कांग्रेस 4 से 18 जुलाई तक सभी जिलों में करेगी धरना प्रदर्शन

भोपाल,28 जून,नभासं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने आज हाल ही में आयकर विभाग की छापे की कार्यवाही में भाजपा से जुड़े दो व्यवसायियो के ठिकानों से बरामद दस्तावेजों और राज्य में अवैध रुप से हुए खनन की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है.

भूरिया ने आज पत्रकारों से कहा कि आयकर विभाग की छापे की कार्यवाही में भाजपा से जुड़े व्यवसायी दिलीप सूर्यवंशी और सुधीर शर्मा के ठिकानों से जप्त किये गए दस्तावेजो में शासन से जुडे कुछ दस्तावेज मिले है. उन्होंने कहा कि इन दोनों व्यवसायियों के जप्त दस्तावेजों और काली कमाई की जांच सीबीआई से कराने के लिए वह शीघ्र ही दिल्ली में केन्द्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम को ज्ञापन देंगे.भूरिया ने आरोप लगाया कि सरकार और भाजपा संगठन आयकर विभाग के इस छापे की कार्यवाही में उजागर हो रही सच्चाई की तरफ से जनता का ध्यान बटाने के लिए इन व्यवसायियों से कांग्रेस नेताओं के संबंध होने की बात सामने ला रहा है.

उन्होंने दावा करते हुए कहा कि इन दोनो व्यवसायियों से उनके और किसी कांग्रेस नेता के किसी तरह के संबंध नही है. इस मामले की राज्य सरकार किसी भी जांच एजेंसी से जांच करा ले.उन्होंने कहा कि इस छापे की कार्यवाही से प्रदेश में हो रहे भ्रष्टाचार और अवैध खनन के मामले को जनता के बीच ले जाने के लिए कांग्रेस द्वारा आगामी चार से 18 जुलाई तक प्रदेश के सभी जिलों में धरना प्रदर्शन किया जायेगा और जिलो में दौरों के दौरान मुख्यमंत्री और मंत्रियों को काले झंडे दिखाये जायेंगे.

भूरिया ने कहा कि इन छापों ने साबित कर दिया है कि भ्रष्टाचार के मामले में म.प्र. 8 वर्षों में कर्नाटक से भी बहुत आगे निकल गया है. जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी थी, दिलीप सूर्यवंशी की कंपनियों का सालाना कारोबार 13 करोड़ तक ही सीमित था, जो अब बढ़कर 1200 करोड़ तक पहुंच गया है.

जहां तक खनिज माफिया सुधीर शर्मा की आर्थिक छलांग का प्रश्न है, जो कभी सायकल पर चलता था वह हवाई जहाजों और 10 कंपनियों का मालिक है. भूरिया ने कहा कि दोनों के ठिकानों से 1500 एकड़ से अधिक की जमीनों के दस्तावेज मिले हैं. सत्ता के करीबी सूर्यवंशी के पास भोपाल के निकट नीलबड़, मेंडोरा, मेंडोरी, छपरीगांव, पीपरनेर, बंजारी, अहमदपुर कलां, रातीबड़, सेवनिया गौड़ आदि गांवों में बेनामी जमीनें भी हैं. महिलाओं के नाम पर  21 फ्लैट की रजिस्ट्रियां भी मिली बताते हैं. केरवा के पास कजलीखेड़ा में वहां के सरपंच को चार लाख रूपये देकर 40 करोड़ की जमीन भी सूर्यवंशी ने हथिया ली है. उन्होंने आरोप लगाया कि दिलीप सूर्यवंशी ने ये जमीनें आदि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के लिए औने-पौने भाव पर खरीदकर ”अग्रिम इंतजाम” के बतौर रखी हैं. जब वे मुख्य मंत्री पद पर नहीं रहेंगे, यह संपत्ति उनके नाम पर हस्तांतरित कर दी जाएगी.

इन छापों के दौरान खनिज माफिया सुधीर शर्मा की कंपनी के एक संचालक अभिजीत रेवाड़ीकर के आकृति गार्डन स्थित मकान से एक विदेशी पिस्टल भी बरामद हुई है, जो कागजातों के आधार पर लक्ष्मीकांत शर्मा की होना पाया गया है.उन्होंने कहा कि शर्मा ने 2008 में विधान सभा चुनाव के समय अपनी संपत्ति की जो घोषणा की थी, उसमें इस इटालियन पिस्टल का हवाला नहीं था. उन्होंने विधान सभा को जो जानकारी दी है, उसमें भी इसका जिक्रनहीं हुआ है. उन्होंंने कहा कि छापों में दिलीप सूर्यवंशी के केरवा स्थित फ ार्म हाउस से 50 बोतल विदेशी शराब भी मिली है.

आबकारी अधिनियम 1935 के अंतर्गत चार बोतल से अधिक शराब रखना कानूनन जुर्म है. बरामद की गई शराब तो चार बोतल से कई गुना अधिक है. अत: कांग्रेस की मांग है कि इस संबंध में भी सूर्यवंशी के खिलाफ  तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाकर कानूनी कार्रवाई की जाए.भूरिया ने कहा कि सूर्यवंशी और शर्मा के अवैध कारोबार में मुख्य मंत्री की निर्णायक और खास भूमिका रही है. अत: मुख्य मंत्री से पद से इस्तीफ  लिया जाए.और राज्य में वर्ष 2004 से 2012 की अवधि में हुए संपूर्ण अवैध उत्खनन की सीबीआई से जांच कराई जाए. सुधीर शर्मा के अवैध खनिज कारोबार और विदेशी पिस्टल की बरामदगी के प्रकरण में मंत्री सीधे तौर पर लिप्त हैं. अत: या तो वे स्वयं अपने पद से त्याग पत्र दें या राज्यपाल द्वारा उनको बर्खास्त किया जाए.

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