राजधानी में धूमधाम से मनाया वियजदशमी पर्व, शुक्रवार को आयोजित हुआ महिला मेला

भोपाल, 7 अक्टूबर. राजधानी में शुक्रवार को एक दर्जन से अधिक स्थानों पर बुराई के प्रतीक रावण का पुतला दहन कर विजयादशमी पर्व धूमधाम से मनाया गया. भगवान राम के जयकारों और मनमोहक आतिशबाजी के बीच शहर के प्रमुख दशहरा मैदान छोला मैदान, न्यू मार्केट, बिट्टन मार्केट, बागमुगालिया दशहरा मैदान, एमव्हीएम, शाहपुरा सहित विभिन्न स्थानों पर दशहरा महोत्सव हर्षोल्लास ने मनाया गया. शुक्रवार को छोला दशहरा मैदान में महिला मेला आयोजित किया गया. यहां भरत मिलाप और भगवान की आरती कर महिलाओं ने मेले का लुफ्त उठाया.

मुख्य समारोह शहर के प्राचीन छोला दशहरा मैदान पर हिंदू उत्सव समिति द्वारा आयोजित किया गया. यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बेटी बचाने का संकल्प लोगों को दिलाया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि छोला दशहरा मैदान का कायाकल्प किया जाएगा. यह मैदान सबसे अच्छा और बेहतरीन दशहरा मैदान बनाया जाएगा. उन्होंने हिंदू उत्सव समिति से इस मैदान के लिए प्रस्ताव बनाकर देने की बात कही. दशहरा उत्सव के लिए शाम छह बजे से ही श्रद्धालुओं का मैदान में जमावड़ा होने लगा था. रात आठ बजे तक मैदान में पांव रखने तक की जगह नहीं बची. रात आठ बजे जैसे ही रावण रथ, और वानर सेना और भगवान राम के रथ ने मैदान में प्रवेश किया वैसे ही जयकारों से मैदान गूजं गया. रावण दहन से पहले भगवान राम का अभिषेक किया गया. रात करीब पौने ग्यारह बजे रावण का पुतला दहन किया गया. इसके बाद शानदान आतिशबाजी से आसमान रंग गया. रात साढ़े ग्यारह बजे तक चला रंगारंग आतिशबाती का सिलसिला देखने के लिए लोगों का हुजूम दशहरा मैदान और उसके आसपास जमा रहा. शुक्रवार को छोला दशहरा मैदान में भरत मिलाप और भगवान राम, सीता लक्ष्मण, शत्रुहन एवं हनुमान जी की आरती की गई. इस अवसर पर मैदान में महिला मेला का आयोजन किया गया.

टीटी नगर में आकर्षक आतिशबाजी
टीटी नगर दशहरा मैदान में रावध मेघनाद और कुंभकरण के पुतले दहन कर आकर्षण आतिशबाजी की गई. दशहरा आयोजन में शामिल होने लोगों का हुजूम उमड़ा. यहां कार्यक्रम के मुख्यअतिथि प्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव ने अपने भाषण में भगवान राम के द्वारा दिखाए गए आदर्श पर चलने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के द्वारा जिए गए जीवन और उनके द्वारा दिखाए गए सच्चाई के मार्ग पर चलकर हम सभी लोगों को एकता की मिसाल कायम करना चाहिए.  इसके अलावा कोलार में आयोहित दशहरा उत्सव में 61 फीट का रावण दहन किया गया. बागमुगालिया में आयोजित दशहरा उत्सव में शाम छह बजे रामलीला का प्रदर्शन लोगों को मंत्रमुग्ध कर गया. यहां खास प्राकृतिक और रमणीक वातावरण झरना पहाड़ आदि के बीच मैदान में 25 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी. दशहरा उत्सव समिति द्वारा रावण दहन के बाद जोरदार आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया.

चल समारोह में देर रात तक शामिल हुई झांकियां
राजधानी में शुक्रवार रात आठ बजे से दुर्गा प्रतिमा विर्सजन चल समारोह का शुभारंभ हुआ. हालांकि झांकियों के चल समारोह स्थल पर निकलने का सिलसिला दिन से ही शुरू हो गया था. रात आठ बजे तक समारोह में आकर्षक विद्युत साज सज्जा से सजी झिलमिलाती झांकियों को देखने चल समारोह के मार्ग पर दोनों तरफ लोगों की भीड़ जमा हो गई. देर रात तक से लोग अपने स्थान पर जमे रहे और माता भवानी की मनमोहक प्रतिमा और झांकियों का दर्शन करते रहे. चल समारोह मार्ग पर कई स्थानों पर स्वागत मंच लगाए गए हैं. इन मंचों पर से झांकियों को पुरस्कृत किया जाएगा.

चल समारोह हमीदिया रोड व भारत टाकीज से शुरू हुआ. समारोह में शामिल हुई झांकियां बस स्टेंंड से होते हुए घोड़ा नक्कास, जनकपुरी, सिंधी मार्केट, कमला पार्क, होते हुए प्रेमपुरा घाट की और पहुंची. कुछ झांकियों के विर्सजन का सिलसिला शुक्रवार हो की शुरू हो गया जबकि बड़ी झांकियां अलसुबह तक दुर्गा प्रतिमाएं प्रेमपुरा घाट पर विसर्जित की जाएंगी. इसके अलावा शहर के खटलापुरा घाट, प्रेमपुरा घाट और भेल क्षेत्र के हथाईखेड़ा डेम पर भी प्रतिमा विसर्जित की गई. समारोह में झांकियों के साथ ढोल नगाड़े के साथ अखाड़े भी शामिल हुए.

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