एमआईएस फीडिंग करने वाली संस्था का कारनामा

बैतूल, 21 अक्टूबर नससे. जिला पंचायत बैतूल में अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा कुछ इस तरह देखने में आया कि जिला पंचायत से संबंधित कई अनिवार्य दस्तावेज एक ठेकेदार द्वारा कबाड़ी को बेच दिये गये, लगभग तीन हाथ ठेला रिक्शा में जिला पंचायत से संबंधित कई जरुरी दस्तावेज रोजगार गारंटी योजना में उपयोग की जाने वाली रोजगार पंजी जिला पंचायत द्वारा संचालित की जाने वाली योजनाओं से संबंधित दस्तावेज यह सभी दस्तावेज सरेआम कबाड़ी अपने हाथठेलों में भरकर ले जाते नजर आ रहे थे.

घटना का खुलासा उस समय हुआ जब कबाडि़यों के द्वारा ले जाये जा रहे रिक्शों में रोजगार गारंटी योजना से संबंधित कुछ पंजिया और जरुरी फाइले बड़े पैैमाने पर रिक्शों में रखी हुई दिखाई दी, जब इन रिक्शों को रोककर दस्तावेजों की जांच की गई तो इनमें कई ग्राम पंचायतों से संबंधित आडिट नोट तथा होशंगाबाद जिला पंचायत की पंजिया हाल ही में संपन्न हुए जल उपभोक्ता संथा चुनाव से संबंधित वोटर लिस्ट कबाड़े में बेचे जाने का खुलासा हुआ. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिला पंचायत में इन दस्तावेजों को तैयार करने का काम क्लर्क कालोनी स्थित एनीमार्ट के संचालक को दिया गया था और उसी के द्वारा यह पूरे दस्तावेज कबाडि़यों को बेचने का मामला सामने आया.

इस मामले की पूरी तहकिकात के लिए जब सिविल लाईन स्थित एनीमार्ट के कार्यालय का चक्कर लगाया गया तो संचालक खुद सामने बैठकर जिला पंचायत से संबंधित जरुरी दस्तावेज कबाडि़यों को बेचता नजर आया. इसी दौरान इन कागजों की जब जांच करनी शुरु की गई तो संचालक द्वारा खुलासा करने वालों को कई प्रकार के प्रलोभन भी दिये गये.

इस मामले को लेकर जब जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएनएस चौहान से चर्चा की गई तो उन्होंने पूरे मामले से अपना पल्ला झाड़ते हुए बताया कि पूर्व में इस ठेकेदार द्वारा जिला पंचायत में एमआईएस तैयार करने का काम किया जाता था लेकिन ठेका खत्म होने के बाद अब वह क्या कर रहा है इस मामले से विभाग का कोई लेना देना नहीं.

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