रतलाम/ नीमच / महिदपुर / तिरला / शाजापुर से नवभारत टीम
मालवा अंचल में गहराए बिजली संकट से ग्रामीण-किसान त्रस्त हो गए हैं. उनका धैर्य जवाब दे गया है और वे अब अपना आक्रोश प्रकट करने सड़कों पर उतर रहे हैं. इसके अलावा कई जगह खाद भी उपलब्ध नहीं हो रहा है.

रतलाम में अघोषित विद्युत कटौती के चलते सैकड़ों ग्रामीणजन ग्रामीण विधायक के साथ सड़क पर उतरे. बिजली अधिकारियों को 4 दिन का समय देकर विद्युत प्रदाय व्यवस्था को सुचारू रुप से करने की मांग की गई. समस्या के निदान के लिए रतलाम ग्रामीण कांग्रेस के नेतृत्व में जनप्रतिनिधि, जनपद सदस्य सरपंच पंच एवं शहर कांग्रेस के पदाधिकारियों ने मिलकर प्रदर्शन किया. रैली निकाली गई. विद्युत अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव किया सड़क पर  बैठ गए।

महिदपुर क्षेत्र के किसान रबी फसल के लिए नियमित बिजली न मिलने, ट्रांसफार्मरों के लिए मारे-मारे फिरते सड़क व अन्य समस्याओं को लेकर विधानसभा युवा कांग्रेस के नेतृत्व में विशाल धरना तहसील प्रांगण में रखा गया. चार घंटे तक चले इस धरने में महिदपुर की पूरी कांग्रेस उपस्थित थी. एसडीओ शैलेन्द्रसिंह को युवा कांग्रेस ने ज्ञापन दिया. नीमच के जावद विधानसभा क्षैत्र में इस रबी सीजन के दौरान भयंकर बिजली कटौती हो रही है. कांग्रेस नेता राजकुमार अहीर ने कहा कि जितनी मांग है, उतना ही हॉर्सपावर का अस्थाई कनेक्शन दिये जाए. अन्यथा विद्युत मण्डल का घेराव, तालाबंदी एवं अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा. तिरला/धार बेहताशा विद्युत कटौती के विरोध मे जिला  कांग्रेस एवं भारतीय किसान संघ ने तिरला एवं धार में धरना देकर ज्ञापन सौंपे।  सोमवार दोपहर को तिरला विद्युत विभाग के सामने विद्युत कटौती के विरोध मे धरना दिया.

खाद के लिए कतार… लौटे खाली हाथ
शाजापुर. रबी की बोवनी के साथ ही खाद के लिए कतार लगना शुरू हो गई है. खाद मिलने की खबर लगते ही सोमवार को विपणन संघ के गोदाम पर किसानों की कतार लग गई. लेकिन दोपहर तक एनपीके खत्म हो गया, जिससे कई किसान खाली हाथ लौटे. हालाकि किसानों को यूरिया जरूर मिल गया. अब एनपीके, डीएपी और कब आएंगी ये बताने में विभाग असमर्थ है. जिले में चने की बोवनी लगभग पूरी होने को है और गेहूं की बोवनी भी शुरू हो गई है. इसके साथ ही किसानों को खाद की दरकार भी बढ़ गई है. साथ ही खाद की कमी की खबरों के साथ उनके माथे पर चिंता की लकीरें उभरने लगी हैं.

जिसकी बानगी सोमवार को दिखाई दी, जब किसानों को खबर लगी कि खाद मिलने वाला है. सुबह 10 बजे से ही विपणन संघ गोदाम पर किसान जमा होने लग गए. दोपहर होते-होते किसान बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए. जहां प्रत्येक किसान को पावती पर 5 बोरी एनपीके और 10 बोरी यूरिया दिया गया. हालाकि ये खाद भी किसानों के लिए कम था. लेकिन दोपहर होते-होते एनपीके खत्म हो गया. जिससे किसानों के चेहरों पर नाराजगी छलक आई. किसानों का कहना था कि अभी उन्हें एनपीके और डीएपी अधिक मात्रा में चाहिए, लेकिन एनपीके खत्म हो गया है और डीएपी भी नहीं है. हालाकि यूरिया के उपयोग में देरी है लेकिन पिछले वर्षों की स्थिति देखते हुए किसान यूरिया भी इकठ्ठा करने में लग गया है. वहीं विभाग के पास अभी जितना यूरिया उपलब्ध है उसे ऊंट के मुंह में जीरा भी नहीं कह सकते. साथ ही खाद कब तक आएगा इस बारे में भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं है किसी के पास. जिससे एक बार फिर से हर बार की तरह किसानों के आंदोलन व प्रदर्शन से इनकार नहीं किया जा सकता.

Related Posts:

करोड़ों का निकला प्राधिकरण का कार्यपालन यंत्री
शिवराज होंगे भाजपा की पहली पसंद!
रतलाम में 11 अक्टूबर को पाटीदार समाज की महापंचायत
नरेंद्र गिरी महाराज ने किया सिंहस्थ का शंखनाद
रायसेन में अधिकारियों ने जब्त किए रेत माफिया के पांच ट्रैक्टर, पुलिस को देख भागे...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे खजुराहो, महोबा के लिए हुए रवाना