कैबिनेट फैसला: डीए के साथ दीवाली से पहले तनख्वाह

भोपाल,3 अक्टूबर. मप्र सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों को दीपावली का दोहरा तोहफा मिल गया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में  मंत्रिपरिषद ने  महंगाई भत्ते में अक्टूबर से ही 6 फीसदी वृद्धि का निर्णय लिया है. पेंशनर्स को भी महंगाई राहत में इतनी ही वृद्धि होगी. जबकि उन्हें अक्टूबर का वेतन दीपावली से पहले 25 अक्टूबर तक मिल जाएगा.

अध्यापकों और पंचायतकर्मियों के महंगाई भत्ते में 10 प्रतिशत वृद्धि भी इसी महीने से लागू होगी.कैबिनेट बैठक के बाद जनसंपर्क मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि महंगाई भत्ता और राहत बढ़ाने से इस वित्त वर्ष के बाकी छह महीने में सरकारी खजाने पर 377.40 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ आएगा. सालाना अतिरिक्त भार 905.76 करोड़ होगा. उन्होंने बताया कि इस माह वेतन 24 या 25 तारीख को दिया जाएगा. उधर,पंचायतराज संस्थाओं तथा स्थानीय निकायों के अध्यापक संवर्ग और पंचायत सचिवों को 10 प्रतिशत की दर से मिलेगा मंहगाई भत्ता, वर्तमान में शासकीय सेवकों और पेंशनरों को 45 प्रतिशत की दर से   मंहगाई भत्ता/मंहगाई राहत प्राप्त हो रहा था अब मंहगाई भत्ते/ मंहगाई राहत में 6 प्रतिशत की वृद्धि से इन्हें 51 प्रतिशत की दर से मंहगाई भत्ता/ मंहगाई राहत प्राप्त होने लगेगा.

पंचायतराज संस्थाओं तथा स्थानीय निकायों के अध्यापक संवर्ग और पंचायत सचिवों को 10 प्रतिशत की दर से मिलेगा मंहगाई भत्ता,  यह वृद्धि माह अक्टूबर 2011 के वेतन/पेंशन जो माह नवम्बर, 2011 में देय है से प्रभावशील होगी. वर्तमान में शासकीय सेवकों और पेंशनरों को 45 प्रतिशत की दर से मंहगाई भत्ता/महंगाई राहत प्राप्त हो रहा था अब मंहगाई भत्ते/महंगाई राहत में 6 प्रतिशत की वृद्धि से इन्हें 51 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता/ महंगाई राहत प्राप्त होने लगेगा.

नौ महीने बाद मिला छह प्रतिशत डीए

राज्य कर्मचारियों को आखिरकार छह प्रतिशत मंहगाई भत्ता मिलना तय हो गया है. सोमवार को हुई घोषणा के बाद अब अक्टूबर माह के वेतन के साथ राज्य कर्मचारियों को छह प्रतिशत डीए दिया जाएगा. हालांकि कर्मचारियों को डीए का भुगतान दीवाली के बाद ही हो पाएगा. केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों जनवरी 2011 से छह प्रतिशत डीए दिए जाने की घोषणा कर दी थी. इसके बाद केंद्र सरकार ने जुलाई माह में एक बार फिर मंहगाई भत्ते में बढ़ोत्तरी करते हुए सात प्रतिशत कर दिया गया. जबकि राज्य सरकार इसमें नौ महीने पिछड़ गई. मध्य प्रदेश सरकार ने अक्टूबर माह से कर्मचारियों को छह प्रतिशत मंहगाई भत्ता दिया जाना घोषित किया है.

अगर केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते से तुलना की जाए तो इस घोषणा में कर्मचारियों को नौ माह का डीए नहीं मिल सका. जो कि जनवरी से ही दिया जाना था. प्राप्त जानकारी के अनुसार यदि राज्य सरकार राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान जनवरी से ही डीए का भुगतान करती तो इससे राज्य सरकार के खजाने पर 639 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार बढ़ जाता. जबकि वर्तमान में की गई घोषणा के अनुसार अब राज्य को सिर्फ 249 करोड़ रुपए ही राज्य कर्मचारियों को महंगाई भत्ते के रूप में देने पड़ेगें. इससे जहां कर्मचारियों को पिछले नौ महीने का महंगाई भत्ता नहीं मिल सका, वहीं राज्य सरकार के खजाने पर भी 390 करोड़ रुपए की बचत हो गई.

यहां यह भी बता दे की केंद्र सरकार ने इस वर्ष में दो बार डीए दिया है, यानि जनवरी माह से छह प्रतिशत और जुलाई से इसे एक प्रतिशत बढ़ाकर सात प्रतिशत कर दिया. जबकि राज्य सरकार ने अक्टूबर माह से डीए दिया जाना स्वीकृत किया है जो कि छह प्रतिशत है. कर्मचारी वर्ग में डीए मिलने से जहां खुशी और उत्साह है, वहीं कई कर्मचारी संगठन राज्य सरकार पर केंद्र के समान डीए नहीं दिए जाने से और एरियर्स का भुगतान नहीं करने पर विरोध जता रहे हैं.

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