कैबिनेट बैठक-मध्यप्रदेश दखल रहित भूमि अधिनियम की कट ऑफ डेट बढ़ी

भोपाल,3 अप्रैल,मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में आज सम्पन्न मंत्रि-परिषद की बैठक में आपदा पीडि़त किसानों को अधिक राहत देने के लिये राजस्व पुस्तक परिपत्र (आर.बी.सी.) 6-4 के प्रावधावनों में संशोधन करने का निर्णय लिया गया .

इस निर्णय के फलस्वरूप किसानों को पुनरीक्षित दरों से राहत राशि स्वीकृत की जायेगी. मौटे तौर पर मृत व्यक्ति के परिवार को वर्तमान में एक लाख रुपये की राहत दी जाती है, जो बढ़कर डेढ़ लाख रुपये हो जायेगी. इसी तरह अंग भंग की स्थिति में मिलने वाली राहत राशि 35 हजार से बढ़ाकर 43 हजार 500 रुपये, 80 प्रतिशत से अधिक अंग-भंग की स्थिति में राहत राशि 50 हजार से बढ़कर 62 हजार 500 रुपये हो जायेगी. इसी तरह अन्य आपदाओं में दी जाने वाली राहत राशि में भी वृद्धि हो जायेगी.

दखल रहित भूमि अधिनियम

मंत्रि-परिषद ने ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र रहवासियों को भूमि स्वामी अधिकार दिये जाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश ग्रामों में की दखल रहित भूमि (विशेष उपबंध) अधिनियम 1970 में संशोधन करते हुए इसकी कट ऑफ डेट 23 जून 1980 से बढ़ाकर 31 दिसम्बर 2011 करने का निर्णय लिया. इस अधिनियम के तहत ऐसे व्यक्तियों का, जो गाँव के निवासी, भू-धारी, भूमिहीन श्रमिक या शिल्पी हैं तथा निवास के प्रयोजन के लिये जिन्होंने दखल रहित भूमि पर 23 जून 1980 के पूर्व आवासीय संरचना बना ली थी, उन्हें भूमि स्वामी अधिकार की पात्रता हो जाती है और इस अधिनियम के अन्तर्गत उन्हें विधिवत प्रमाणीकृत किया जाता है. अब यह कट ऑफ डेट 23 जून 1980 से बढ़कर 31 दिसम्बर, 2011 हो गई है.

शहरी झुग्गीवासियों को आवास

शहरी क्षेत्रों में झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवारों को निजी निवेशक की भागीदारी से आवास उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया . इसके लिए री-डेव्हलपमेन्ट ऑफ स्लम्स योजना तैयार की गई है. इसके तहत बहुमूल्य शहरी भूमि पर अव्यवस्थित रूप से बसी झुग्गी-बस्तियों को व्यवस्थित पक्के आवास समूहों में परिवर्तित करके अतिशेष भूमि का व्यवस्थित उपयोग किया जायेगा. योजना का क्रियान्वयन गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल, विकास प्राधिकरण, साडा तथा नगरीय निकाय जैसी विभिन्न शासकीय एजेंसियों द्वारा किया जायेगा. परियोजना के परीक्षण के लिये आवास एवं पर्यावरण, नगरीय प्रशासन एवं विकास और राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव, संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश तथा संबंधित शासकीय एजेंसी के प्रमुख कार्यपालन अधिकारी की एक पर्यवेक्षण समिति गठित की जायेगी.

शासकीय एजेंसी द्वारा चयनित और चिन्हांकित बस्ती के लिये परियोजना प्रस्ताव निर्धारित स्वरूप में तैयार कर पर्यवेक्षण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा. परियोजना प्रतिवेदन को सार्वजनिक कर लोगों से सुझाव प्राप्त किये जायेंगे, जिसमें संबंधित झुग्गीवासियों की आम सहमति आवश्यक होगी. रहवास निर्माण का कार्य निजी निवेशक की भागीदारी से किया जायेगा. आवश्यकता होने पर निजी निवेशक द्वारा रहवासियों के लिये अस्थायी आवासों की व्यवस्था भी की जायेगी. इस परियोजना से बहुमूल्य भूमियाँ, जिन पर झुग्गी बस्ती निर्मित होने के कारण अनियोजित रूप से और अव्यवस्थित विकास हो गया है, उनका नियोजन एवं श्रेष्ठतम उपयोग संभव हो सकेगा.

