बैरागढ़ 10 मई (संवाददाता) संत हिरदाराम नगर में जोन 1 में पेयजल समीक्षा बैठक आयोजित की गई जिसमे महापौर कृष्णा गौर, अपर आयुक्त अरविंद दुबे, जोन 1 के चारो पार्षद नगर निगम के कई स्थानीय कर्मचारी मौजूद थे.

पार्षदो ने कई समस्याओं से महापौर को अवगत कराया. उधर समीक्षा बैठक में उपस्थित एक भाजपा नेता ने कर्मचारियो पर कई आरोप लगाए और कहा क्षेत्रीय पार्षदो का दबाव नहीं है इसकी वजह से खुले आम लोगो से चोद वसूली में जूूटे हुए है अगर ये इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो आाने वाले चुनावो में भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पडेगा ये आरोप एक स्थानीय भाजपा नेता ने लगाए उधर जोन 1 के अध्यक्ष व वार्ड 3 की पार्षद श्रीमती ईश्वरी नाथानी पेय जल बैठक मे महापौर को अवगत कराया ओर कहा कि एडीबी के तहत जो पेयजल पाईप लाइन डली है. उसी की तरह जो क्षेत्र छुट गए है उन क्षेत्रो में पाईप लाइन डाली जाए.

जिन क्षेत्रो में पेयजल की समस्या बनी हुई है वहां सिन्टेक्स की टंकियां रखकर पानी सप्लाई किया जाए. वार्ड 1 की पार्षद श्रीमती शमीम नासिर ने अपने क्षेत्र की समस्या रखी ओर कहा कि जो क्षेत्र एडीबी योजना के तहत छुट गये है उन क्षेत्रो में सडक व पेयजल सप्लाई हेतु पाइ्रप लाइन डाली जाए उन्होने अन्य समस्याओ से महापौर को अवगत कराया. वार्ड 2 के पार्षद श्री कृष्ण मोहन सोनी ने भी पेयजल से संबंधित चर्चा की उधर समीक्षा बैठक के बाद भाजपा नेता राजन धनवानी ने पत्रकारो को जानकारी देते हुए बताया कि सफाई कामगार क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं देते जब कि एडीबी योजना के तहत जिन लोगो ने नल कनेक्शन लिए है उनसे 1550 रु. लेकर नल कनेक्शन दिए गए है. जबकि, गरीबो के लिए 30 रु. प्रतिमाह लेकर पानी दिए जाना तय किया था लेकिन जो गरीबी की रेखा से नीचे कर जीवनयापन कर रहे है उनसे 180 रु. प्रतिमाह भुगतान कर उन्हे पानी मिल पा रहा हैं. जबकि इसका लाभ धनवान लोग ले रहे है और ये सब कुछ पीएचई विभाग के कर्मचारी व उनकी मिलीभगत से हो रहा है.

पीएचई के सहायक यंत्री नासिर पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है ओर वे मटमेला पानी पीने को मजबूर है. अगर संत हिरदाराम जी की संस्था द्वारा पानी सप्लाई नहीं किया जाता तो बैरागढ को शुद्ध पानी मिल पाना मुश्किल हो जाता. उन्होने यह भी आरोप लगाए गए है कि नगर निगम कर्मचारियो पर लगाम नहीं कसी गई तो वे भ्रष्ट कर्मचारियो की शिकायत लोकायुक्त में करेगे और वे किसी से नहीं डरेगे. स्थानीय पार्षदो व कोई दबाव नहीं है इस वजह से क्षेत्र की जनता रिश्वत देकर काम कराने पर मजबूर हो रही है. अगर इस पर लगाम नहीं कसा गया तो इसका खामियाजा आने वाले चुनावो में हमको भुगतना पडेगा.

Related Posts: