कोलकाता, 21 अप्रैल. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के तुगलकी फरमान थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। मीडिया की सेंसरशिप और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमले के मामले में चौतरफा आलोचना झेलने के बावजूद उन्होंने एक कार्यक्रम में लोगों से कहा कि वे न्यूज चैनल देखने के बजाय गीत-संगीत वाले कार्यक्रम देखें। उन्होंने लोगों को उन चैनलों के नाम भी गिनवाए जिन्हें देखना चाहिए।

उत्तर 24-परगना जिले में किसान क्रेडिट कार्ड और जमीन का पट्टा बांटने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में ममता ने कहा, सीपीएम के दो-तीन चैनल हैं, जो आपको नहीं देखने चाहिए उनको देखने की बजाय म्यूजिक सुनें। ये चैनल राज्य सरकार की छवि खराब करने के लिए झूठी खबरें प्रसारित कर रहे हैं। आप स्टार जलसा, तारा और चैनल 10 देखें। वैसे, यह पहला मौका है जब उन्होंने मीडिया के खिलाफ यूं खुलेआम मोर्चा खोल दिया है और लोगों को सीपीएम के कथित चैनलों को न देखने की सलाह दे डाली है। उन्होंने कहा,  लोगों को समाचार चैनलों पर झूठी खबरें देखने के बजाय मनोरंजन चैनलों को देखना चाहिए। ममता ने मीडिया पर वार करते हुए कहा कि वह इस कुप्रचार से डरने वाली नहीं हैं और कोई भी आलोचना मुझे विकास का काम आगे बढ़ाने से नहीं रोक सकती।

विधानसभा में विपक्ष के नेता सूर्यकांत मिश्र ने ममता के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है। उन्होंने कहा सरकार ने पहले यह तय किया कि लोग सरकारी पुस्तकालयों में क्या पढ़ेंगे। उसके बाद अब यह तय कर रही है कि वे कौन सा चैनल देखें, कौन सा नहीं। ममता ने एक और प्रोग्राम में मीडिया पर हमला किया। कोलकाता में हुए प्रोग्रेसिव डॉक्टर्स असोसिएशन की एक मीटिंग में उन्होंने शुक्रवार को कहा मैं मीडिया को प्यार करती हूं। कुछ लोग हर समय मीडिया को किसी न किसी खबर के लिए बुलाते रहते हैं और कुछ खास चैनल्स के पास ज्यादा जाते हैं। लेकिन मैं बता रही हूं कि हॉस्पिटल परिसर में न घुसें। यहां तक कि मेरी भी अपनी एक लिमिट है।

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