खिलाड़ी कल्याण कोष

मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की घोषणा के परिपालन में मुख्यमंत्री खिलाड़ी कल्याण कोष की स्थापना का निर्णय लिया. कोष के लिये प्रारंभिक रूप से एक करोड़ की रशि प्रावधानित की गई है. कोष के संचालन के लिये खिलाड़ी कल्याण कोष नियम-2012 बनाये जायेंगे. इसका उद्देश्य मध्यप्रदेश के वर्तमान राष्ट्रीय या अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी, जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश या प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं तथा भूतपूर्व खिलाड़ी जिन्होंने पूर्व में ऐसा किया है, उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाना है. कोष से पात्र खिलाड़ी को एक समय में अधिकतम दो लाख रुपये की सहायता दी जा सकेगी.

यह सहायता तीन श्रेणियों में होगी. लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा घोषित गंभीर बीमारियों के इलाज के लिये, अधिकृत प्रतियोगिताओं के आयोजन के दौरान दुर्घटना में घायल होने पर इलाज के लिए तथा खेल महासंघों द्वारा अनुशंसित ओलम्पिक, एशियाई खेल, राष्ट्र मंडल, विश्व कप खेलों तथा विश्व चैम्पियनशिप एवं एशियाई चैम्पियनशिप की तैयारी के लिये आधुनिक प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिये सहायता उपलब्ध करवाई जायेगी. प्रशिक्षण के लिए सहायता भारत सरकार द्वारा आर्थिक सहायता उपलब्ध नहीं करवाने तथा अपर्याप्त सहायता उपलब्ध नहीं करवाने की स्थिति में दी जायेगी.

प्राथमिक शालाओं के गुरुजी

मंत्रि-परिषद ने प्राथमिक शालाओं में कार्यरत गुरुजियों के लिये 60 वर्ष की उम्र तक ही मानदेय भुगतान के लिये शाला प्रबंधन समिति / पंचायत राज संस्था को अनुदान देने का निर्णय लिया. 60 वर्ष से अधिक उम्र के कार्यरत गुरुजी शैक्षणिक सतर्् अप्रैल 2012 तक कार्य कर सकेंगे. इसके बाद इनकी सेवाएँ निरंतर नहीं की जायेंगी. परंतु ऐसे गुरुजियों से पूर्व में किये गये भुगतान की वसूली भी नहीं की जायेगी. 60 वर्ष पूर्ण करने वाले गुरुजियों के स्थान पर नये गुरुजियों की नियुक्ति नहीं की जायेगी. प्राथमिक शालाओं में अधिकतम आयु के कारण रिक्त होने वाले गुरुजी के पदों पर नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2010 के अनुरूप पद पूर्ति की कार्रवाई की जायेगी.

औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र

मंत्रि-परिषद ने विधानसभा द्वारा पारित संकल्प क्रमांक 50 के परिपालन में तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण को सुदृढ़ और गतिशील बनाने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय स्थित 46 विद्यमान आई.टी.आई का आदर्श आई.टी.आई. में उन्नयन करने तथा शेष 4 जिलों में आदर्श आई.टी.आई. की स्थापना का निर्णय लिया. इसके अलावा 107 विद्यमान आई.टी.आई. को सुदृढ़ कर उनके उन्नयन का भी निर्णय लिया. इस कार्य के लिये आवश्यक पदों का सृजन किया जायेगा.

