• श्रीश्री रविशंकर को अन्ना के प्लान-सी का हिस्सा बताया

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर। भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन चलाने वालों में पहले बाबा रामदेव, फिर अन्ना हजारे के बाद आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर भी कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के निशाने पर आ गए हैं।

रामदेव और अन्ना को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ [आरएसएस] के प्लान ए और बी का हिस्सा करार देते हुए दिग्विजय ने श्री श्री को उसके प्लान सी का हिस्सा बताया है और उन्हें सचेत किया है। श्री श्री रविशंकर ने इस टिप्पणी को जहां नजरअंदाज कर दिया, वहीं भाजपा ने तीखा कटाक्ष करते हुए उन्हें बेशर्म करार दिया है।

भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों को संघ और भाजपा का शिगूफा बताते हुए दिग्विजय ने ट्विटर पर श्री श्री श्री रविशंकर को उनसे दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू आतंकवादियों से संघ के रिश्तों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के आंदोलन चलाए जा रहे हैं। इससे श्री श्री रविशंकर को दूर रहना चाहिए। दिग्विजय लिखते हैं,  मैं श्री रविशकरजी का काफी सम्मान करता हूं और 2001 में मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री रहते हुए आर्ट ऑफ लिविंग का कोर्स किया है। उन्हें संघ-भाजपा से सावधान रहना चाहिए। बाद में दिग्विजय ने मीडिया के सवालों पर अपने आरोपों को और पुष्ट किया। उन्होंने कहा, यह संघ-भाजपा की सुनियोजित योजना है, जिसके तहत लोगों का ध्यान मालेगाव, हैदराबाद, अजमेर शरीफ और समझौता एक्सप्रेस जैसे हादसों से हटाकर भ्रष्टाचार पर केंद्रित करना है। बकौल दिग्विजय, योजना ए में बाबा रामदेव शामिल थे, जबकि योजना बी में अन्ना हजारे। योजना सी श्री श्री रविशंकर से संबंधित है। दिग्विजय के इस कथन को श्री श्री रविशंकर ने किसी तरह की तवज्जो देने से ही इंकार कर दिया।

उन्होंने कहा लोग काफी कुछ लिखते रहते हैं। मैं सभी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया नहीं देता। सभी लोगों को अपना विचार रखने का हक है। वहीं, भाजपा महासचिव रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस महासचिव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कटाक्ष किया, भ्रष्टाचार के मोर्चे पर अपनी सरकार और पार्टी का बेशर्मी से बचाव करने के काम को दिग्विजय ठीक से अंजाम दे रहे हैं। यह अब सबके सामने है कि गुमराह करने या ध्यान भटकाने का प्रयास कौन कर रहा है?

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