Indian Army Wimansभारत और इसके विवध रूपों को प्रस्तुत रने के प्रति प्रतिबद्ध डिस्कवरी चैनल भारतीय सेना के साथ मिलकर भारतीय सेना की सात महिला अधिकारियों द्वारा अंजाम दिये गए एक बेहद चुनौतीपूर्ण और कामयाब एवरेस्ट अभियान का पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत कर रहा है.

किसी भारतीय दस्ते के, इस बेहद समग्र रूप से फिल्माए गए एवरेस्ट अभियान को डिस्कवरी चैनल अपने एक घंटे के विशिष्ट कार्यक्रम एवरेस्ट: इंडियन आर्मी विमेंस एक्सपीडिशन में भारतीय गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या, शुक्रवार, 25 जनवरी को रात 9 बजे प्रस्तुत करेगा और इसका पुनप्र्रसारण शनिवार, 26 जनवरी को रात 9 बजे होगा.

इस कार्यक्रम में इस पूरे अभियान के सभी पहलुओं को शामिल किया गया है, चाहे ये टीम का चयन हो, प्रशिक्षण औरप तैयारी अथवा एवरेस्ट पर राष्टï्रीय ध्वज फहराया जाना, कार्यक्रम में भारतीय सेना की इन महिला अधिकारियों की मुश्किल यात्रा और उन सभी चुनौतियों को दिखाया जा रहा है जिनका सामना उन्हें पर्वतारोहण से जुड़े इस बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने के दौरान करना पड़ा.ये कार्यक्रम दर्शकों को किसी एवरेस्ट अभियान के बेहद अंतरंग दृश्य दिखाएगा और हिम्मत, निराशा और गौरव का पहले कभी न किया गया अनुभव भी प्रदान करेगा. दर्शक भारतीय सेना में लंबे समय से चली आ रही पर्वतारोहण की परम्परा, एडवैंचर और चुनौती का आनंद भी लेंगे.

ये एक दुर्लभ और कमाल का, 100 प्रतिशत सफल अभियान है. डिस्कवरी चैनल के कैमरामैन ने न सिर्फ अवलांश, उथल-पुथल भरे मौसम और बर्फीली खाइयों जैसी चुनौतियों के बीच पूरी यात्रा को कवर किया, बल्कि सात महिला अधिकारियों के साथ चोटी पर भी चढ़े,जो इस अभियान को और भी विशष्टï बनाता है.
राहुल जौहरी, सीनियर वाइस प्रेजिडेंट और जनरल मैनेजर-दक्षिण एशिया, डिस्कवरी नेटवक्र्स एशिया पेसिफिक ने कहा- एवरेस्ट पर चढऩा इंसान की हिम्मत और संकल्पशक्ति का चरम इम्तिहान है. डिस्कवरी चैनल के लिए इस पर्वत की चोटी पर पहुंचना और भारतीय सेना की सात महिला अधिकारियों द्वारा कियये गए इस रोमांचक अभियान को फिल्म पर उतारना एक बेहद विशिष्ट उपलब्धि रहा है. चैनल ऐसे विशिष्ट कार्यक्रमों और उच्च-गुणवत्ता वाले प्रॉडक्शनों के जरिए भारतीय दर्शकों को प्रेरित करना और उनका मनोरंजन करते रहना जारी रखेगा.

एवरेस्ट: इंडियन आर्मी विमेंस एक्सपीडिशन कार्यक्रम दुनिया की सबसे ऊंची चोटी के माहौल के बारे में विस्तार से वर्णन करेगा. कार्यक्रम, भारतीयसेना की सात महिला अधिकारियों द्वारा पहली बार एवरेस्ट पर चढऩे से जुड़े रोमाच और साहस की पूरी दास्तान बयान करता है. ये दास्तां चोटी पर दक्षिणी रिज मार्ग से चढ़ा जिसका इस्तेमाल माहिर पर्वतारोहियों एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नोरगे ने किया था. डिस्कवरी चैनल के कैमरों ने ऐसे दुर्लभ और अनूठे पलं को कैद किया जिन्हें टेलीविजन पर शायद ही पहले कभी देखा गया हो.

यहां के दृश्यों को अति आधुनिक हाई एल्टीट्यूड शूटिंग टेक्नालॉजी के इस्तेमाल से शूट किया गया, इनमें एक अवलांश, एक बर्फीली खाई में हुई एक शेरपा की दुखद मृत्यु और लोत्से वाले एकदम खड़े हिस्से में चट्टïनों का गिरना शामिल है. इसअभियान दल के साथ जाने वाले, डिस्कवरी चैनल के कैमरामैन गैरी जरमन लमार केअलावा कैमरों को कुछ आरोहियों के हेलमेटों पर भी लगाया गया था ताकि इस कार्यक्रम को रेकार्ड किया जा सके.

सात महिला अधिकारियों और दस पुरुष पर्वतारोहियों की अंतिम टीम का चुनाव करने और उसे तैयार करने में पूरे एक साल के प्रशिक्षण और दो चरण वाली चयन प्रक्रिया को अंजाम दिया गया.टीम के साथ ही सहायक स्टाफ भी था. टीम का नेतृत्व कर्नल अजय कोठियाल (केसी, एससी, वीएसएम) ने किया था और इसमें भारतीय सेना की जो सातमहिला अधिकारी थीं,उनके नाम हैं- कैप्टेन दीपिका राठौड़ (राजस्थान), कैप्टेन नम्रता राठौड़ (उत्तराखंड), कैप्टेन प्राची आर. गोले (महाराष्ट), मेजरएन. लिनयू (नागालैंड), मेजर नेहा भटनागर (राजस्थान), कैप्टेन पूनम सांगवान (हरियाणा) और कैप्टेन स्मिता (कर्नाटक)

 

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