चीन में भी राज्य की प्रारंभिक शिक्षा नीति होगी लागू

भोपाल, 23 अप्रैल, नभासं. चीन सहित दुनिया के घनी आबादी वाले 8 देश में मध्यप्रदेश की प्रारंभिक शिक्षा रणनीति लागू होगी. दिल्ली में यूनेस्को की हाल ही आयोजित अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया.

मध्यप्रदेश में पायलट आधार पर लागू सामान्य गुणवत्ता विश्लेषण कार्यक्रम की इस दौरान सराहना हुई. इस अवसर पर आयोजित बैठक में तय किया गया कि मध्यप्रदेश में सामान्य गुणवत्ता विश्लेषण कार्यक्रम को इस वर्ष अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा. प्रदेश में आए परिणामों को आधार बनाकर इसी स्वरूप में यह कार्यक्रम सबसे पहले देश के सभी राज्यों में लागू किया जाएगा. वर्ष 2014 तक प्रारंभिक शिक्षा के लिए तय लक्ष्यों को प्राप्त किया जाएगा.

इसके बाद इस कार्यक्रम को दुनिया के घनी आबादी वाले देशों चीन,ब्राजील, पाकिस्तान, बंगलादेश,नाईजीरिया, मेक्सिको, इंडोनेसिया और मिस्र में लागू किया जाएगा.उल्लेखनीय है कि यूनेस्को द्वारा वर्ष 2011 में सामान्य क्षिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से पेरिस में सामान्य शिक्षा विश्लेषण कार्यक्रम विकसित कर लागू करने की अनुशंसा की थी. इस अभियान में खर्च होने वाली धन-राशि यूनेस्को द्वारा दी जाएगी. नई दिल्ली में 16 से 21 अप्रैल तक सम्पन्न कार्यशाला में कार्यक्रम के तहत 14 उपकरण विकसित किए गए हैं. यूनेस्को में प्रारंभिक और उच्च शिक्षा खण्ड संचालक  मारोपी भी इस दौरान मौजूद थीं. इन्फार्मेन एण्ड कम्युनिकेन टेक्नालॉजी के मार्फत शिक्षा को मौजूदा जरूरतों पर आधारित बनाने का यह विश्व में अपनी तरह का अनूठा कार्यक्रम है. इस छह दिवसीय कार्यशाला में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमरजीत सिंह विभिन्न देशों के प्रतिनिधि यूनेस्को के शीमेरू ओयामी, एनसीईआरटी की संचालक सहित मध्यप्रदेश राज्य शिक्षा केन्द्र के अधिकारी उपस्थित थे.

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