मध्यप्रदेश की शिक्षा मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे स्कूलों के आसपास शीघ्रता की भावना से अतिक्रमण को हटाएं. मंत्री जी के निर्देश की सार्थकता राजधानी भोपाल से ही शुरू होनी चाहिए तभी यह मुहिम का रूप ले सकेगी. भोपाल के शाहजहांनाबाद क्षेत्र में एक सरकारी हायर सेकेण्ड्री स्कूल है जिसे ”मॉडल स्कूल” नाम दिया गया है. इसका स्कूल के पास एक विशाल खेल का मैदान था जिसे लोग ”मॉडल ग्राउंड” के नाम से जानते हैं. यहां एक अरसे तक इस स्कूल के व अन्य टीमों के हॉकी, फुटबाल के खेल, मैच व टूर्नामेंट हुआ ही करते हैं. आज वह पूरा मैदान मोटर मैकेनिकों का गुमटीनुमा वर्कशॉप बन चुका है.

मंत्री जी के निर्देशानुसार सबसे पहले मॉडल ग्राउंड से सभी वर्कशाप व निर्माण तोड़ कर हटा दिया जाए और उसे फिर से मैदान बनाकर मॉडल स्कूल के प्रिंसिपल के कब्जे में दे दिया जाए. इस मैदान और स्कूल के बीच में थाना शाहजहांनाबाद स्थित है. पुलिस को यह जिम्मेदारी सौंपी जाए कि वह हमेशा इस पर कड़ाई से नजर रखें कि वहां दोबारा अतिक्रमण न हो और खाली मैदान में आवारा गुंडों की आवक व बैठक न हो. पहले लगभग सभी सरकारी स्कूलों के ग्राउंड होते ही थे. आज वे सब अतिक्रमण से खत्म हो चुके हैं. राज्य खेल विभाग और शिक्षा विभाग पुलिस के सहयोग से इन सभी स्कूली ग्राउंडों को अतिक्रमण से मुक्त कराये और नियमित रूप से वहां खेलों के आयोजन होते रहने चाहिए. निर्देश व घोषणाओं पर अमल भी होना चाहिए अन्यथा उनका कोई अर्थ ही नहीं है.

 

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