भोपाल,11 नवम्बर.   नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री बाबूलाल गौर की अध्यक्षता में आज यहाँ राज्य शहरी विकास अभिकरण की ग्यारहवीं बैठक हुई. बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) कार्यालयों को सुदृढ़ बनाकर नगरीय हितग्राहियों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन सामान्य को उपलब्घ करवायी जाएगी. डूडा कार्यालयों में पदस्थ मुख्य नगर-पालिका अधिकारियों को अन्य नगरीय निकायों में पदस्थ किया जाएगा और इन कार्यालयों का संचालन पदस्थ परियोजना अधिकारी करेंगे. बैठक में प्रमुख सचिव एम.पी.एस. परिहार, आयुक्त श्री संजय शुक्ला के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित थे. बैठक में तय किया गया कि प्रति वर्ष 2 नवम्बर को सभी नगरीय निकायों में नगरीय सेवा-दिवस का आयोजन किया जाएगा.

प्रदेश के बड़े शहरों में मोबाइल वाहन चलाकर लोगों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं के साथ नगरों में किए जा रहे अच्छे कार्यों की जानकारी उपलब्ध करवायी जाएगी. नगरीय विकास कार्यों में पर्यटन के विकास पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा ताकि नगरीय निकायों की आमदनी में बढ़ोत्तरी हो सके. डूडा में संविदा पर पदस्थ सामुदायिक संगठकों को कार्य एवं उनके प्रदर्शन के आधार पर एक अप्रैल 2012 से 4500 रूपये के स्थान पर 5,000 रूपये मानदेय प्रदान किया जाएगा. गौर ने निर्देशित किया कि नगरीय निकायों के अधिकारी प्रतिदिन नियमित रूप से अपने नगरीय क्षेत्र का भ्रमण करें. स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना में वर्ष 2011-12 में अब तक 2,077 साइकिल रिक्शा एवं हाथ ठेला चालकों को ऋण सहायता उपलब्ध करा दी गई है. पंजीकृत शहरी घरेलू कामकाजी महिलाओं में से 2,552 महिलाओं को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा 2,640 महिलाएँ प्रशिक्षणरत हैं. बैकवर्ड रीजन ग्राण्ट फण्ड योजना में प्रदेश के 29 जिलों के 183 नगरीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की कार्रवाई जारी है. प्रदेश के 24 बड़े शहरों में 69 रैन बसेरे निर्माणाधीन हैं. आश्रय उन्नयन योजना में आवासों के निर्माण के लिए बैंकों से हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं.

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