खजाने में चार प्रतिशत की कटौती हो गई है जिसकी भरपाई के लिए वह अब डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ा कर और रसोई गैस की राशनिंग के जरिए आम आदमी से वसूली कर रहे हैं.

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, महासचिव राहुल गांधी, तृणमूल नेता ममता बनर्जी, सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव सहित संप्रग के सभी घटक दलों से सीधा सवाल किया कि क्या वे डीजल के दाम में वृद्धि और रसोई गैस की राशनिंग के मनमोहन सिंह सरकार के फैसले के साथ है या उसके खिलाफ मुख्य विपक्षी दल ने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम में 1.76 लाख करोड़ रुपयों और अब कोयला ब्लाक आवंटन मामले में उससे भी कहीं अधिक रकम के कथित भ्रष्टाचार का इतिहास बना चुकी इस सरकार को वह और बर्दाश्त नहीं करेगी. पार्टी के कोर ग्रुप की गुरुवार शाम हुई बैठक में इस सरकार के खिलाफ शनिवार से नौ दिवसीय देशव्यापी आंदोलन छेडऩे का निर्णय किया गया है. संप्रग के सहयोगी दलों और विपक्षी पार्टियों ने डीजल मूल्यवृद्धि को तत्काल वापस लेने की जोरदार मांग करते हुए इसके खिलाफ सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है, जबकि समाजवादी पार्टी ने कहा है कि वह कड़ा कदम उठाने में संकोच नहीं करेगी. कांग्रेस ने जहां एक ओर सरकार के निर्णय को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आयी बढ़ोतरी के चलते मजबूरी में उठाया गया कदम करार दिया, वहीं कांग्रेस के एक मुख्यमंत्री ने इसमें आंशिक कमी करने की मांग की.

संप्रग सहयोगी तृणमूल कांग्रेस ने डीजल मूल्यवद्धि और रसोई गैस सिलेंडरों की राशनिंग का विरोध किया है तथा तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मूल्यवद्धि वापस लेने की मांग को लेकर शनिवार को कोलकाता में एक रैली का नेतृत्व करेंगी. संप्रग के एक अन्य सहयोगी द्रमुक ने मूल्यवद्धि को अत्यधिक और अप्रत्याशित करार देते हुए उसे वापस लेने की मांग की. डीजल की कीमतों में भारी वृद्घि और रसोई गैस के राशनिंग के फैसले के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है. जबकि सरकार इसे मजबूरी में उठाया कदम बता रही है.

केंद्र सरकार द्वारा की गई डीजल की कीमतों में वृद्घि के खिलाफ उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग शहरों में शुक्रवार को प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज किया. सपाईयों ने बुलंदशहर और वाराणसी में रेलगाडिय़ां रोकीं. डीजल की कीमतों में वृद्घि और रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इलाहाबाद, कानपुर, आगरा, वाराणसी, बुलंदशहर, गोरखपुर और मेरठ में प्रदर्शन किया. केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सपाईयों ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका.

प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी की युवा इकाई समाजवादी युवजन सभा के कार्यकर्ता भी शामिल थे. उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री तथा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने भी डीजल के दामों में भारी वृद्धि और उपभोक्ताओं को साल में रसोई गैस सिलिंडर देने की संख्या सीमित किये जाने का कड़ा विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की और कहा कि केन्द्र की संप्रग सरकार आम जनता की निगाह में दुखदायी सरकार बन गयी है. उन्होंने कहा कि रसोई गैस पर कोटा व्यवस्था लागू कर प्रत्येक घर में सालाना छह सिलिंडर ही देने की सीमा तय करने से ऐसा लगता है कि केन्द्र सरकार देश की घरेलू व्यवस्था को फिर से पुराने युग में ले जाना चाहती है. देश के लिये यह अशुभ और शर्म की बात होगी.