सैनिक स्कूल, रीवा
मंत्रि-परिषद ने रीवा में संचालित सैनिक स्कूल में अध्ययनरत मध्यप्रदेश के निम्न आय वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृति एवं छात्रवृत्ति की पात्रता के लिये पालकों की आय सीमा में वृद्धि करने का निर्णय लिया. वर्तमान में 2750 रुपये प्रतिमाह तक अभिभावकों की आय वाले सामान्य निम्न आय वर्ग के छात्रों को 12 हजार 750 रुपये छात्रवृत्ति के रूप में दिये जाते हैं. स्कूल में वर्तमान में शिक्षण शुल्क 52 हजार 494 रुपये प्रतिवर्ष लिया जा रहा है, जिसके कारण निम्न और निम्न मध्यम तथा मध्यम आय वर्ग के परिवारों को शिक्षण शुल्क प्रतिपूर्ति में कठिनाई होती है.

इस निर्णय के फलस्वरूप निम्न आय समूह वाले अभिभावकों के बालकों को 52 हजार 494 रुपये की छात्रवृत्ति प्रतिवर्ष तथ अधिकतम 15 हजार रुपये प्रतिमाह आय तक के पालकों के बालकों को प्रतिवर्ष 13 हजार 124 रुपये की छात्रवृत्ति प्राप्त होगी. साथ ही प्रति छात्र प्रतिवर्ष 1500 रुपये गणवेश भत्ते के रूप में सभी छात्रों को अलग से दिये जायेंगे. इस निर्णय से वर्तमान में लगभग 190 छात्रों को लाभ होगा.

अन्य निर्णय
मंत्रि-परिषद ने आयुक्त, चम्बल संभाग, मुरैना के लिये 18 पदों के सेटअप एवं भृत्य के 6 पद संविदा/ आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे जाने की स्वीकृति प्रदान की. मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग के न्यायिक मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिये मुख्यालय तथा भोपाल, जबलपुर, इन्दौर और ग्वालियर संभाग तथा भोपाल, जबलपुर, इन्दौर एवं ग्वालियर के लिये 70 अतिरिक्त पद स्वीकृत किये .

मध्यप्रदेश राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक मर्यादित भोपाल द्वारा शासकीय प्रत्याभूमि पर नाबार्ड से लिये गये ऋण की बकाया राशि 770.64 करोड़ रुपये की अदायगी 6 प्रतिशत ब्याज दर पर 8 वर्षों में 16 समान अर्द्ध-वार्षिक किश्तों में किये जाने का शासन द्वारा निर्णय लिया गया है. बैंक की जुलाई 2011 में देय बकाया किश्त का भुगतान 30 दिसम्बर 2011 को किये जाने के फलस्वरूप अर्जित अप्राप्त ब्याज नाबार्ड प्रभारित किया गया है. अर्जित अप्राप्त ब्याज राशि 31.97 करोड़ रुपये का भुगतान किये जाने का मंत्रि-परिषद ने निर्णय लिया. सर्वशिक्षा अभियान मिशन के अन्तर्गत अनेक कार्यों के लिये सेवानिवृत्त व्यक्तियों की संविदा नियुक्ति की आवश्यकता होती है. मिशन की गतिविधियों पर विपरीत प्रभाव न पड़े, इसके लिये मंत्रि-परिषद ने मिशन के अंतर्गत की जाने वाली संविदा नियुक्तियों को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया से मुक्त रखने का निर्णय लिया. इन सभी नियुक्तियों में संविदा नियुक्ति के लिये सामान्य प्रशासन विभाग के सभी दिशा-निर्देशों व शर्तों का पालन होगा. मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में संचालित 201 मॉडल स्कूलों में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल का पाठ्यक्रम लागू करने का निर्णय लिया.

 

  • शहरी झुग्गीवासियों को आवास
  • खिलाड़ी कल्याण कोष की स्थापना
  • प्राथमिक शालाओं में गुरुजी कर सकेंगे 60 वर्ष उम्र तक कार्य
  • औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र सुदृढ़ होंगे
  • परियोजना प्रतिवेदन से सुझाव प्राप्त किये जायेंगे

 

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