कटौती पर भड़का आक्रोश, किसान लामबंद

रतलाम, 14 अक्टूबर. अघोषित विद्युत कटौती से त्रस्त ग्रामीणों ने सिमलावदा-बिरमावल में विद्युत विभाग के विरुद्ध नारेबाजी कर बिरमावल बंद रखा. हजारों आक्रोशित किसानों ने विद्युत मंडल कार्यालय का घेराव कर विद्युत की शव यात्रा निकाली और अंतिम संस्कार किया.

क्षेत्र में हो रही बेहताशा विद्युत कटौती के चलते जन आक्रोश बढ़ता जा रहा है बिलपांक में जिला कांग्र्रस अध्यक्ष कोमल धुर्वे के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्र्रेस कार्यकर्ताओं ने किसानों के साथ मिलकर विद्युत मंडल कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी की और आक्रोशित ग्र्रामीण शेड्यूल अनुसार बिजली सप्लाय की मांग कर रहे थे. ग्र्रामीण क्षेत्र में 24 घंटों में मात्र 1 या 2 घंटे की बिजली मिल पा रही है जिससे किसानों को कई परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस मौके पर सरवड़, अम्बोदिया, ढिकवा, शिवपुर सहित अनेक ग्र्रामीण क्षेत्र से किसान उपस्थित थे. महू-नीमच हाईवे बिलपांक फंटे से कार्यकर्ताओं ने बिजली की शव यात्रा निकाली और विद्युत मंडल कार्यालय के सामने शवयात्रा का अंतिम संस्कार किया. और धरना दिया तथा शोकसभा आयोजित की गई शोकसभा में कांग्र्रेस जिला अध्यक्ष श्रीमती कोमल धुर्वे सहित अनेक कार्यकर्ता व किसानों ने भाषण दिए.

  •  ज्ञापन दिया

आक्रोशित किसानों ने विद्युत मंडल के विरुद्ध जंगी प्रदर्शन करते हुए अतिरिक्त अधीक्षण यंत्री अशोक शर्मा की ज्ञापन नहीं दिया और वरिष्ठ अधिकारी को मौके पर बुलाने के लिए कहा उसके बाद रतलाम से पहुंचे अधीक्षण यंत्री सीताराम बामने को ज्ञापन दिया और समय पर शेड्यूल अनुसार बिजली देने की मांग की और लिखित आश्वासन लिया कि क्षेत्र में 6 घंटे बिजली सप्लाय देंगे तब कहीं जाकर ग्र्रामीण किसान माने और धरना समाप्त किया.

  •  प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

विद्युत की अघोषित कटौती से पीडि़त किसानों को संभालने के लिए ग्र्रामीण एसडीओ दिनेशचंद्र, तहसीलदार संजय वागमारे, नगर पुलिस अधीक्षक जेएस वर्धमान, बिलपांक थाना प्रभारी एमएल पुरोहित सहित बड़ी संख्या में पुलिस कर्मचारी उपस्थित थे.

कई हिस्सों में बिजली संकट गहराया

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। बारिश व हड़ताल सहित कई कारणों से कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण दिल्ली, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में बिजली की कमी ने शुक्रवार को देशव्यापी संकट का रूप अख्तियार कर लिया।

कई राज्यों को दिन में तीन से चार घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है और यह संकट और गहराने की संभावना है, जबकि केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने गुरुवार को कोयला आपूर्ति बढ़ाने के लिए कई कदमों की घोषणा की है।  एक बयान में कहा गया था कि विद्युत क्षेत्र के लिए कोयले की अधिक उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए कोयला मंत्रालय ने चालू महीने के दौरान विद्युत क्षेत्र को ई-नीलामी के कुछ कोयले उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।  कोयले की आपूर्ति की मौजूदा नीति के अनुसार कोयले की कुल उपलब्धता का 10 प्रतिशत हिस्सा ई-नीलामी के लिए रखा जाता है।

जायसवाल ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि कोयले की लदाई मौजूदा 153 रेक प्रतिदिन से बढ़ाकर तत्काल 180 रेक प्रतिदिन कर दिया जाए। इनमें से 145 रेक विद्युत क्षेत्र के लिए आरक्षित हैं। विद्युत उत्पादक संघ के महानिदेशक अशोक खुराना ने कहा कि सरकार की ओर से उठाए गए इस पहले कदम का हम स्वागत करते है। इससे तात्कालिक कोयला संकट से निपटने में निश्चितरूप से मदद मिलेगी। कोयले की कमी के पीछे मुख्य कारण कोयला उत्पादन वाले कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश, सरकारी स्वामित्व वाले कोल इंडिया के कामगारों द्वारा पिछले सप्ताह किया गया दो दिवसीय हड़ताल और आंध्र प्रदेश में पृथक तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर जारी हड़ताल से खनन में पैदा हुआ व्यवधान शामिल है। इसके परिणामस्वरूप देश में विद्युत उत्पादन की सबसे बड़ी कंपनी, सरकारी स्वामित्व वाली राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम की कई इकाइयों में दो दिनों से कोयले की आपूर्ति ठप्प है।

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