सार्वजनिक जीवन में कई तरह की आपदायें आती रहती हैं. आग लगने, बस, रेल या अन्य दुर्घटनायें यदाकदा होती रहती हैं, लेकिन बाढ़ जैसी घटनायें लगभग यहां-वहां नियमित तौर पर होती हैं. जिला प्रशासन इन्हें अपने स्तर पर हरसंभव तरीके से निपटता है. कभी-कभी यह भी सुनने में आता है कि बचाव कार्य में सेना को बुला लिया गया है. भूकंप जैसी बड़ी घटनाओं में राहत व मदद अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक से आ जाती है. इस मामले में भारत सरकार का एक आपदा प्रबंधन संस्थान है. एक नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेन्स) संस्थान भी है, लेकिन इतनी गतिविधियों व संगठन से आम आदमी …… परिचित नहीं हैं.

राज्य सरकार ने इस मामले में एक नई पहल की है कि राज्य के प्रत्येक जिले में आपदा आपातकालीन बल का गठन किया जायेगा. इसमें होमगार्ड के जवानों को लिया जायेगा और उन्हें आपदा के कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया जायेगा और सभी तरह के उपकरणों से सज्जित किया जायेगा.

अमेरिका में ‘रेस्क्यू’ के नाम से बड़ा विशाल संगठन है. इसमें हेलीकॉप्टर वायुयान, पानी के जहाज, सभी होते हैं. यह अपने आप में एक सेना की तरह होती है, जो फौजी चुस्ती व फुर्ती से काम करती है. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भी दिशा निर्देश में कहा है कि आपदा प्रबंधन के लिये एकीकृत दृष्टिकोण के साथ काम किये जाने चाहिये और इसमें नागरिकों की भी सहभागिता भी आवश्यक है. अभी आपदा प्रबंधन में सबसे बड़ी परेशानी यह आती है कि आपदा की जगह ये आसपास ऐसी बेतरतीब तमाशीनों….. की भीड़ खड़ी हो जाती है कि यहां पहुंचना व काम करना मुश्किल हो जाता है.

संस्थापक : स्व. रामगोपाल माहेश्वरी
प्रधान संपादक : श्री प्रफुल्ल माहेश्वरी

Related Posts: