बाजा एसएई इंडिया के लिए 100 टीमों में होगा मुकाबला

इन्दौर, 23 नवंबर. महिन्द्रा समूह का उद्देश्य लोगों के उत्थान में सहायता देना  है. कंपनी  मुख्य उद्योगों में परिचालन करती है, इसी उद्देश्य से कंपनी श्रोष्ठ इंजीनियरों की टीम तैयार कर रही है. बाजा का एलिमिनेशन राउंड के लिए 100 टीमों का चयन किया गया है. जो 17 से 19 फरवरी 2012 के बीच  पीथमपुर में नाट्रिप साइट पर अपने सपने के वाहनों के साथ मैदान में उतरेंगे और अपने कौशल समझ, आटोमोबाईल के प्रति अपने जज्बे का प्रदर्शन करेंगे.

कंपनी  आर्थिक विकास को आगे बढ़ाते हैं. इसका ट्रैक्टर उपयोगिता वाहन, सूचना प्रौद्योगिकी और वैकेशन ओनरशिप में  है. महिंद्रा की ऑटोमोटिव उद्योग, कृषि व्यवसाय, एयरोस्पेस, कल-पुर्जें, परामर्श सेवाओं, रक्षा, ऊर्जा, वित्तीय सेवाओं, औद्योगिक उपकरण, संचार तंत्र, रियल इस्टेट, खुदरा, इस्पात और दोपहिए के क्षेत्रों में मौजूदगी है. एसएई इंडिया ऑटोमोटिव इंजीनियरों की एक प्रोफेशनल इंजीनियरिंग सोसाइटी है, जिसका दृष्टिïकोण मानवता की सेवा में मोबोलिटी उद्योग में प्रैक्टिशनरों के ज्ञान के आधार को लगातार समृद्ध करना है. यह यूएसए स्थित 105 साल पुरानी एसएई इंटरनेशनल की एक सहयोगी है. एसएई इंडिया में 3000 नियमित सदस्य हैं और 30,000 छात्र सदस्य हैं. डॉ. केसी वोरा, सलाहकार बाजा एसएई इंडिया और उपनिदेशक और एआरएआई एकेडमी के प्रमुख, एआरएआई, पुणे के अनुसार यह एक अनोखा आयोजन है, जिसमें कक्षेत्तर शिक्षा और प्रायोगिक अनुभव का मिश्रण है, जिससे इंजीनियरिंग के छात्रों के बीच नेतृत्व की क्षमता, मिल जुलकर काम करने की भावना और खोजपरकता बढ़ाई जा सके. आयोजकों, तकनीकी निरीक्षकों और जजों के रूप में ऑटोमोटिव उद्योग की भागीदारी से भारी संख्या में प्रोफेशनल्स और तकनीशियनों की ऊर्जा और रचनात्मकता को प्रोत्साहन मिला है. हर साल बाजा एचआर सम्मेलन के आयोजन के तुरंत बाद, स्पांसर करने वाले उद्योगों द्वारा चुनिंदा छात्रों को ऑन द स्पॉट ऑफर लेटर दे दिया जाता है. खासकर भारत में जहां हमारा उद्योग वैश्विक पैमाने पर तेजी से परिपक्व हो रहा है. हमें भारी संख्या में समर्पित और पात्र प्रतिभाशाली युवाओं को भर्ती करने की योजना बनानी होगी.

एनएटीआरआईपी के अतिरिक्त निदेशक और लाइट हैड, डॉ. एन करुपैया ने कहा- एनएटीआरआईपी (नेशनल ऑटोमेटिव टेस्टिंग एंड आरएंडडी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट) को बाजा एसएई इंडिया से जुडऩे में टॉर्चर मोटो-क्रॉस टैक के लिए 268 एकड़ जमीन दी है. अन्य प्रायोजकों में एआरएआई, आनंद ग्रुप, एएनवाईएस, बीपीसीएल, सीयूएमएमआईएनएस, ईएटीओएन, फिएट, जनरल मोटर्स, जॉन डीरे, जॉनसन मैथे, नाट्रिप वैरॉक आदि शामिल हैं. एएनएसवाईएस ने टीमों को विशेषण का व्यापक रूप से प्रशिक्षण दिया है और इसके अलावा अपना सिम्यूलेशन और डिजाइन सॉफ्टवेयर प्रदान किया है, जबकि ब्रिग्स एंड स्ट्रैटन लागत में सब्सिडी के साथ नए इंजिनों का स्पांसर कर रहा है. बाजा एसएई इंडिया के संयोजक महेन्द्र कुमार ने पुष्टि की- हम लोम्बार्डिनी से ब्रिग्स एंड स्ट्रैटन में स्थानांतरण कर रहे हैं, ताकि वर्ष 2013 को अंतर्राष्ट्रीय आयोजन बना सकें. चूंकि दुनियाभर की टीमें बाजा वाहनों में ब्रिग्स एंड स्ट्रैटन इंजिन का इस्तेमान कर रही है.

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