नई दिल्ली, 29 नवंबर. सरकार ने मंगलवार को कहा कि उसने डीजल की कीमतों पर से नियंत्रण हटाने का सैद्धांतिक फैसला कर लिया है.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने बताया कि पेट्रोलियम उत्पादों के मूल्य निर्धारण की व्यवहार्य और वहनीय प्रणाली पर सलाह के लिए सरकार ने डॉ. किरीट एस पारिख की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समूह का गठन किया था. समूह ने अन्य बातों के साथ-साथ डीजल का मूल्य बाजार निर्धारित करने की सिफारिश की थी. उन्होंने कहा कि सरकार ने 25 जून 2010 से सैद्धातिक रूप में यह निर्णय किया है कि रिफाइनरी द्वारा और खुदरा स्तर, दोनों पर डीजल का मूल्य बाजार निर्धारित कर दिया जाएगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय तेल मूल्यों में होने वाली वृद्धि के स्फीतिकारी प्रभाव से उपभोक्ताओं को बचाने के लिए सरकार द्वारा डीजल के खुदरा बिक्री मूल्यों को आवश्यकतानुसार बढ़ाया घटाया जाता है.  अत: डीजल का वर्तमान मूल्य अपेक्षित बाजार मूल्य से कम होता है. इसके परिणामत: तेल विपणन कंपनियों [ओएमसीज] को अल्प वसूलिया झेलनी पड रही है.  उन्होंने पीयूष गोयल के सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी.

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