बिहार
उधर बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डीजल की कीमतों में बढो़तरी और रसोई गैस के कोटा व्यवस्था को महंगाई की मार क्षेल रही जनता के साथ क्रूर मजाक बताया है. मुख्यमंत्री ने केंद्र की संप्रग सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र कीमतों को अविलंब वापस ले.उन्होंने कहा कि डीजल महंगा होने से किसानों पर अतिरिक्त मार पड़ेगी और कृषि कार्य महंगा होगा. डीजल की कीमतों में बढो़तरी के कारण अनाजों की कीमत और माल भाड़े में बढो़तरी होगी और महंगाई फिर चरम सीमा पर पहुंचेगी. केंद्र सरकार के सहयोगी दल राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने भी डीजल की कीमत में बढो़तरी और रसोई गैस का कोटा निर्धारित किये जाने पर केंद्र सरकार की आलोचना की. लालू ने कहा कि डीजल की कीमतों में बढो़तरी और रसोई गैस की कीमत बढाऩा दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है. शासक वर्ग को जनता का ख्याल रखना चाहिए. इस फैसले से कृषि की लागत और महंगाई दोनों बढ़ेगी. सरकार को अपने फैसले पर विचार करना चाहिए. राज्य के सत्ताधारी दलों भाजपा और जदयू ने अलग अलग विरोध प्रदर्शन करते हुये रैलियां निकाली और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का पुतला फूंका.

नई दिल्ली
भाजपा कार्यालय से पार्टी कार्यकर्ताओं की एक विरोध प्रदर्शन रैली पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सीपी ठाकुर के नेतृत्व में निकली. पार्टी कार्यकर्ताओं ने राजधानी में व्यस्त डाक बंगला चौराहे पर प्रधानमंत्री का पुतला फूंका. उधर डीजल की कीमतों में बढो़त्तरी को जनता के साथ भारी धोखा करार देते हुए मार्क्?सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने इस फैसले के बहाने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधने का प्रयास किया और आरोप लगाया कि तृणमूल का यह कहना पाखंड है कि उससे विचार-विमर्श नहीं किया गया. पार्टी पोलित ब्यूरो सदस्य बृंदा करात ने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस आलोचना से बचने के लिए कैबिनेट की राजनीतिक मामलों की समिति [सीसीपीए] की बैठक में अपने मंत्री मुकुल रॉय की अनुपस्थिति का बहाना बना रही है. इसी बैठक में डीजल की कीमतों में बढोत्तरी का फैसला किया गया.

ओडिशा
ओडिशा भी में गैर कांग्रेसी दलों ने डीजल मूल्य वृद्धि एवं सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या सीमित करने के केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में को प्रदर्शन किया. राजधानी भुवनेश्वर में सत्तारुढ़ बीजू जनता दल (बीजद) के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जुलूस निकाला और इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी का पुतला भी फूंका. बीजद के उपाध्यक्ष दामोदर राउत ने कहा कि डीजल मूल्य में वृद्धि होने से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का सामना कर रहे आम आदमी का जीवन और कठिन हो जाएगा. उन्होंने कहा कि हम इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग करते हैं. वाम एवं भारतीय जनता पार्टी ने भी भुवनेश्वर एवं कटक में मूल्य वृद्धि के विरोध में अलग-अलग प्रदर्शन किया.

केरल
केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने कहा कि केंद्र को डीजल के दामों में वृद्धि करने से बचना चाहिए. उन्होंने डीजल के दामों में की गई वृद्धि को आंशिक रूप से वापस लेने की मांग भी की है. कांग्रेस नेता और राज्य की यूडीएफ सरकार की अगुवाई कर रहे चांडी ने यहां कहा मूल्य वृद्धि को पूरी तरह वापस लिया जाना तो मुश्किल है, लेकिन केंद्र को चाहिए कि वह इसे आंशिक रूप से वापस ले ले. उधर कांग्रेस ने कहा है कि डीजल की कीमतों में बढो़तरी करने का फैसला मजबूरी में उठाया गया कदम है. डीजल की कीमतों में शाम पांच रुपए प्रति लीटर की बढो़तरी किए जाने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यह फैसला बहुत मजबूरी में किया गया है. अल्वी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढो़तरी को देखते हुए घरेलू तेल कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा था. उन्होंने कहा कि सरकार ने मजबूरन दाम बढा़ए हैं. उन्होंने कहा कि जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमतों में नरमी आएगी तो सरकार भी उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने में देर नहीं करेगी.

मध्य प्रदेश में भी प्रदर्शन

डीजल की कीमत बढ़ाने और रसोई गैस की राशनिंग किए जाने को लेकर मध्य प्रदेश में भी नाराजगी है. भारतीय जनता पार्टी केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है. इंदौर में तो भाजपा महिला मोर्चा ने सड़क पर रोटी पका कर अनोखा प्रदर्शन किया है. महिला मोर्चा ने सड़क पर चूल्हा जलाकर रोटियां सेकी. साथ ही अचार रोटी भी खाने को बांटी और कहा कि महंगाई के चलते आने वाले दिनो में आम आदमी का भोजन भी यही होने वाला है.

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